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किसने कराई थी प्रणब, वीके सिंह जासूसी: भाजपा अध्यक्ष ने WhatsApp मुद्दे पर सोनिया से पूछा

पार्टी ने सोनिया गाँधी से पूछा है कि उनके सत्ता काल में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री और बाद में राष्ट्रपति बने, प्रणब मुखर्जी और तत्कालीन सेना प्रमुख वी के सिंह की जासूसी करने के लिए दस जनपथ से आदेश किसने जारी किए थे।

सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्षा सोनिया गाँधी के वॉट्सऐप जासूसी कांड से जुड़े आरोपों पर पलटवार किया है। भाजपा ने कहा है कि सरकार की ओर से जवाब देते हुए कानून और संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पहले ही सरकार की स्थिति साफ़ कर दी थी। पार्टी ने सोनिया गाँधी से पूछा है कि उनके सत्ता काल में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री (और बाद में राष्ट्रपति बने) प्रणब मुखर्जी और तत्कालीन सेना प्रमुख (और बाद में भाजपा में शामिल हो जाने वाले) वी के सिंह की जासूसी करने के लिए दस जनपथ से आदेश किसने जारी किए थे

गौरतलब है कि कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्षा सोनिया के हवाले से समाचार एजेंसी एएनआई ने कहा था कि मोदी सरकार ने नेताओं और पत्रकारों की जासूसी की थी। उन्होंने सरकार पर इसके लिए इजराइल से पेगासस सॉफ्टवेयर खरीदने का आरोप लगाया और यह भी कहा कि ये गतिविधि केवल अवैध और असंवैधानिक ही नहीं, शर्मनाक भी है। सोनिया गाँधी ने यह बयान कथित तौर पर पार्टी के महासचिवों, राज्य प्रमुखों और अन्य अनुषांगिक संगठनों के प्रमुखों को सम्बोधित करते हुए दिया था।

इसी समय उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियों की वजह से पिछले 6 सालों में कथित तौर पर 90 लाख नौकरियों का नुकसान हुआ है, हालाँकि उन्होंने इस आँकड़े का कोई स्रोत नहीं बताया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि वित्तीय साल की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ दर केवल 5% रही और बेरोजगारी दर चिंताजनक रूप से 8.5% रही

इसके जवाब में एएनआई के ही ट्वीट को रीट्वीट करते हुए नड्डा ने सोनिया गाँधी के यूपीए काल में उठे जासूसी के आरोपों की याद दिलाई और कहा कि सरकार ने इस मुद्दे पर अपनी सफाई पहले ही पेश कर दी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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