Tuesday, April 13, 2021
Home राजनीति पहले शिव भक्त, फिर राम भक्त और अब हनुमान भक्त बने कमलनाथ: MP में...

पहले शिव भक्त, फिर राम भक्त और अब हनुमान भक्त बने कमलनाथ: MP में हनुमान चालीसा पढ़ेगी कॉन्ग्रेस

कमलनाथ 4 अगस्त के दिन एक बड़े आयोजन की योजना बना चुके हैं। उनको देखते हुए मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस के तमाम नेता अपने घरों या स्थानीय मंदिरों में हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस नेता कमलनाथ 4 अगस्त के दिन एक बड़े आयोजन की योजना बना चुके हैं। 5 अगस्त के दिन होने वाले राम मंदिर के भूमि पूजन से एक दिन पहले वह भोपाल स्थित अपने आवास पर हनुमान चालीसा का पाठ कराएँगे। 

इतना ही नहीं इस दिन मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस के तमाम नेता अपने घरों या स्थानीय मंदिरों में हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। इस दौरान वह सामाजिक दूरी से संबंधित अहम दिशा निर्देशों का भी ध्यान रखेंगे। 

साल 2018 के विधानसभा चुनावों के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी ने “सॉफ्ट हिंदुत्व” के एजेंडे पर चलने का पूरा प्रयास किया है। ऐसा मध्य प्रदेश में काफी हद तक नज़र आता है। विधानसभा चुनावों के मतदान के दौरान मुख्यमंत्री पद के दावेदार कमलनाथ को संगठन ने “हनुमान भक्त” के तौर पर ही दर्शाया था। इसके बाद वह “राम वन गमन पथ योजना” जैसी नीति लेकर आए। सत्ता में आने के बाद राज्य में गौशालाएँ बनवाई और मंदिरों का नवीनीकरण तक कराया। 

कुछ ही दिनों पहले कमलनाथ ने राम मंदिर के भव्य निर्माण का स्वागत किया था। उन्होंने शुक्रवार (जुलाई 31, 2020) के दिन एक वीडियो संदेश जारी किया था। उसमें उन्होंने कहा कि देशवासियों को लम्बे समय से इसकी अपेक्षा और आकांक्षा थी। मंदिर निर्माण हर भारतीय की सहमति से हो रहा है और यह केवल भारत में ही संभव है। 

इस वीडियो में कमलनाथ के पीछे भगवान हनुमान की तस्वीर भी नजर आ रही थी। कभी अपने को हनुमान भक्त और कभी शिवभक्त दिखाने वाले कमलनाथ अब राम भक्त के रूप में नज़र आ रहे थे। लेकिन कमलनाथ द्वारा श्रीराम मंदिर के समर्थन में दिया गया बयान एक विशेष समुदाय के लोगों को रास नहीं आई। ट्विटर पर ही कमलनाथ के इस वीडियो में कुछ लोगों ने कमेंट में लिखा है कि यह सभी भारतीयों की सहमति से नहीं बना है।

एक ट्विटर यूजर फ़राज़ ने कमलनाथ के इस वीडियो के जवाब में लिखा है कि राम मंदिर पर आपके इस नजरिए का अंजाम आपको अगले चुनाव में भुगतना पड़ेगा। वहीं, आफताब अहमद मलिक ने इस वीडियो के जवाब में बेहद निराशाजनक भाव में लिखा है कि वो MP कॉन्ग्रेस से नफरत करते हैं और अब तक वो कमलनाथ के समर्थक थे, लेकिन अब से नहीं हैं।

‘काकावाणी’ ट्विटर हैंडल से पोस्ट करने वाले अली सोहराब ने कमलनाथ का यह वीडियो शेयर करते हुए लिखा है – “सेक्युलरिज्म”। अली सोहराब के इस ट्वीट के जवाब में शेख अजहरुद्दीन ने कमलनाथ पर अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए लिखा है कि अच्छा हुआ मध्य प्रदेश में इनकी सरकार गिर गई और अब राजस्थान के साथ ही बाकी राज्यों में भी गिर जानी चाहिए।

हाल ही में कमलनाथ ने भोपाल में बड़े पैमाने पर सार्वजनिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ कराया था। वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी ने कॉन्ग्रेस के इस कदम को दिखावा बताया था। भाजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने आज तक से इस बारे में बातचीत की थी। उनका कहना था कि “कॉन्ग्रेस ने हमेशा राम के अस्तित्व को खारिज है। राम सेतु को काल्पनिक बताया है अब राम का नाम जप रही है। कॉन्ग्रेस के लिए यह बहुत अच्छा होगा अगर वह “श्रीराम” को सिर्फ चुनाव और और उपचुनाव के दौरान न याद करें।”  

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

उद्धव ठाकरे ने लगाई कल रात से धारा 144 के साथ ‘Lockdown’ जैसी सख्त पाबंदियाँ, उन्हें बेस्ट CM बताने में जुटे लिबरल

महाराष्ट्र की उद्धव सरकार ने राज्य में कोरोना की बेकाबू होती रफ्तार पर काबू पाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने पीएम से अपील की है कि राज्य में विमान से ऑक्सीजन भेजी जाए। टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाई जाए।

पाकिस्तानी पाठ्यपुस्तकों में पढ़ाया जा रहा काफिर हिंदुओं से नफरत की बातें: BBC उर्दू डॉक्यूमेंट्री में बच्चों ने किया बड़ा खुलासा

वीडियो में कई पाकिस्तानी हिंदुओं को दिखाया गया है, जिन्होंने पाकिस्तान में स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में हिंदू विरोधी प्रोपेगेंडा की तरफ इशारा किया है।

‘पेंटर’ ममता बनर्जी को गुस्सा क्यों आता है: CM की कुर्सी से उतर धरने वाली कुर्सी कब तक?

पिछले 3 दशकों से चुनावी और राजनीतिक हिंसा का दंश झेल रही बंगाल की जनता की ओर से CM ममता को सुरक्षा बलों का धन्यवाद करना चाहिए, लेकिन वो उनके खिलाफ जहर क्यों उगल रही हैं?

यूपी के 15,000 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल हुए अंग्रेजी मीडियम, मिशनरी स्कूलों को दे रहे मात

उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे भी मिशनरी व कांवेंट स्कूलों के छात्रों की तरह फर्राटेदार अंग्रेजी बोल सकें। इसके लिए राज्य के 15 हजार स्कूलों को अंग्रेजी मीडियम बनाया गया है, जहाँ पढ़ कर बच्चे मिशनरी स्कूल के छात्रों को चुनौती दे रहे हैं।

पहले कमल के साथ चाकूबाजी, अगले दिन मुस्लिम इलाके में एक और हिंदू पर हमला: छबड़ा में गुर्जर थे निशाने पर

राजस्थान के छबड़ा में हिंसा क्यों? कमल के साथ फरीद, आबिद और समीर की चाकूबाजी के अगले दिन क्या हुआ? बैंसला ने ऑपइंडिया को सब कुछ बताया।

दिल्ली में नवरात्र से पहले माँ दुर्गा और हनुमान जी की प्रतिमाओं को किया क्षतिग्रस्त, सड़क पर उतरे लोग: VHP ने पुलिस को चेताया

असामाजिक तत्वों ने न सिर्फ मंदिर में तोड़फोड़ मचाई, बल्कि हनुमान जी की प्रतिमा को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। बजरंग दल ने किया विरोध प्रदर्शन।

प्रचलित ख़बरें

‘हमें बार-बार जाना पड़ता है, वो वॉशरूम कब जाती हैं’: साक्षी जोशी का PK से सवाल- क्या है ममता बनर्जी का टॉयलेट शेड्यूल

क्लबहाउस पर बातचीत में ‘स्वतंत्र पत्रकार’ साक्षी जोशी ने ममता बनर्जी की शौचालय की दिनचर्या के बारे में उनके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से पूछताछ की।

छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के सामने पुलिस भी थी बेबस: अब चारों ओर तबाही का मंजर, बिजली-पानी भी ठप

हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया। आँसू गैस के गोले दागे जाने पर हिंसक भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

राजस्थान: छबड़ा में सांप्रदायिक हिंसा, दुकानों को फूँका; पुलिस-दमकल सब पर पत्थरबाजी

राजस्थान के बारां जिले के छबड़ा में सांप्रदायिक हिसा के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया गया है। चाकूबाजी की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने...

रूस का S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम और US नेवी का भारत में घुसना: ड्रैगन पर लगाम के लिए भारत को साधनी होगी दोधारी नीति

9 अप्रैल को भारत के EEZ में अमेरिका का सातवाँ बेड़ा घुस आया। देखने में जितना आसान है, इसका कूटनीतिक लक्ष्य उतनी ही कॉम्प्लेक्स!

भाई ने कर ली आत्महत्या, परिवार ने 10 दिनों तक छिपाई बात: IPL के ग्राउंड में चमका टेम्पो ड्राइवर का बेटा, सहवाग भी हुए...

IPL की नीलामी में चेतन सकारिया को अच्छी खबर तो मिली, लेकिन इससे तीन सप्ताह पहले ही उनके छोटे भाई ने आत्महत्या कर ली थी।

जहाँ खालिस्तानी प्रोपेगेंडाबाज, वहीं मन की बात: क्लबहाउस पर पंजाब का ठेका तो कंफर्म नहीं कर रहे थे प्रशांत किशोर

क्लबहाउस पर प्रशांत किशोर का होना क्या किसी विस्तृत योजना का हिस्सा था? क्या वे पंजाब के अपने असायनमेंट को कंफर्म कर रहे थे?
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,176FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe