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‘जो बहन-बेटी का भाव लगाएँ वो…’ : मंडी में ‘राष्ट्रवादी आवाज’ बनकर कंगना रनौत ने किया मेगा रोड शो, माँ ने भी सुप्रिया श्रीनेत को सुनाया

कंगना ने रोड शो के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कहा, "यह मत सोचना कि कंगना हीरोइन है, वह स्टार है। कंगना को अपनी बहन, अपनी बेटी समझो। सब मेरा परिवार हैं। इस बार मंडी की जनता दिखा देगी कि हमलोगों के दिल में क्या है।"

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत मंडी से इस बार चुनावी मैदान में हैं। आज उन्होंने मंडी में अपना रोडशो भी किया। इस रोड शो के दौरान उन्होंने मंडी की जनता के सामने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जनता उन्हें हिरोइन नहीं बल्कि अपनी बहन-बेटी समझें। विपक्ष को लेकर वह बोली जो लोग बहन-बेटी का भाव तय करें वो मंडी की जनता के नहीं हो सकते

कंगना ने रोड शो के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “यह मत सोचना कि कंगना हीरोइन है, वह स्टार है। कंगना को अपनी बहन, अपनी बेटी समझो। सब मेरा परिवार हैं। इस बार मंडी की जनता दिखा देगी कि हमलोगों के दिल में क्या है।”

उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, “आप यहाँ बड़ी भीड़ देख सकते हैं। बहुत सारे लोग यहाँ आए हैं। उन सभी को गर्व है कि मंडी की बेटी, मंडी की राष्ट्रवादी आवाज इस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेगी। इस चुनाव में बीजेपी के लिए विकास ही मुख्य मुद्दा है।” कंगना बोलीं, “हमारे नेता नरेंद्र मोदी जिस तरह से हमें गाइड करेंगे, उस दिशा में हम कोई कमी नहीं छोड़ेंगे। मंडी की जनता दिखा देगी कि उनके दिल में क्या है।”

बता दें कि एक ओर कंगना रनौत जोर शोर से अपना प्रचार करने में जुटी है तो वहीं दूसरी ओर उनकी माँ आशा ने सुप्रिया श्रीनेत द्वारा की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी बेटी के लिए अपशब्द सुनकर बुरा लगा। कंगना की माँ सुप्रिया श्रीनेत ने कहा- “उनके भी घर में बेटियाँ और बहुएँ हैं। अगर वह ऐसा बोलती हैं तो उन्हें सोचना होगा कि उन्हें अपने घर की बहू-बेटियों के लिए कैसा लगेगा। जैसा उन्हें लगेगा वही दर्द मुझे है।”

कंगना ने कहा, “कॉन्ग्रेस से मेरा नॉमिनेशन बर्दाश्त नहीं हुआ। उन्होंने अपनी कुराजनीति शुरू कर दी। उनके शीर्ष नेता कहने लगे ये जो शक्ति है इसे मुझे नष्ट करना है। उनकी प्रवक्ता मंडी की लड़कियों के क्या भाव चल रहे हैं। इस तरह की नीच और अभद्र बातें सुनकर किसका दिल नहीं घबराएगा।”

वह बोलीं, इस मंडी का नाम ऋषि मांडव के नाम पर रखा गया था। यहाँ ऋषि पराशर ने इतनी तपस्या की थी। यहाँ शिवरात्रि का सबसे बड़ा मेला होता है। इस मंडी के बारे में सोचना कितनी नीचता की बात है। उन्होंने मंडी की जनता से कहा कि जो लोग बेटी-बहनों का भाव लगाएँ वो आपके कभी नहीं हो सकते।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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