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विधानसभा में पोर्न देखते पाए गए कॉन्ग्रेस के MLC, सफाई में कहा- मैं तो सरकार से पूछने के लिए सवाल ढूँढ रहा था

कर्नाटक में ये इस तरह का पहला मामला नहीं है। इससे पहले 2012 में लक्ष्मण सवादी सहित 2 नेता विधानसभा में ही पोर्न देखते हुए पाए गए थे।

कर्नाटक विधानसभा में अब ‘पोर्नगेट 2.0’ सामने आया है, जिसके बाद वहाँ मुख्य विपक्षी दल कॉन्ग्रेस की बड़ी फजीहत हुई है। शुक्रवार (जनवरी 29, 2021) को पार्टी नेता प्रकाश राठौड़ अपने मोबाइल फोन पर अश्लील वीडियो स्क्रॉल करते हुए पाए गए। कुछ मीडियाकर्मियों ने उनकी इस हरकत का फुटेज लिया था, जिसके आधार पर दावा किया गया कि वे में ही पोर्न वीडियो देख रहे थे।

हालाँकि, कॉन्ग्रेस नेता प्रकाश राठौड़ का कहना है कि वो उस वक़्त इंटरनेट नहीं चला रहे थे, बल्कि अपने मोबाइल फोन पर आए अवांछित मैसेजों को डिलीट करने के उपक्रम में लगे हुए थे। उन्होंने सफाई देते हुए कहा, “सामान्यतः हम विधानसभा में मोबाइल फोन लेकर नहीं जाते, लेकिन चूँकि मुझे सरकार से एक सवाल पूछना था, इसीलिए मैं अपने फोन में कुछ चीजें चेक कर रहा था। मेरा स्टोरेज भर गया था और मैं उसमें से अवांछित चीजें हटा रहा था।”

भाजपा ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने माँग करते हुए कहा कि राठौड़ को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे देना चाहिए। भाजपा ने कहा कि इसे उच्च-सदन कहा जाता है, ये वरिष्ठों का सदन है, इसके बावजूद इस तरह की हरकत निंदनीय है। पार्टी प्रवक्ता एस प्रकाश ने कहा कि पिछली बार जब ऐसा मामला सामने आया था, जब इसी कॉन्ग्रेस ने जम कर हंगामा किया था। उन्होंने कर्नाटक कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार से अपने नेता पर कार्रवाई की माँग की।

कर्नाटक विधानसभा में कॉन्ग्रेस नेता की फजीहत

कर्नाटक में ये इस तरह का पहला मामला नहीं है। इससे पहले 2012 में लक्ष्मण सवादी सहित 2 नेता विधानसभा में ही पोर्न देखते हुए पाए गए थे। सावदी फ़िलहाल राज्य के उप-मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ परिवहन विभाग भी सँभालते हैं। इसी तरह अरविन्द लिम्बावली नामक नेता का भी वीडियो वायरल हो गया था। हाल ही में उन्हें भी येदियुरप्पा मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। मध्य प्रदेश में भाजपा के सरकार बनाने में उन्होंने भूमिका निभाई थी।

आजकल कर्नाटक में महाराष्ट्र से विवाद का मुद्दा छाया हुआ है, जिसे उद्धव ठाकरे ने अपने बयानों से हवा दी हुई है। कर्नाटक के नेताओं का कहना है कि कहना है कि कर्नाटक के लोग चाहते हैं कि मुंबई को कर्नाटक में शामिल कर लिया जाए। कर्नाटक के डिप्टी सीएम लक्ष्मण सावदी ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई को केंद्र शासित प्रदेश घोषित कर देना चाहिए। मुंबई कर्नाटक का हिस्सा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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