Homeराजनीतिकर्नाटक में 20 मई को शपथ ग्रहण: सिद्धारमैया होंगे मुख्यमंत्री, डीके शिवकुमार डिप्टी CM

कर्नाटक में 20 मई को शपथ ग्रहण: सिद्धारमैया होंगे मुख्यमंत्री, डीके शिवकुमार डिप्टी CM

वैसे सीएम की रेस में शिवकुमार के पिछड़ने के संकेत बुधवार दिन से ही मिलने लगे थे। एक तरफ शिवकुमार के क्षेत्र में उनके समर्थन प्रदर्शन शुरू हो गए, दूसरी तरफ सिद्धारमैया के समर्थक जश्न मनाने लग गए थे।

सिद्धारमैया (Siddaramaiah) कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री (Karnataka CM) होंगे। डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) डिप्टी सीएम की भूमिका में होंगे। 20 मई को बेंगलुरु में शपथ ग्रहण समारोह होगा। लगातार बैठकों के बाद बुधवार (18 मई 2023) कॉन्ग्रेस यह फैसला लेने में सफल रही। 224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे 13 मई को आए थे। कॉन्ग्रेस को 135 सीटों पर जीत मिली है।

वैसे सीएम की रेस में शिवकुमार के पिछड़ने के संकेत बुधवार दिन से ही मिलने लगे थे। एक तरफ शिवकुमार के क्षेत्र में उनके समर्थन प्रदर्शन शुरू हो गए, दूसरी तरफ सिद्धारमैया के समर्थक जश्न मनाने लग गए थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार गुरुवार (18 मई 2023) को कर्नाटक कॉन्ग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। बैठक शाम 7 बजे बेंगलुरु में होगी। सिद्धारमैया को इस बैठक में विधायक दल का नेता चुना जाएगा।

कहा जा रहा है कि मंत्रिमंडल की रूपरेखा भी तैयार कर ली गई है। इस पर सिद्धारमैया और शिवकुमार दोनों तैयार हैं। रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि कर्नाटक में सीएम पद को लेकर आम सहमति बनाने के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे बुधवार देर रात तक कोशिश करते रहे। इसके पहले कॉन्ग्रेस में बुधवार पूरे दिन कर्नाटक सीएम पद को लेकर बैठकें होती रही। सिद्धारमैया और शिवकुमार को ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री बनाने पर चर्चा हुई थी। डीके शिवकुमार चाहते थे कि पहला कार्यकाल उन्हें दिया जाए। रिपोर्टों के अनुसार बैठक में उन्होंने कहा था, “मुझे पहला कार्यकाल मिले अन्यथा कुछ नहीं मिले। हर हाल में मैं चुप रहूँगा।” दिन में हुई बैठक में डीके शिवकुमार ने डिप्टी सीएम पद का ऑफर ठुकरा दिया था।

देर रात तक चली पार्टी हाईकमान के साथ बैठक में डीके शिवकुमार को मना लिया गया। खबरों के अनुसार शपथ ग्रहण समारोह के लिए बेंगलुरु के कांतिरावा स्टेडियम में तैयारी चल रही है। सिद्धारमैया दूसरी बार कर्नाटक के सीएम बनेंगे। इसके पहले वे 2013 से 2018 तक राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -