Tuesday, July 27, 2021
Homeराजनीतिकेरल: CPM के ईसाई कार्यकर्ता की पत्नी और बेटे को जबरन बनाया मुसलमान, विरोध...

केरल: CPM के ईसाई कार्यकर्ता की पत्नी और बेटे को जबरन बनाया मुसलमान, विरोध करने पर पार्टी ने निकाला

गिल्बर्ट ने कहा कि उन्होंने अपनी पार्टी से अपनी पत्नी और बेटे को जबरन धर्म परिवर्तन से बचाने के लिए मदद माँगी थी। लेकिन इसके बाद ही सीपीएम की मलप्पुरम जिला कमेटी ने एक प्रेस रिलीज जारी कर उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया।

केरल में सत्ताधारी सीपीएम ने ईसाई कार्यकर्ता पीटी गिल्बर्ट को पार्टी से निकाल दिया है। अपनी पत्नी और बेटे के जबरन धर्म परिवर्तन का विरोध करने के कारण उन पर पार्टी ने यह कार्रवाई की है। जन्मभूमि की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वह गिल्बर्ट सीपीएम की निरोलपाल शाखा समिति के सदस्य थे और जबरन इस्लामी धर्मांतरण के खिलाफ शिकायत की थी।

सीपीएम कार्यकर्ता गिल्बर्ट ने आरोप लगाया है कि इस धर्म परिवर्तन के पीछे का मास्टरमाइंड पंचायत सदस्य नज़ीरा और कालीकट विश्वविद्यालय का कर्मचारी उसका पति यूनुस है। इन्होंने ने ही उनकी पत्नी और बेटे का धर्म परिवर्तन कराया है। गिल्बर्ट ने कहा कि इस ग्रुप में कोट्टियादीन इस्माइल भी शामिल है, जो पास में एक बेकरी की दुकान चलाता है। इसके अलावा लतीफ उर्फ ​​कुंजन, शाहुल हमीद, बुशरा और कुलसू उसके पड़ोसी हैं। गिलबर्ट ने बताया कि उसकी पत्नी इस्माइल की बेकरी में काम करती थी। एक दिन जैसे ही वह काम पर जा रहा था कि पड़ोस की मुस्लिम महिलाएँ उसके घर आ गईं।

सीपीएम कार्यकर्ता का कहना है कि उसकी पत्नी ने उससे बार-बार कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवादी संगठन आईएसआईएस के बारे में पूछा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिल्बर्ट को उसकी पत्नी और उसका बेटा कोझिकोड के एक रिलीजियस सेंटर ‘तरबियात’ में मिले थे। उसका कहना है कि ‘तरबियात’ को देखने से वह केरल का हिस्सा नहीं लगता। इसके अलावा उसने वहाँ पर खतना होने के बाद पुरुषों को दर्द में पाया था। गिल्बर्ट को उसकी पत्नी और बेटे तक से नहीं मिलने दिया गया।

गिल्बर्ट ने कहा कि उन्होंने अपनी पार्टी से अपनी पत्नी और बेटे को जबरन धर्म परिवर्तन से बचाने के लिए मदद माँगी थी। हालाँकि, इसके तुरंत बाद ही सीपीएम की मलप्पुरम जिला कमेटी ने एक प्रेस रिलीज जारी कर उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया। पार्टी विरोधी गतिविधि के नाम पर उनकी सदसयता रद्द की गई है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘कारगिल कमेटी’ पर कॉन्ग्रेस की कुण्डली: लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा राजनीतिक दृष्टिकोण का न हो मोहताज

हमें ध्यान में रखना होगा कि जिस लोकतंत्र पर हम गर्व करते हैं उसकी सुरक्षा तभी तक संभव है जबतक राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय किसी राजनीतिक दृष्टिकोण का मोहताज नहीं है।

असम-मिजोरम बॉर्डर पर भड़की हिंसा, असम के 6 पुलिसकर्मियों की मौत: हस्तक्षेप के दोनों राज्‍यों के CM ने गृहमंत्री से लगाई गुहार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट कर बताया कि असम-मिज़ोरम सीमा पर तनाव में असम पुलिस के 6 जवानों की जान चली गई है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,362FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe