Thursday, January 21, 2021
Home राजनीति ये हमारे कार्यकर्ता नहीं, माओवादी हैं: केरल के CM पिनराई विजयन ने एलन सुहैब,...

ये हमारे कार्यकर्ता नहीं, माओवादी हैं: केरल के CM पिनराई विजयन ने एलन सुहैब, थाहा फज़ल से पल्ला झाड़ा

पुलिस ने ख़ुलासा किया था कि सुहैब और फ़ज़ल की तलाशी के दौरान उन्होंने माओवादी विचारधारा को बढ़ावा देने वाले पर्चे बरामद किए। साथ ही पुलिस ने उनके साथ मौजूद तीसरे ऐसे व्यक्ति की तलाश तेज़ करने की बात कही, जो पुलिस बल को देखकर मौके से भाग गया था।

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने माओवाद फ़ैलाने के आरोपित एलन सुहैब और थाहा फज़ल से पल्ला झाड़ लिया है। उन्होंने इन दोनों को अपनी पार्टी माकपा के कार्यकर्ता मानने से इंकार कर दिया है। मीडिया से तिरुवनंतपुरम में बात करते हुए आज (शनिवार, 7 दिसंबर, 2019 को) मुख्यमंत्री ने कहा, “कौन पार्टी कार्यकर्ता?… वे माकपा के कार्यकर्ता नहीं हैं, बल्कि माओवादी हैं। इस बात की जाँच हुई है और यह बात (कि वे माकपा कार्यकर्ता नहीं हैं) सही साबित हुई है। सवालों का जवाब दे रहे थे जिनमें इन दोनों को उनकी पार्टी का कार्यकर्ता बताते हुए उन्हें अदालत से ज़मानत न मिलने के बारे में उनकी प्रतिक्रिया माँगी गई थी।

गौरतलब है कि माकपा के कार्यकर्ता बताए जा रहे एलन सुहैब और थाहा फज़ल को 1 नवंबर, 2019 को माओवाद का समर्थन करने वाले पर्चे रखने और बाँटने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था। इन दोनों की गिरफ़्तारी यूएपीए कानून के तहत हुई है, जिसमें हाल ही बदलाव कर मोदी सरकार ने संगठनों के साथ-साथ व्यक्तियों को भी आतंकवादी घोषित किए जाने के प्रावधान जोड़े हैं। केरल के विपक्षी दलों (कॉन्ग्रेस विधानसभा में प्रमुख विपक्षी दल है) ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया था

एलन सुहैब और थाहा फ़ज़ल को पंथीरनकवु से हिरासत में ले लिया गया था। उन पर सेक्शन-20 (एक आतंकवादी गिरोह या संगठन का सदस्य होने की सज़ा), 38 (आतंकवादी संगठन की सदस्यता से संबंधित अपराध) और 39 (ग़ैर-क़ानूनी गतिविधियों के लिए आतंकवादी संगठन को समर्थन देने से संबंधित अपराध) के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने ख़ुलासा किया था कि सुहैब और फ़ज़ल की तलाशी के दौरान उन्होंने माओवादी विचारधारा को बढ़ावा देने वाले पर्चे बरामद किए। साथ ही पुलिस ने उनके साथ मौजूद तीसरे ऐसे व्यक्ति की तलाश तेज़ करने की बात कही, जो पुलिस बल को देखकर मौके से भाग गया था।

एलन सुहैब और थाहा फ़ज़ल पर आरोप था कि वे अपनी गिरफ़्तारी के दो दिन पहले पलक्क्ड़ में अक्टूबर माह में मारे गए संदिग्ध माओवादियों के एनकाउंटर के विरोध के नाम पर माओवादी पर्चे बाँट रहे थे। इस एनकाउंटर के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए केरल उच्च न्यायालय ने इसकी जाँच की अनुशंसा तो की, लेकिन इस बात पर भी ज़ोर दिया कि जाँच की अनुशंसा भर को इस मुठभेड़ में कुछ संदेहास्पद या अवैध होने का सबूत न मान लिया जाए। अदालत अपना रुख मामले की जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही ज़ाहिर करेगी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मोदी सरकार निकम्मों की तरह क्यों देख रही है किसान आंदोलन को?

किसान आंदोलन को ले कर मोदी सरकार का रवैया ढीला, हल्का और निकम्मों जैसा क्यों दिख रहा है? मोदी की क्या मजबूरी है आखिर?

आएँगे हम.. अंगद के पाँव की तरह: कश्मीर घाटी से पलायन की पीड़ा कविता और अभिनय से बयाँ करती अभिनेत्री भाषा

डेढ़ साल की थीं भाषा सुंबली जब अपनी माँ की गोद में रहते हुए उन्हें कश्मीर घाटी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। 19 जनवरी 1990 की उस भयावह रात को अब 31 साल बीत गए हैं।

एक ही जामा मस्जिद 2-2 जगहों पर.. नई बन गई, फिर भी पुरानी पर अवैध कब्जा: टिहरी डैम की सरकारी जमीन को लेकर एक्शन...

विस्थापन नीति के तहत जब पुरानी टिहरी से मंदिर-मस्जिद का विस्थापन कर दिया गया था तो अब भी THDC क्षेत्र में यह जामा मस्जिद कैसे जारी है?

‘अल्लाह’ पर टिप्पणी के कारण कंगना के अकॉउंट पर लगा प्रतिबंध? या वामपंथियों ने श्रीकृष्ण से जुड़े प्रसंग को बताया ‘हिंसक’?

"जो लिब्रु डर के मारे मम्मी की गोद में रो रहे हैं। वो ये पढ़ लें कि मैंने तुम्हारा सिर काटने के लिए नहीं कहा। इतना तो मैं भी जानती हूँ कि कीड़े मकोड़ों के लिए कीटनाशक आता है।"

‘मस्जिदों से घोषणा होती थी कौन कब मरेगा, वो चाहते थे निजाम-ए-मुस्तफा’: पत्रकार ने बताई कश्मीरी पंडितों के साथ हुई क्रूरता की दास्ताँ

आरती टिकू सिंह ने अपनी आँखों से कश्मीरी पंडितों के पलायन का खौफनाक मंजर देखा है। उनसे ही सुनिए उनके अनुभव। जानिए कैसे मीडिया ने पीड़ितों को ही विलेन बना दिया।

स्वामीये शरणम् अय्यप्पा: गणतंत्र दिवस के दिन राजपथ पर सुनाई देगा ब्रह्मोस रेजिमेंट का यह वॉर क्राई

861 मिसाइल रेजिमेंट, राजपथ पर इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल का प्रदर्शन करेगी। रेजिमेंट का 'वॉर क्राई' हो- स्वामीये शरणम् अय्यप्पा

प्रचलित ख़बरें

‘उसने पैंट से लिंग निकाला और मुझे फील करने को कहा’: साजिद खान पर शर्लिन चोपड़ा ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

अभिनेत्री-मॉडल शर्लिन चोपड़ा ने फिल्म मेकर फराह खान के भाई साजिद खान पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

‘अल्लाह का मजाक उड़ाने की है हिम्मत’ – तांडव के डायरेक्टर अली से कंगना रनौत ने पूछा, राजू श्रीवास्तव ने बनाया वीडियो

कंगना रनौत ने सीरीज के मेकर्स से पूछा कि क्या उनमें 'अल्लाह' का मजाक बनाने की हिम्मत है? उन्होंने और राजू श्रीवास्तव ने अली अब्बास जफर को...

‘टॉप और ब्रा उतारो’ – साजिद खान ने जिया को कहा था, 16 साल की बहन को बोला – ‘…मेरे साथ सेक्स करना है’

बॉलीवुड फिल्म निर्माता साजिद खान के खिलाफ एक बार फिर आवाज उठनी शुरू। दिवंगत अभिनेत्री जिया खान की बहन करिश्मा ने वीडियो शेयर कर...

‘नंगा कर परेड कराऊँगा… ऋचा चड्ढा की जुबान काटने वाले को ₹2 करोड़’: भीम सेना का ऐलान, भड़कीं स्वरा भास्कर

'भीम सेना' ने 'मैडम चीफ मिनिस्टर' को दलित-विरोधी बताते हुए ऋचा चड्ढा की जुबान काट लेने की धमकी दी। स्वरा भास्कर ने फिल्म का समर्थन किया।

‘अश्लील बातें’ करने वाले मुफ्ती को टिकटॉक स्टार ने रसीद किया झन्नाटेदार झापड़: देखें वायरल वीडियो

टिकटॉक स्टार कहती हैं, "साँप हमेशा साँप रहता है। कोई मलतलब नहीं है कि आप उससे कितनी भी दोस्ती करने की कोशिश करो।"

‘शक है तो गोली मार दो’: इफ्तिखार भट्ट बन जब मेजर मोहित शर्मा ने आतंकियों के बीच बनाई पैठ, फिर ठोक दिया

मरणोपतरांत अशोक चक्र से सम्मानित मेजर मोहित शर्मा एक सैन्य ऑपरेशन के दौरान बलिदान हुए थे। इफ्तिखार भट्ट बन उन्होंने जो ऑपरेशन किया वह आज भी कइयों के लिए प्रेरणा है।
- विज्ञापन -

 

00:30:41

मोदी सरकार निकम्मों की तरह क्यों देख रही है किसान आंदोलन को?

किसान आंदोलन को ले कर मोदी सरकार का रवैया ढीला, हल्का और निकम्मों जैसा क्यों दिख रहा है? मोदी की क्या मजबूरी है आखिर?

TMC की धमकी- ‘गोली मारो… से लेकर बंगाल माँगोगे तो चीर देंगे’ पर BJP का पलटवार, पूछा- क्या यह ‘शांति’ की परिभाषा है?

टीएमसी की रैली में 'बंगाल के गद्दारों को गोली मारो सालो को' जैसे नारे लगा कर BJP कार्यकर्ताओं को जान से मारने की धमकी दी तो वहीं ममता सरकार में परिवहन मंत्री ने भाजपा को लेकर कहा, "अगर दूध माँगोगे तो खीर देंगे, लेकिन अगर बंगाल माँगोगे तो चीर देंगे।"

मंदिर की दीवारों पर ईसाई क्रॉस पेंट कर चर्च में बदलने की कोशिश, पहले भी मूर्तियों और दानपात्र को पहुँचाई गई थी क्षति

तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में एक हिंदू मंदिर की दीवारों पर ईसाई क्रॉस चिन्ह पेंट कर उसे एक चर्च में बदलने का प्रयास किया गया है।

आएँगे हम.. अंगद के पाँव की तरह: कश्मीर घाटी से पलायन की पीड़ा कविता और अभिनय से बयाँ करती अभिनेत्री भाषा

डेढ़ साल की थीं भाषा सुंबली जब अपनी माँ की गोद में रहते हुए उन्हें कश्मीर घाटी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। 19 जनवरी 1990 की उस भयावह रात को अब 31 साल बीत गए हैं।

3 में 3 स्टार, 4 लाख में 4… ऐसे दी जाती है बॉलीवुड फिल्मों की रेटिंग: फिल्ममेकर ने खुद बताई हकीकत

विकास खन्ना ने कहा कि उन्हें 'पक्षपात और भाई-भतीजावाद का पहला अनुभव' हुआ जब क्रिटिक्स में से एक ने उन्हें उनकी फिल्म के रिव्यू के लिए पैसे देने के लिए कहा और इसके लिए राजी नहीं होने पर उन्हें बर्बाद करने की धमकी भी दी गई थी।

चारों ओर से घिरी Tandav: मुंबई, UP में FIR के बाद अब इंदौर के न्यायालय में हुई शिकायत दर्ज

UP पुलिस 'तांडव' की पूरी टीम और अमेजन प्रबंधन से पूछताछ कर रही है तो दूसरी ओर इंदौर में अब तांडव को लेकर जारी आक्रोश न्यायालय तक पहुँ च गया है।

‘हर बच्चा एक मुसलमान के रूप में पैदा होता है’: भगोड़े जाकिर नाइक का एक और ‘हास्यास्पद’ दावा, देखें वीडियो

डॉ. जाकिर नाइक ने इस बार एक और विवादित दावा किया है। यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए अपने एक वीडियो में उसने दावा किया है कि 'हर बच्चा मुसलमान पैदा होता है।'

127 साल पुरानी बाइबिल से शपथ लेंगे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन: जानिए क्या है ऐसा करने की खास वजह

यह बाइबिल बाइडेन के पिता की ओर से है। जोकि 1893 से उनके परिवार के पास है। उन्होंने अपने सभी सात शपथ ग्रहण समारोहों के लिए एक ही बाइबिल का उपयोग किया है।

एक ही जामा मस्जिद 2-2 जगहों पर.. नई बन गई, फिर भी पुरानी पर अवैध कब्जा: टिहरी डैम की सरकारी जमीन को लेकर एक्शन...

विस्थापन नीति के तहत जब पुरानी टिहरी से मंदिर-मस्जिद का विस्थापन कर दिया गया था तो अब भी THDC क्षेत्र में यह जामा मस्जिद कैसे जारी है?

ऐलान के बाद केजरीवाल सरकार ने नहीं दिया 1 करोड़ का मुआवजा: कोरोना से मृत दिल्ली पुलिस जवानों के परिवार को अभी भी है...

केजरीवाल ने दिवंगत दिल्ली पुलिस अधिकारी द्वारा किए गए बलिदान के बारे में ट्विटर पर बताते हुए कुमार के परिवार को 1 करोड़ रुपए के मुआवजे की घोषणा की थी।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
383,000SubscribersSubscribe