Saturday, June 22, 2024
Homeराजनीतिये हमारे कार्यकर्ता नहीं, माओवादी हैं: केरल के CM पिनराई विजयन ने एलन सुहैब,...

ये हमारे कार्यकर्ता नहीं, माओवादी हैं: केरल के CM पिनराई विजयन ने एलन सुहैब, थाहा फज़ल से पल्ला झाड़ा

पुलिस ने ख़ुलासा किया था कि सुहैब और फ़ज़ल की तलाशी के दौरान उन्होंने माओवादी विचारधारा को बढ़ावा देने वाले पर्चे बरामद किए। साथ ही पुलिस ने उनके साथ मौजूद तीसरे ऐसे व्यक्ति की तलाश तेज़ करने की बात कही, जो पुलिस बल को देखकर मौके से भाग गया था।

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने माओवाद फ़ैलाने के आरोपित एलन सुहैब और थाहा फज़ल से पल्ला झाड़ लिया है। उन्होंने इन दोनों को अपनी पार्टी माकपा के कार्यकर्ता मानने से इंकार कर दिया है। मीडिया से तिरुवनंतपुरम में बात करते हुए आज (शनिवार, 7 दिसंबर, 2019 को) मुख्यमंत्री ने कहा, “कौन पार्टी कार्यकर्ता?… वे माकपा के कार्यकर्ता नहीं हैं, बल्कि माओवादी हैं। इस बात की जाँच हुई है और यह बात (कि वे माकपा कार्यकर्ता नहीं हैं) सही साबित हुई है। सवालों का जवाब दे रहे थे जिनमें इन दोनों को उनकी पार्टी का कार्यकर्ता बताते हुए उन्हें अदालत से ज़मानत न मिलने के बारे में उनकी प्रतिक्रिया माँगी गई थी।

गौरतलब है कि माकपा के कार्यकर्ता बताए जा रहे एलन सुहैब और थाहा फज़ल को 1 नवंबर, 2019 को माओवाद का समर्थन करने वाले पर्चे रखने और बाँटने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था। इन दोनों की गिरफ़्तारी यूएपीए कानून के तहत हुई है, जिसमें हाल ही बदलाव कर मोदी सरकार ने संगठनों के साथ-साथ व्यक्तियों को भी आतंकवादी घोषित किए जाने के प्रावधान जोड़े हैं। केरल के विपक्षी दलों (कॉन्ग्रेस विधानसभा में प्रमुख विपक्षी दल है) ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया था

एलन सुहैब और थाहा फ़ज़ल को पंथीरनकवु से हिरासत में ले लिया गया था। उन पर सेक्शन-20 (एक आतंकवादी गिरोह या संगठन का सदस्य होने की सज़ा), 38 (आतंकवादी संगठन की सदस्यता से संबंधित अपराध) और 39 (ग़ैर-क़ानूनी गतिविधियों के लिए आतंकवादी संगठन को समर्थन देने से संबंधित अपराध) के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने ख़ुलासा किया था कि सुहैब और फ़ज़ल की तलाशी के दौरान उन्होंने माओवादी विचारधारा को बढ़ावा देने वाले पर्चे बरामद किए। साथ ही पुलिस ने उनके साथ मौजूद तीसरे ऐसे व्यक्ति की तलाश तेज़ करने की बात कही, जो पुलिस बल को देखकर मौके से भाग गया था।

एलन सुहैब और थाहा फ़ज़ल पर आरोप था कि वे अपनी गिरफ़्तारी के दो दिन पहले पलक्क्ड़ में अक्टूबर माह में मारे गए संदिग्ध माओवादियों के एनकाउंटर के विरोध के नाम पर माओवादी पर्चे बाँट रहे थे। इस एनकाउंटर के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए केरल उच्च न्यायालय ने इसकी जाँच की अनुशंसा तो की, लेकिन इस बात पर भी ज़ोर दिया कि जाँच की अनुशंसा भर को इस मुठभेड़ में कुछ संदेहास्पद या अवैध होने का सबूत न मान लिया जाए। अदालत अपना रुख मामले की जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही ज़ाहिर करेगी।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

NEET पेपरलीक का मास्टरमाइंड निकाल बिहार का लूटन मुखिया, डॉक्टर बेटा भी जेल में: पत्नी लड़ चुकी है विधानसभा चुनाव, नौकरी छोड़ खुद बना...

नीट पेपर लीक के मास्टरमाइंड में से एक संजीव उर्फ लूटन मुखिया। वह BPSC शिक्षक बहाली पेपर लीक कांड में जेल जा चुका है। बेटा भी जेल में है।

व्यभिचारी वैष्णव आचार्य, पत्रकार ने खोली पोल, अंग्रेजों के कोर्ट में मुकदमा… आमिर खान के बेटे को लेकर YRF-Netflix की बनाई फिल्म बहस का...

माँ भवानी का अपमान करने वाले को जवाब देने कारण हकीकत राय नामक बच्चे का खुलेआम सिर कलम कर दिया गया था। इस पर फिल्म बनाएगा बॉलीवुड? या सिर्फ वही 'वास्तविक कहानियाँ' चुनी जाती हैं जिनमें गुंडा कोई साधु-संत हो?

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -