Homeराजनीति'दीदी' के सिलीगुड़ी में नहीं मिली कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी के हेलिकॉप्टर को उतरने...

‘दीदी’ के सिलीगुड़ी में नहीं मिली कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी के हेलिकॉप्टर को उतरने की इजाजत

इससे पहले भी पश्चिम बंगाल में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विमान को उतरने की अनुमति नहीं मिली थी। कॉन्ग्रेस नेता इसे ममता बनर्जी की राजनीतिक चाल बता रहे हैं।

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी की 14 अप्रैल को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में होने वाली रैली पर विवादों का साया छाया रहा। सिलीगुड़ी पुलिस ने राहुल गाँधी के हेलीकॉप्टर को लैंडिंग की मंजूरी नहीं दी है। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पुलिस ने हेलीकॉप्टर लैंडिंग से मना किया है।

देश में लोकसभा चुनाव 2019 का प्रचार चरम पर है। सभी नेता देश भर में घूम-घूम कर रैली कर रहे हैं। इस बीच पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी के हेलिकॉप्टर को उतरने की अनुमति नहीं मिली है। रिपोर्ट्स के अनुसार, स्थानीय प्रशासन ने उनके हेलिकॉप्टर को उतरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।

कॉन्ग्रेस ने बताया इसे ममता बनर्जी की राजनीतिक चाल

इससे पहले भी पश्चिम बंगाल में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विमान को उतरने की अनुमति नहीं मिली थी। कॉन्ग्रेस नेता इसे ममता बनर्जी की राजनीतिक चाल बता रहे हैं। कुछ दिन पहले ही राहुल गाँधी ने ममता बनर्जी के एक बयान पर पलटवार किया था। ममता बनर्जी ने कॉन्ग्रेस पर आरोप लगाया था कि कॉन्ग्रेस भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर नहीं लड़ रही है।

राहुल गाँधी ने तंज कसते हुए कहा था, “ममता बनर्जी ने केंद्र में मंत्री पद पाने के लिए कभी न कभी बीजेपी से समझौता किया था और अब ममता बनर्जी पूछ रही हैं कि हम बीजेपी के खिलाफ सच में नहीं लड़ रहे हैं।”

पश्चिम बंगाल में लोकसभा की 42 सीटें हैं। यहाँ सभी 7 चरणों में मतदान होना है। बृहस्पतिवार (अप्रैल 11, 2019) को पश्चिम बंगाल की 2 सीटों पर प्रथम चरण का मतदान हुआ। लोगों ने बढ़-चढ़कर मतदान में हिस्सा लिया और मतदान प्रतिशत करीब 81% रहा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

राम-कृष्ण-शिव भी हैं, लेकिन सबसे ऊपर स्वामीनारायण: समझिए- BAPS की शुरुआत से बड़ा बनने की पूरी कहानी

BAPS के मंदिरों में राम, कृष्ण, शिव, पार्वती, गणेश और हनुमान की मूर्तियाँ भी होती हैं लेकिन वो सब मूर्तियाँ स्वामी स्वामीनारायण से छोटी होती हैं। आखिर क्या है इनकी मान्यता?

EC में कैसे आए 3 कमिश्नर? जब राजीव गांधी से भिड़े CEC शास्त्री, तो बदल दिया गया चुनाव आयोग का पूरा गेम

चुनाव आयोग में तीन कमिश्नर्स की व्यवस्था कैसे शुरू हुई? राजीव गाँधी, आरवीएस शास्त्री और टीएन शेषन से जुड़ी पूरी कहानी समझिए।
- विज्ञापन -