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बर्दाश्त नहीं करेंगे… कोर्ट ने बचा लिया, वरना सलाखों के पीछे होते: ‘तांडव’ पर MP के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा

“मैं हिंदू धर्म की आस्था पर सुनियोजित तरीके से चोट पहुँचाने की सोच रखने वालों को आगाह करता हूँ कि किसी भी सूरत में अब इस तरह का दुस्साहस बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

अमेजन प्राइम की वेब सीरिज ‘तांडव’ पर मचे बवाल के बाद इसके मेकर्स को भले ही बुधवार (जनवरी 20, 2021) को बॉम्बे हाईकोर्ट से राहत मिल गई हो, लेकिन ये मामला अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। इस विवाद पर हालिया बयान मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दिया है। उन्होंने कहा है कि हिंदुओं ने सिर्फ़ क्रिया की प्रतिक्रिया दी है। सवाल यह है कि ऐसी फिल्में बनती ही क्यों है?

मीडिया से बातचीत में ‘तांडव’ सीरिज पर अपना मत रखते हुए उन्होंने कहा, “क्या हमारे कहने से वो ऐसी पिक्चर बनाते हैं। हम क्रिया पर प्रतिक्रिया देते हैं तो कहते हैं कि हम लोग बवाल करते हैं। क्रिया क्यों करते हो? जो हमें प्रतिक्रिया देनी पड़े।” उन्होंने कहा, “अगर इस तरह की घटना होगी तो किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। न्यायालय ने राहत दे दी इसलिए बच गए, नहीं तो सलाखों के पीछे होते।”

भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा ने अपने ट्वीट में इस बयान का वीडियो साझा करते हुए लिखा है, “तांडव वेब सीरीज के खिलाफ हुए प्रदर्शनों पर आपत्ति जताने वालों को समझना चाहिए कि बहुसंख्यक हिंदुओं का विरोध क्रिया पर प्रतिक्रिया है। सवाल यह है कि ऐसी फिल्में बनती ही क्यों है?”

उन्होंने कहा, “मैं हिंदू धर्म की आस्था पर सुनियोजित तरीके से चोट पहुँचाने की सोच रखने वालों को आगाह करता हूँ कि किसी भी सूरत में अब इस तरह का दुस्साहस बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

बता दें कि बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को वेब सीरिज ‘तांडव’ के निर्देशक अली अब्बास जफर, अमेजन प्राइम इंडिया की प्रमुख अपर्णा पुरोहित, निर्माता हिमांशु मेहरा और लेखक गौरव सोलंकी को अग्रिम जमानत दे दी थी। इन सभी के ख़िलाफ़ सीरिज के जरिए लोगों की धार्मिक भावनाएँ आहत करने के आरोप में केस दर्ज है। इसी मामले पर सुनवाई करते हुए बुधवार को न्यायमूर्ति पीडी नाइक ने चारों को गिरफ्तारी से 3 हफ्ते की राहत दी, जिससे इन सभी को यूपी के लखनऊ में संबंधित कोर्ट में जाने का मौका मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि इस केस में इससे पहले यूपी पुलिस की 4 सदस्यीय टीम ‘तांडव’ के खिलाफ लखनऊ में दर्ज मामले की तहकीकात करने मुंबई गई थी। ऐसे में अली अब्बास जफर और अन्य की ओर से पैरवी कर रहे वकील आबद पोंडा और अनिकेत निकम ने अदालत को कहा कि उनके मुव्वकिल को लखनऊ की अदालत में अग्रिम जमानत अर्जी देने के लिए कुछ वक्त चाहिए इसलिए उन्हें फिलहाल गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी जाए। याचिका में आवेदकों ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा था कि उन पर गलत आरोप लग रहे हैं। यूपी पुलिस सबको गिरफ्तार करने मुंबई आ गई है, इसलिए उन्हें राहत की जरूरत है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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