Tuesday, August 9, 2022
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शिवसेना विधायक दल के शिंदे ही ‘एक-नाथ’: बहुमत परीक्षण से पहले उद्धव गुट को महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर ने दिया झटका

288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में फिलहाल एक पद रिक्त है। ऐसे में शिंदे सरकार को बहुमत साबित करने के लिए 144 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी।

एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बनी महाराष्ट्र की नई सरकार सोमवार (4 जुलाई 2022) को विधानसभा में बहुमत साबित करेगी। उससे पहले विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के गुट वाली शिवसेना को तगड़ा झटका दिया है। उन्होंने शिंदे को शिवसेना विधायक दल के नेता के तौर पर मान्यता दे दी है।

नार्वेकर ने रविवार को ठाकरे गुट को यह झटका दिया है। उन्होंने शिवसेना विधायक दल के नेता के तौर पर अजय चौधरी और चीफ व्हिप सुनील प्रभु को मान्यता देने की अर्जी ठुकरा दी। चीफ व्हिप के तौर पर शिंदे गुट के भरत गोगावले को मान्यता दी गई है। शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता और सांसद अरविंद सावंत ने विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को असंवैधानिक बताया है। उन्होंने कहा है कि इस फैसले को अदालत में चुनौती दी जाएगी।

नार्वेकर के स्पीकर चुने जाने के बाद शिवसेना के दोनों गुटों की ओर से व्हिप का उल्लंघन करने पर विधायकों को अयोग्य करार देने की माँग भी की गई है। एक ओर शिंदे गुट के चीफ व्हिप भरत गोगावले ने ठाकरे गुट के 16 विधायकों की सदस्यता रद्द करना की माँग की है तो वहीं ठाकरे गुट की और से सुनील प्रभु ने शिंदे गुट के 39 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की माँग करते हुए लेटर सौंपा है।

नार्वेकर को मिले थे 164 वोट

बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा में रविवार को स्पीकर का चुनाव हुआ था, जिसमें शिंदे गुट और बीजेपी के संयुक्त उम्मीदवार राहुल नार्वेकर ने बाजी मारी थी। उन्हें 164 वोट मिले थे। इनमें भाजपा के 104, शिंदे गुट के 39, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का 1, बच्चू काडू की प्रहार जनशक्ति पार्टी से 2, राष्ट्रीय समाज पक्ष से 1, बहुजन विकास अघाड़ी से 3 और जन स्वराज्य शक्ति के 1 विधायक शामिल हैं। इसके अलावा उन्हें 13 निर्दलीय का भी समर्थन मिला था। वही उद्धव खेमे के उम्मीदवार राहुल साल्वे के पक्ष में 107 वोट ही पड़े थे।

288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में फिलहाल एक पद रिक्त है। ऐसे में शिंदे सरकार को बहुमत साबित करने के लिए 144 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। जिस तरह स्पीकर पद के लिए चुनाव में इस पक्ष को 164 वोट मिले हैं, उससे लगता है कि बहुमत परीक्षण में भी विपक्ष कोई चुनौती पेश करने में नाकाम रहेगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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