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मनसुख हिरेन हत्याकांड में ATS ने सचिन वाजे को बताया मुख्य साजिशकर्ता, कानून मंत्री ने कहा- महाराष्ट्र में खेला चल रहा है

महाराष्ट्र एटीएस ने कहा कि अन्य आरोपित नरेश गोरे ने 14 सिम कार्ड खरीदे थे, जिनका उसने इस्तेमाल किया। एटीएस ने बताया कि वह सचिन वाजे की रिमांड के लिए अपील करेंगे।

महाराष्ट्र एटीएस ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को मनसुख हिरेन हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता बताया है। वहीं, वाजे ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को गलत बताया है।

एटीएस प्रमुख जय जीत सिंह ने बताया कि सचिन वाजे का कहना है कि वह मनसुख हिरेन के संपर्क में नहीं था और उसने कभी भी स्कॉर्पियो का इस्तेमाल नहीं किया था, जो मुकेश अम्बानी के घर के बाहर से मिली थी। लेकिन हमारे पास सबूत हैं कि वह सीधे तौर पर हत्या में शामिल था। हम आने वाले दिनों में और लोगों को गिरफ्तार करेंगे।

हालाँकि, महाराष्ट्र एटीएस प्रमुख ने हत्या के पीछे वाजे का क्या मकसद था इसका खुलासा नहीं किया है। उन्होंने केवल महत्वपूर्ण दस्तावेज साझा किए हैं, जो हत्या के मामले में वाजे की संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं।

एटीएस ने कहा कि अन्य आरोपित नरेश गोरे ने 14 सिम कार्ड खरीदे थे, जिनका उसने इस्तेमाल किया। एटीएस ने बताया कि वह सचिन वाजे की रिमांड के लिए अपील करेंगे।

एटीएस प्रमुख ने यह भी कहा कि आज हत्या के मामले में एक वोल्वो कार को दमन से जब्त किया गया, जिसकी मुंबई की फोरेंसिक टीम द्वारा जाँच की जा रही है।

इसी बीच केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेस में महाराष्ट्र सरकार पर ​हमला बोला। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में अलग ही खेला चल रहा है। महाविकास अघाड़ी की सरकार वसूली की सरकार बन गई है।

एटीएस अधिकारियों ने आज प्रेस कॉन्फ्रेस की और बिना सवालों के जवाब दिए ही चले गए। महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख का वसूली का कोटा 100 करोड़ रुपए है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार आखिर कौन चला रहा है। हम जाँच नहीं, तथ्य सामने ला रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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