Friday, October 7, 2022
Homeराजनीति'उद्धव के खिलाफ टिप्पणी करने पर शिवसैनिकों ने मार कर कान का पर्दा फाड़ा,...

‘उद्धव के खिलाफ टिप्पणी करने पर शिवसैनिकों ने मार कर कान का पर्दा फाड़ा, जबरन कराया मुंडन’

“मुझे पता चला कि शिव सैनिकों ने मुझे पीटने के लिए अलग से एक महिला टीम को भी तैयार कर रखा था। अगर मेरी तरफ से कोई महिला पलटवार करती तो वो उनसे निपटतीं। जहाँ तक मुझे जानकारी मिली है शिवसैनिकों ने ये सब कुछ प्लानिंग के साथ किया है। उन्होंने शिवसेना शाखा के पास पुलिस खड़ी कर रखी थी, जो कि घटना के 2-3 मिनट बाद ही वहाँ पहुँची।”

महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ जामिया मिलिया में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही की तुलना 1919 में हुए जलियांवाला बाग से की। मुख्यमंत्री ने कहा था कि युवा छात्र बम की तरह होते हैं।

ठाकरे के इस विवादित बयान को लेकर महाराष्ट्र के वडाला के रहने वाला एक शख्स ने उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर टिप्पणी की थी। जो कि उसे काफी महँगा साबित हुआ और उसे इसका खामियाजा शिवसैनिकों के गुंडागर्दी के रूप में भुगतना पड़ा। बताया जा रहा है कि राहुल तिवारी नाम के फेसबुक प्रोफाइल से टिप्पणी की गई है, जबकि उसका असली नाम हीरामणि तिवारी है।

गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे के खिलाफ टिप्पणी करने पर शिवसेना सैनिकों ने उसके साथ बदसलूकी की, हाथापाई, मारपीट की और फिर जबरन उसका मुंडन करा दिया। पीड़ित व्यक्ति ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जिनलोगों ने उनके साथ मारपीट की है, वो उनको अच्छी तरह से जानते हैं। उनका कहना है कि सभी शिव सैनिकों ने मिलकर उन्हें पीटा। उन्होंने बताया कि दो शाखा प्रमुख ने मिलकर उनकी पिटाई की।

आगे हीरामणि तिवारी ने कहा, “मुझे पता चला कि शिव सैनिकों ने मुझे पीटने के लिए अलग से एक महिला टीम को भी तैयार कर रखा था। अगर मेरी तरफ से कोई महिला पलटवार करती तो वो उनसे निपटतीं। जहाँ तक मुझे जानकारी मिली है शिवसैनिकों ने ये सब कुछ प्लानिंग के साथ किया है। उन्होंने शिवसेना शाखा के पास पुलिस खड़ी कर रखी थी, जो कि घटना के 2-3 मिनट बाद ही वहाँ पहुँची।”

आगे हीरामणि तिवारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनलोगों ने उनके अकेले होने का फायदा उठाया है। उनको सजा मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनलोगों ने उन्हें इतनी बुरी तरह से पीटा कि उनके कान का पर्दा फट गया है। उन्होंने शिवसेना सैनिकों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है, ताकि फिर किसी को इस तरह से पीटने की हिम्मत न हो।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मंदिर में नमाज गंगा-जमुनी तहजीब, कर्नाटक के बीदर में पारंपरिक दशहरा पूजा मस्जिद-मुस्लिमों पर हमला: इस्लामी प्रलाप कब तक भोगते रहेंगे हिंदू

कर्नाटक के बीदर में दशहरा पूजा की जो परिपाटी निजाम काल से चल रही है, उस पर इस्लामी प्रलाप चल रहा है। इसके दबाव में पुलिस ने 9 हिंदुओं पर एफआईआर की है।

राजस्थान में छाया बिजली संकट: 23 थर्मल स्टेशनों में से 11 बंद, प्रदेश में बचा है सिर्फ 4 दिन का कोयला

राजस्थान में बिजली संकट का खतरा बढ़ता जा रहा है। कोयले की आपूर्ति न होने के कारण प्रदेश में 23 थर्मल स्टेशनों में से 11 ने बिजली उत्पादन करना बंद कर दिया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
226,757FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe