‘सेक्युलरिज़्म’ शब्द पर अटकी महाराष्ट्र की राजनीति! NCP-कॉन्ग्रेस ने डाला CMP में, अब शिवसेना की बारी

बैठक में 'सेक्युलरिज़्म' एक कांटे का मुद्दा बना रहा, बाद में इसे कॉमन मिनिमम प्रोग्राम (CMP) में शामिल किया गया।

महाराष्ट्र में किसकी सरकार, किसके साथ सरकार? महाराष्ट्र में कौन मुख्यमंत्री, किसके बनेंगे कितने मंत्री? राज्य में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद अब तक यह गुत्थी सुलझी नहीं है। इसी क्रम में शरद पवार के दिल्ली स्थित बंगले पर कल देर रात (20 नवंबर 2019 को) तक बैठकों का सिलसिला जारी रहा। इसमें कॉन्ग्रेस के अहमद पटेल और NCP सुप्रीमो पवार समेत अन्य नेताओं हिस्सा लिया लेकिन बात एक शब्द पर अटक गई।

इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से लिखा कि इस बैठक में ‘सेक्युलरिज़्म’ एक कांटे का मुद्दा बना रहा, बाद में इसे कॉमन मिनिमम प्रोग्राम (CMP) में शामिल किया गया।

बैठक में मौजूद एक शीर्ष सूत्र ने पुष्टि की है कि कॉन्ग्रेस शिवसेना की कट्टर हिन्दुत्व की छवि से संशय में है और वो चाहती है कि इस सन्दर्भ में CMP में एक स्पष्ट संदेश शामिल किया जा सके, जिससे नई सरकार के गठन में किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। नेताओं ने बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की। इसके बाद अहमद पटेल, कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी के पास वापस चले गए।

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सूत्रों के मुताबिक़, इस मामले पर शिवसेना तक पहुँचने और उन्हें समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि संविधान की प्रस्तावना में ‘सेक्युलरिज़्म’ शब्द निहित है। लेकिन शिवसेना अगर शब्द पर सहमत होती है तभी महाराष्ट्र में सरकार के गठन पर गतिरोध कुछ दिनों में समाप्त होने की संभावना है। क्योंकि कॉन्ग्रेस-NCP ने बुधवार को घोषणा की थी कि वे जल्द ही शिवसेना के साथ साझेदारी की शर्तों को अंतिम रूप देने के बाद राज्य में एक स्थिर सरकार का गठन करेंगे।

ख़बर तो यह भी आई थी कि कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने सोमवार (18 नवंबर) को NCP प्रमुख शरद पवार के साथ अपनी बैठक के दौरान शिवसेना के साथ गठबंधन का संकेत दिया था। ऐसे में इस बैठक पर सभी की नज़र टिकी हुई थी, क्योंकि इस बैठक के तहत नेताओं को कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के खाके पर चर्चा करने के लिए बुलाया गया था।

आज फिर से (21 नवंबर) कॉन्ग्रेस नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि राज्य में एक स्थिर सरकार बनेगी। उन्होंने यह भी कहा कि NCP के साथ बातचीत गुरुवार को भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस-NCP के बीच आज लंबी और सकारात्मक चर्चा हुई है। चर्चा जारी रहेगी। मुझे यक़ीन है कि हम बहुत जल्द महाराष्ट्र को एक स्थिर सरकार दे पाएँगे।”

मीडिया को संबोधित करते हुए, चव्हाण ने यह भी कहा कि NCP और कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच एक और बैठक होगी, जिसमें सरकार गठन से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

दरअसल, NCP, ढाई साल के कार्यकाल के साथ रोटेशनल मुख्यमंत्री की माँग पर ज़ोर दे रही है, जबकि उसने कॉन्ग्रेस के लिए डिप्टी सीएम पर अपना मत दिया है। सूत्रों के मुताबिक़, विधायकों के कोटे के हिसाब से 16-15-12 के फॉर्मूले के हिसाब से मंत्री पद बाँटे जाने की संभावना है।

वहीं दूसरी ओर शिवसेना सांसद संजय राउत ने प्रेस वार्ता में कहा कि एक दिसंबर से पहले सरकार का गठन हो जाएगा।

इससे पहले, शिवसेना ने बुधवार (20 नवंबर) को कहा था कि महाराष्ट्र में एक स्थिर सरकार बनाने की राह में सभी मुश्किलों को दूर कर लिया गया है और इसकी घोषणा आज दोपहर तक की जाएगी। शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि सरकार के बारे में सभी विवरणों को 4-5 दिनों में अंतिम रूप दिया जाएगा और सभी मुश्किलों को हटा दिया जाएगा। साथ ही यह संभावना जताई जा रही है कि NCP और कॉन्ग्रेस के बीच गुरुवार को अपने स्तर पर बातचीत के बाद तीनों पार्टियाँ शुक्रवार (22 नवंबर) को बैठकों का दौर करेंगी।


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