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जो ‘डर’ दिखा 30 साल पहले शिवसेना बचा ले गए थे बाल ठाकरे, वह भी उद्धव के काम न आया: 7 और MLA एकनाथ शिंदे के पास पहुँचे

उद्धव ठाकरे ने बुधवार रात मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास खाली कर दिया था। उससे पहले लाइव आकर बागियों पर डोरे डालने की कोशिश की थी। लेकिन उनकी हर चाल बेअसर दिख रही है।

महाराष्ट्र में सियासी घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। असम में डेरा डाले एकनाथ शिंदे के पास 7 और विधायकों के पहुँचने की खबर है। इनमें से 3 विधायक गुरुवार (23 जून 2022) की सुबह पहुँचे, जबकि चार बुधवार की रात ही गुवाहाटी के रेडिसन ब्लू होटल पहुँच गए थे। शिंदे का दावा है कि उनके साथ 48 विधायक हैं। हालाँकि नंबर को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग-अलग तरह की बातें कही जा रही है।

शिंदे समर्थक विधायकों की लगातार बढ़ती संख्या ने उद्धव ठाकरे के सामने दोहरा खतरा पैदा कर दिया है। न केवल उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी खतरे में है, बल्कि शिवसेना भी हाथ से निकलने की आशंका बढ़ गई है। यह आशंका तब पैदा हुई, जब बुधवार को शिंदे ने शिवसेना के व्हिप पर सवाल उठाते हुए नया व्हिप नियुक्त कर दिया था। इतना ही नहीं बागी विधायकों ने उन्हें शिवसेना विधायक दल का नेता भी चुन लिया था।

एक तरफ शिंदे लगातार शिकंजा कसते जा रहे हैं, दूसरी तरफ उद्धव ठाकरे की हर चाल बेअसर दिख रही है। बुधवार की रात महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास खाली कर वे अपने निजी घर मातोश्री चले गए थे। उससे पहले एक फेसबुक लाइव में उन्होंने पार्टी संस्थापक और अपने पिता बाल ठाकरे की दुहाई दी। यहाँ तक कहा कि पार्टी नेता कहें तो वे इस्तीफा देने को तैयार हैं। लेकिन, इनका कोई असर अब तक नहीं दिखा है। उल्लेखनीय है कि 1992 में इसी तरह की स्थिति में बाल ठाकरे ने शिवसेना से इस्तीफे की बात कह पार्टी में बगावत शांत कर ली थी। तब उनके पुराने साथी माधव देशपांडे ने पार्टी की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए थे।

बग्गा ने की उद्धव ठाकरे के खिलाफ शिकायत

दिल्ली के भाजपा नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने उद्धव ठाकरे के खिलाफ बुधवार (22 जून 2022) रात कोविड-19 संबंधी प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि सीएम ठाकरे ने अपने सरकारी आवास से निजी आवास की ओर जाते समय समर्थकों से मुलाकात कर कोविड-19 संबंधी प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है। बग्गा ने पुलिस को दी शिकायत ट्वीट भी की है।

शिकायत में कहा गया है, “कोविड प्रोटोकॉल  के अनुसार मरीज किसी से भी नहीं मिल सकता। उसे आइसोलेशन में रहना चाहिए। सीएम उद्धव ठाकरे ने कोविड प्रोटोकॉल तोड़ा और अपने समर्थकों से मुलाकात की।” बता दें कि उद्धव ठाकरे की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव होने की खबरें कल सामने आई थी। हालाँकि बाद में बताया गया कि उन्होंने आरटीपीसीआर टेस्ट करवाया और उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। 

महाराष्ट्र में सियासी संकट के बीच मध्य प्रदेश महिला कॉन्ग्रेस अध्यक्ष जया ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में दलबदल में शामिल सभी विधायकों पर कार्रवाई की माँग की है। दलबदल करने वाले विधायकों के चुनाव लड़ने पर 5 साल के लिए रोक की माँग की है। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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