ममता बनर्जी का अल्टिमेटम – 4 घंटे में खत्म करो हड़ताल, डॉक्टरों ने चिल्ला कर कहा, ‘हमें चाहिए न्याय’

कॉन्ग्रेस के सांसद अधीर रंजन चौधरी ने इस संबंध में पीएम मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को कोलकाता में मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों के डॉक्टर्स की हड़ताल मामले में...

पश्चिम बंगाल में अपने सहयोगी डॉक्टर पर हमला होने के विरोध में डॉक्टर्स की हड़ताल चल रही है। इस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने डॉक्टर्स को चार घंटे का अल्टीमेटम जारी किया है। ख़बर के अनुसार, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कोलकाता के राजकीय SSKM अस्पताल का दौरा किया, जहाँ उन्होंने आंदोलनरत जूनियर डॉक्टरों को 4 घंटे के भीतर काम पर लौटने के लिए कहा। लेकिन, डॉक्टरों ने उनके समक्ष ही ‘हम न्याय चाहते हैं’ के नारे लगा दिए।

इसस पहले कोलकाता के नील रतन सरकार (NRS) मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल की वजह से मरीज़ों को दूसरे दिन (बुधवार, जून 12, 2019) भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इससे लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए काफ़ी परेशानियाँ आईं।

इस समस्या के निदान के लिए कॉन्ग्रेस के सांसद अधीर रंजन चौधरी ने इस संबंध में पीएम मोदी को पत्र लिखा है। अपने पत्र के माध्यम से उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को कोलकाता में मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों के डॉक्टर्स की हड़ताल मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।

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अपने पत्र में कॉन्ग्रेस सांसद ने लिखा, “मैं पश्चिम बंगाल की गंभीर स्थिति पर आपका ध्यान आकर्षित कर रहा हूँ, जहाँ कोलकाता के NRS अस्पताल में जूनियर डॉक्टर्स पर क्रूर हमले के मद्देनज़र सभी मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों के डॉक्टर्स हड़ताल पर हैं… आपसे अनुरोध है कि आप जल्द से जल्द हस्तक्षेप करें।”

कोलकाता स्थित नील रतन सरकार मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में सोमवार (10 जून) को एक बुजुर्ग मरीज मोहम्मद शाहिद की मौत के बाद उसके परिजनों ने डॉक्टर परिबाह मुखोपाध्याय पर घातक हमला किया। डॉक्टरों की मानें तो करीब 200 की भीड़ ने मोहम्मद शाहिद की मौत के बाद अस्पताल में जमकर उत्पात मचाया। इस घटना के बाद राज्य के विभिन्न अस्पतालों के डॉक्टर न्याय की माँग करते हुए हड़ताल पर चले गए।

जूनियर डॉक्टर्स के आंदोलन के बाद पैथोलॉजिकल प्रयोगशालाओं, आउट-पेशेंट विभाग समेत सभी विभागों ने काम करना बंद कर दिया था। इस बीच, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने अपनी सभी राज्य शाखाओं के सदस्यों को शुक्रवार (14 जून) को विरोध प्रदर्शन करने और काले बैज पहनने का निर्देश भी दिया है।

अपने सभी राज्य अध्यक्षों और सचिवों के लिए एक विज्ञप्ति में, IMA ने उन्हें शुक्रवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक ज़िला कलेक्टरों के कार्यालयों के सामने प्रदर्शन आयोजित करने और प्रत्येक ज़िले में कलेक्टरों को प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपने के लिए कहा है।

ख़बर के अनुसार, दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (DMA) ने भी अपने सदस्यों से गुरुवार (13 जून) को इस क्रूर हमले के ख़िलाफ़ ‘ब्लैक डे’ मनाने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, IMA की सभी स्थानीय शाखाएँ और सदस्य, डॉक्टर्स और अस्पतालों के ख़िलाफ़ हुई हिंसा पर एक केंद्रीय अधिनियम की माँग करते हुए प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से अपील करेंगे।

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