Sunday, September 26, 2021
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ममता बनर्जी ने नए सिरे से चुनाव की माँग के बाद अब किया केंद्रीय सुरक्षा बलों को पश्चिम बंगाल से हटाने की माँग

''मैं मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत करती हूँ, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि चुनाव आयोग अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग दोनों (वर्तमान) स्थिति (राज्य में फैले कोविड के) के लिए जिम्मेदार हैं।''

ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में जारी विधानसभा चुनावों से केंद्रीय बलों को हटाने की माँग एक बार फिर दोहराई है। बंगाल की मुख्यमंत्री राज्य में 8 चरणों के समापन से पहले ही दोबारा चुनाव कराए जाने की माँग भी कर चुकी हैं। हार के डर से, ममता बनर्जी ने अब मद्रास HC के आदेश का सहारा लेते हुए कहा है कि केंद्रीय सुरक्षा बल ही हैं जो राज्य में कोविड-19 का प्रसार कर रहे हैं और इसलिए,केंद्र सरकार द्वारा उन्हें वापस बुलाया जाना चाहिए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ममता बनर्जी ने कहा, ”मैं मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत करती हूँ, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि चुनाव आयोग अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग दोनों (वर्तमान) स्थिति (राज्य में फैले कोविड के) के लिए जिम्मेदार हैं।” बनर्जी ने ये आरोप उत्तरी कोलकाता में कार्यकर्ताओं की एक बैठक में लगाया, जहाँ पार्टी के उम्मीदवार और कार्यकर्ता मौजूद थे।

75 फीसदी केंद्रीय बल कोरोना संक्रमित: ममता बनर्जी

उन्होंने आगे कहा, “मैं अनुरोध कर रही हूँ कि कृपया कोविड-प्रभावित राज्यों से लाई गई लगभग 2 लाख- मजबूत केंद्रीय सेनाओं, जो स्कूलों और कॉलेजों में सुरक्षित घरों में डेरा डाले हुए हैं और कोविड प्रबंधन कार्यों में बाधा डाल रहे हैं, उनमें से 75 प्रतिशत वायरस से संक्रमित हो सकते हैं। कृपया उन्हें अंतिम चरण से हटा दें।”

ध्यान देने वाली बात ये है कि मद्रास हाईकोर्ट ने अपनी राय देते हुए कहा कि केंद्रीय बलों और चुनाव आयोग को देश में में कोविड-19 के प्रसार के लिए अकेले दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

लेकिन, ममता बनर्जी ने हाई कोर्ट के विचार को एक बार फिर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए तैनात किए गए केंद्रीय बलों को राज्य से हटाए जाने की अपनी माँग को दोहराने के अवसर में तब्दील कर दिया।

यह पहली बार नहीं है कि ममता बनर्जी ने इस तरह की माँग की है, लेकिन सीआरपीएफ की उपस्थिति के कारण चुनावों में निष्पक्षता बरकरार है।

ममता बनर्जी ने दी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की अनुमति

विधानसभा चुनावों के परिणाम का (2 मई) के करीब आने के साथ ही, ममता बनर्जी ने घोषणा की कि चुनाव समाप्त होने के बाद वह सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी। यह दावा करते हुए कि चुनाव आयोग ने अधिकारियों को विधानसभा चुनावों के दौरान टीएमसी नेताओं को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया था, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि वह राज्य में नए ‘तटस्थ चुनावों’ को कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में, ममता बनर्जी ने राज्य चुनावों में चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बीजेपी की मदद करने के लिए काम कर रहा है। सीएम ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि टीएमसी कार्यकर्ता बीजेपी के खिलाफ वोट न कर पाएँ।

चुनाव आयोग के खिलाफ लड़ें लड़ाई: टीएमसी समर्थकों से ममता

टीएमसी सुप्रीमो ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपने समर्थकों को उकसाते हुए कहा, ”मैं बीरभूम, मुर्शिदाबाद, मालदा, जहाँ हर जगह चुनाव होने हैं, सभी से अपील कर रही हूँ कि सावधान रहें, अभी से एहतियात बरतें, एक तरफ हमें कोविड के खिलाफ जंग लड़नी है, तो दूसरी तरफ हमें चुनाव आयोग के खिलाफ लड़ना है, जो यह सुनिश्चित करने की साजिश कर रहा है कि हमारे लोग मतदान न कर पाएँ।”

उन्होंने आगे कहा, ”अगर पुलिस किसी को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लेती है, तो उनके परिवार के सदस्य पुलिस स्टेशन जाएँ और वहाँ बैठें, पुलिस स्टेशन का घेराव करें, पूछिए अवैध तरीके से हिरासत में क्यों लिया गया, अगर जरूरत पड़े तो कोर्ट जाएँ, हम हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक हर जगह जाएँगे। जैसे ही किसी को अवैध रूप से हिरासत में लिया जाता है, वैसे ही FIR दर्ज कराएँ।”

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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