Sunday, July 25, 2021
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चुनाव से पहले नेताओं के पिटने का ‘PK कनेक्शन’: ममता बनर्जी से पहले केजरीवाल और जगन पर भी हुए थे हमले

पिटने वाले नेताओं और प्रशांत किशोर का ये कनेक्शन सोशल मीडिया पर कुछ लोगों को पच नहीं रहा। प्रशांत किशोर ने बंगाल चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा का विषय भी बनाया है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की नींद तभी से उड़ी हुई है, जब से भाजपा ने 2019 लोकसभा चुनाव में 18 सीटें जीत कर पश्चिम बंगाल में दस्तक दी। नतीजे आने के बाद उसी साल जून में खबर आई कि ममता बनर्जी ने एक खास फ्लाइट से प्रशांत किशोर को कोलकाता बुलाया है। एक वरिष्ठ विमानन अधिकारी ने तब बताया था कि इसे लॉकडाउन का उल्लंघन मानते हुए जाँच की जा सकती है।

प्रशांत किशोर ने इसके बाद TMC की रणनीतियाँ बनानी शुरू कीं। इनमें एक फैक्टर दिलचस्प है – हमले का फैक्टर! प्रशांत किशोर और नेताओं पर हमले का ‘कनेक्शन’ पुराना है। हमला, संवेदना, सांत्वना आदि की राजनीति को समझिए।

अब जब ममता बनर्जी पर नंदीग्राम में कथित रूप से हमला हुआ और उसके कारण उन्हें न सिर्फ कई चोटें आने की बातें कही जा रही है, बल्कि सीने में दर्द, बुखार और साँस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएँ भी आ गई हैं। कोलकाता के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। उनके भतीजे अभिषेक ने भाजपा पर आरोप लगाया है। कॉन्ग्रेस का एक वर्ग सहानुभूति जताने में लगा हुआ है तो दूसरा इसे पाखंड बता रहा है।

अब कहानी प्रशांत किशोर की। प्रशांत किशोर और उनसे जुड़े नेताओं पर हमले का ये सिलसिला नया नहीं है। कुछ नेताओं पर प्रशांत किशोर द्वारा उनका चुनावी प्रबंधन संभालने के बाद हमले हुए तो कुछ पर उससे पहले। लेकिन, पिटने वाले नेताओं और प्रशांत किशोर का ये कनेक्शन सोशल मीडिया पर कुछ लोगों को पच नहीं रहा।

प्रशांत किशोर ने बंगाल चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा का विषय भी बनाया है क्योंकि उन्होंने बाकायदा ट्वीट कर भाजपा द्वारा दहाई का आँकड़ा पार न करने की भविष्यवाणी की थी।

अरविंद केजरीवाल पर हमला कोई नई बात नहीं है। कई बार ये सामने आता है कि उन्हें थप्पड़ जड़ने वाला आम आदमी पार्टी (AAP) का ही कार्यकर्ता है। नवंबर 2018 में किसी ने उनके चेहरे पर मिर्च पाउडर छिड़क दिया तो अप्रैल 2016 में ऑड-इवन से नाराज एक व्यक्ति ने उन पर जूता चलाया। जनवरी 2016 में उन पर इंक अटैक हुआ। अप्रैल 2014 में एक ऑटो ड्राइवर ने उनकी पिटाई की।

2014 लोकसभा चुनाव में भी केजरीवाल पर अंडों से हमले हुए थे। उससे पहले 2013 में भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन पर इंक से हमला हुआ था। दिसंबर 2019 में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया था कि AAP ने प्रशांत किशोर की कंपनी I-PAC के साथ करार किया है। उन्होंने कंपनी के स्वागत में ट्वीट भी किया था। खास बात ये है कि इससे 4 दिन पहले ही AAP ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर में घुस कर उन पर हमले का आरोप लगाया था।

अक्टूबर 2018 में खबर आई थी कि YSR कॉन्ग्रेस पार्टी के मुखिया जगन मोहन रेड्डी पर चाकू से हमला हुआ है। विशाखापत्तनम एयरपोर्ट के VIP लाउन्ज में ये हमला हुआ। हमलावर कार्यकर्ताओं द्वारा पकड़ा गया और मौके पर ही पुलिस के हवाले कर दिया गया था। आंध्र प्रदेश में किस तरह से प्रशांत किशोर ने जगन मोहन रेड्डी की जीत में मदद की है, इस पर बड़े मीडिया संस्थानों में भी लेख प्रकाशित हुए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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