‘चायवाली’ ममता बनर्जी: चाय बना नेताओं को परोसीं – 2 एकड़ में भव्य जगन्नाथ मंदिर के निर्माण से पहले का ‘ड्रामा’

ममता बनर्जी ने न सिर्फ़ चाय को छाना बल्कि वह नेताओं को चाय परोसती भी नज़र आईं। फिर उन्होंने मज़ाकिया अंदाज में आसपास खड़े लोगों को सलाह दी कि वे चाय पीते समय कहीं अपना हाथ न जला लें।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक चायवाले के किरदार में नज़र आई हैं। दरअसल, ममता बनर्जी बंगाल के तटीय शहर दीघा के आधिकारिक दौरे पर थीं। दीघा पश्चिम बंगाल में पर्यटकों के पसंदीदा स्थलों में से एक है और यहाँ कई समुद्री बीच होने के कारण देश-विदेश से लोग आते हैं। कई बार इसे पूर्वी भारत का गोवा भी कहा जाता है, जहाँ लोग समुद्री फ़ूड का लुत्फ़ उठाने आते हैं। दीघा पहुंचीं ममता बनर्जी एक चाय के दूकान पर चाय बनाती हुई नज़र आईं।

सीएम ममता बनर्जी ने न सिर्फ़ चाय को छाना बल्कि वह नेताओं को चाय परोसती भी नज़र आईं। दीघा के दुत्तापुर गाँव का यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया। ममता बनर्जी ने मज़ाकिया अंदाज में आसपास खड़े लोगों को सलाह दी कि वे चाय पीते समय कहीं अपना हाथ न जला लें। ममता ने कहा कि उन्हें कुकिंग पसंद है लेकिन समय की कमी की वजह से वह किचन में काम नहीं कर पाती हैं।

इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए बंगाल की सीएम ने लिखा कि कभी-कभी छोटी-मोटी चीजों से आपको काफ़ी ख़ुशी मिलती है और चाय बना कर परोसना उनमें से एक है। इस दौरान ममता ने ओल्ड दीघा बीच पर पुरी की तरह 2 एकड़ के प्लॉट पर जगन्नाथ मंदिर स्थापित करने की घोषणा की। सीएम ने कहा कि पर्यटक लक्ष्मी का रूप होते हैं और दार्जिलिंग में बवाल के कारण अब दीघा को वैश्विक पर्यटन स्थल बनाया जाएगा।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

इससे पहले भी चाय को लेकर ममता बनर्जी और पीएम नरेंद्र मोदी के बीच बयानबाजी चलती रही है। पीएम मोदी ने ममता से पूछा था कि आखिर वो एक चायवाले से परेशान क्यों हैं? ममता बनर्जी ने दावा किया था कि चायवाला अब राफेल-वाला हो गया है। उन्होंने कहा था कि मोदी चौकीदार इसीलिए बन गए हैं क्योंकि अब उन्हें समझ आ गया है कि एक चाय को 2 बार गर्म करने से वह ज़हरीला हो जाता है।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

राहुल गाँधी, महिला सेना
राहुल गाँधी ने बेशर्मी से दावा कर दिया कि एक-एक महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट में खड़े होकर मोदी सरकार को ग़लत साबित कर दिया। वे भूल गए कि इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में मोदी सरकार नहीं, मनमोहन सरकार लेकर गई थी।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

153,155फैंसलाइक करें
41,428फॉलोवर्सफॉलो करें
178,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: