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8 साल पहले शरद पवार को मारा था थप्पड़ : हरविंदर सिंह को दिल्ली पुलिस ने दबोचा

थप्पड़ पड़ने के बाद पवार ने इसके लिए किसी भी पार्टी को दोषी नहीं ठहराया था, पवार की बेटी और एनसीपी से सांसद सुप्रिया सुले ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से शांत रहने को कहा था।

एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार को 2011 में थप्पड़ मारने वाले को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि आरोपित लम्बे समय से फरार चल रहा था जिसके बाद 2014 अदालत ने अधिकारिक रूप से उसे फरार घोषित कर दिया था। आठ साल पहले जब यह घटना हुई थी तब पवार केंद्र की यूपीए सरकार में कृषि एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री हुआ करते थे।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपित शख्स का नाम हरविंदर सिंह है। हरविंदर ने दिल्ली के संसद मार्ग स्थित एनडीएमसी सेंटर में एक कार्यक्रम से लौट रहे तत्कालीन केन्द्रीय मंत्री को 2011 में थप्पड़ जड़ दिया था। बता दें कि आरोपित हरविंदर ने इस घटना से कुछ ही दिनों पहले पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुखराम पर भी हमला बोला था। मंत्री रहे सुखराम को अदालत ने भ्रष्टाचार का दोषी ठहराया था। उस समय अदालत ने हरविंदर को चेतावनी देते हुए छोड़ दिया था।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हमला करने वाला शख्स प्रणब मुखर्जी पर हमला करना चाहता था मगर उनकी उम्र को देखते हुए उसने यह विचार त्याग दिया। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक आरोपित ने 2011 में अपनी सफाई पेश करते हुए कहा था, “हर ज़रूरी सामान की क़ीमतें बढ़ती जा रही है। मैं एक आतंकवादी नहीं हूँ क्योंकि आतंकवादी ऐसा क़दम नहीं उठाता। मैं अलग-अलग घोटालों में शामिल भ्रष्ट मंत्रियों से त्रस्त हूँ।”

थप्पड़ पड़ने के बाद पवार ने इसके लिए किसी भी पार्टी को दोषी नहीं ठहराया था, पवार की बेटी और एनसीपी से सांसद सुप्रिया सुले ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से शांत रहने को कहा था। गौरतलब है कि जब सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर हरविंदर सिंह को बाहर निकाला तो उसने चिल्लाकर कहा था कि मैं यहाँ पूरी तैयारी के साथ मंत्री को थप्पड़ मारने ही आया था। जब दिल्ली पुलिस ने हरविंदर का इतिहास खंगाला तो पता चला कि वह न तो किसी राजनीतिक दल से जुड़ा था और न ही उसका मानसिक संतुलन बिगड़ा था।

उसने कहा था कि वह कॉन्ग्रेस नीत सरकार में घोटालों और भ्रष्टाचार से आहत था। मीडिया से बातचीत के दौरान हरविन्दर ने कहा था कि उसे किसी नतीजे की कोई परवाह नहीं है और न तो यह काम उसने सुर्ख़ियों में आने के लिए किया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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