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राष्ट्र-विरोधी एजेंडा चलाने वाले ‘सोशल मीडिया ग्रुप’ छोड़ें सरकारी कर्मचारी: मणिपुर सरकार ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम

अलगाववादी सोच वाले सभी कर्मचारियों को समूह छोड़ने की अधिकतम समय सीमा 12 अगस्त शाम 6 बजे तय की गई है। यह आदेश बुधवार (10 अगस्त 2022) को जारी हुआ है।

सोशल मीडिया पर देशविरोधी एजेंडा चलाने वाले ग्रुपों से मणिपुर सरकार ने अपने कर्मचारियों को तत्काल निकल जाने के आदेश दिए हैं। सरकार के मुताबिक ऐसे कर्मचारी राज्य के सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा हैं। अलगाववादी सोच वाले सभी कर्मचारियों को समूह छोड़ने की अधिकतम समय सीमा 12 अगस्त शाम 6 बजे तय की गई है। यह आदेश बुधवार (10 अगस्त 2022) को जारी हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह आदेश विशेष सचिव (गृह) एच. ज्ञान प्रकाश द्वारा जारी किया गया है। इस पत्र के मुताबिक, “कई सीनियर व अन्य अधिकारी अनजाने या जानबूझ कर अलगाववाद या राष्ट्रविरोधी ग्रुपों में फेसबुक या व्हाट्सएप के जरिए जुड़े हुए हैं। ऐसे अधिकारी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। साथ ही इससे प्रदेश के कानून व्यवस्था पर बुरा प्रभाव भी पड़ता है। ऐसे अधिकारियों या कर्मचारियों को आदेश दिया जाता है कि वो 12 अगस्त (शुक्रवार) तक ऐसे तमाम ग्रुपों से अलग हो जाएँ।”

इस पत्र में देशविरोधी समूहों में जुड़े ऐसे अधिकारियों को चेतावनी भी दी गई है कि ऐसा न करने पर उनके खिलाफ अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम 1968 और केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम 1964 के कुछ प्रावधानों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। पत्र के मुताबिक कुछ ऐसे अधिकारी भी हैं जो उन ग्रुपों में ऐसी जानकारी शेयर करते हैं जो उन्हें नहीं करनी चाहिए। पत्र में विशेषकर फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुपों का जिक्र किया गया है।

गौरतलब है कि पिछले हफ्ते अधिक स्वायत्ता की माँग के साथ आदिवासी बहुल पर्वतीय जिलों के कुछ हिस्सों में हिंसा फ़ैल गई थी। पुलिस को इस हिंसा को काबू करने के लिए काफी मशक्क्त करनी पड़ी थी। इसी के साथ एहतियातन 2 दिनों के लिए इंटरनेट को बंद करना पड़ा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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