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‘संजय राउत हाजिर हों’: मानहानि मामले में बढ़ी शिवसेना प्रवक्ता की मुश्किलें, अदालत का आदेश – पेश होकर बताएँ दोषी हैं या नहीं

उन्हें उपस्थित होकर अदालत को ये बताना होगा कि वो अपना दोष मानते हैं या नहीं, या फिर खुद को निर्दोष बताते हैं।

मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने शिवसेना प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत को 6 अगस्त को अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया है। उनके खिलाफ भाजपा नेता किरीट सोमैया की पत्नी ने मानहानि का मामला दर्ज कराया था। अब अदालत ने आदेश दिया है कि शिवसेना मुखपत्र ‘सामना’ के एग्जीक्यूटिव एडिटर 6 अगस्त, 2022 को कोर्ट में पेश होकर अपनी दलीलें रखें। उन्हें उपस्थित होकर अदालत को ये बताना होगा कि वो अपना दोष मानते हैं या नहीं, या फिर खुद को निर्दोष बताते हैं।

अगर संजय राउत खुद अपना दोष स्वीकार कर लेते हैं, इसके बाद अदालत पेनल्टी पर निर्णय लेगी। अगर वो खुद को निर्दोष बताते हैं तो इस मामले की सुनवाई आगे कैसे चलेगी, इस पर मजिस्ट्रेट निर्णय लेंगे। बता दें कि शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री बनने और उद्धव ठाकरे के पद छोड़ने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में काफी उथल-पुथल चल रही है। अब संजय राउत कह रहे हैं कि उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे एक हो जाते हैं तो शिवसेना के लिए ये एक नया सवेरा होगा और इसकी छवि भी अच्छी होगी।

हालाँकि, अभी भी संजय राउत केंद्र सरकार के खिलाफ ही खुन्नस पाल बैठे हैं। उन्होंने ‘सामना’ के एक लेख के जरिए आरोप लगाया कि केंद्र ने इसीलिए शिवसेना में टूट की साजिश रची, क्योंकि उसे डर था कि भविष्य में उद्धव ठाकरे राष्ट्रीय नेता बन कर उभर सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि राजनीति में कुछ भी प्राकृतिक या अप्राकृतिक नहीं होता, क्योंकि भाजपा और अजीत पवार का गठबंधन भी अगर चल जाता तो क्या इस पर सवाल उठाए जाते?

जहाँ तक मानहानि वाले मामले की बात है, संजय राउत के खिलाफ जुलाई में जारी वॉरंट उनकी पेशी के बाद रद्द कर दिया गया था। याद हो कि संजय राउत ने किरीट सोमैया पर 100 करोड़ रुपए के टॉयलेट घोटाले का आरोप लगाया था, जिसके बाद अब सोमैया की पत्नी मेधा किरीट सोमैया ने मई 2022 में राउत के खिलाफ शिवड़ी सेशन कोर्ट में मानहानि की याचिका दायर की थी। अब इस मामले में उनकी मुश्किलें और बढ़ रही हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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