Friday, July 30, 2021
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मदरसों में छात्र और मौलाना भगवा पहनेंगे तो उनकी ज़िंदगी में उजाला आएगा: मंत्री मोहसिन रज़ा

"भगवा रंग प्रकाश का प्रतीक है। यह रंग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की देन नहीं बल्कि अल्लाह की देन है। लेकिन जिस मुसलमान के मन में ही मैल हो, उसे भगवा रंग पसंद नहीं आएगा।"

उत्तर प्रदेश में अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री मोहसिन रज़ा ने मुस्लिमों को भगवा पहनने की सलाह दी है। उन्होंने भगवा रंग को प्रकाश का प्रतीक बताया और कहा कि यह रंग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की देन नहीं बल्कि अल्लाह की देन है। उनका कहना है कि अगर मदरसों के मौलाना और छात्र भगवा रंग के वस्त्र पहनेंगे तो उनकी ज़िंदगी में उजाला आ जाएगा।

ख़बर के अनुसार, मोहसिन रज़ा ने चिश्तिया समुदाय के बारे में बताते हुए कहा कि इस सम्प्रदाय के लोग दरगाह आदि पर होते हैं। मुसलमान पहले से ही भगवा पहनते हैं, ख़्वाज़ा मोइनुद्दीन चिश्ती को मानने वाले चिश्तिया सिलसिले के सूफ़ी हमेशा से ही भगवा पहनते हैं। जो चिश्तियाँ हैं उनसे पूछें कि वो भगवा क्यों पहनते हैं? इसलिए मुस्लिमों को भगवा पहनने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। मोहसिन रज़ा ने मुस्लिमों को भगवा पहनने की सलाह देने के साथ-साथ RSS के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की निस्वार्थ सेवा करने वालों के संघ को ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कहते हैं।अगर RSS अच्छा काम कर रहा है तो इससे किसी को कोई परेशानी क्यों होती है? उन्होंने कहा कि RSS ने कोई पर्सनल लॉ बोर्ड नहीं खोल रखा है, वो तो राष्ट्र के सेवक हैं।

ख़बर के अनुसार, मोहसिन रज़ा ने इस बात पर भी चिंता जताई कि समाज में दो मज़हबों के मतभेदों में रंग तक बँट गए। लेकिन जिस मुसलमान के मन में ही मैल हो, उसे भगवा रंग पसंद नहीं आएगा।   

हाल ही में यूपी में एडवाइज़री जारी हुई है कि वे 15 अगस्त को तिरंगा फहराएँ, राष्ट्रगान गाएँ और महापुरुषों के बारे में बताएँ। इसके अलावा एक नए सरकारी नियम के मुताबिक़ अब ग़ैर उर्दू भाषी भी मदरसे में शिक्षक बन सकेंगे। हालाँकि, मदरसे वाले इस नियम को बीजेपी की चाल बता रहे हैं।

राज्य मंत्री ने अपने एक अन्य बयान में मदरसा बोर्ड की एडवाइज़री का समर्थन किया है। राज्य मंत्री मोहसिन रज़ा ने ट्रिपल तलाक़ बिल के पास होने पर प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। इतना ही नहीं उन्होंने इस बिल के पास होने पर पारिवारिक महिलाओं के साथ ख़ुशियाँ भी मनाई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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