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अदालतों व NGT के कारण अटकी पड़ी है कई परियोजनाएँ, PM मोदी ने मंत्रालयों से तलब की सूची: रिपोर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी में कैबिनेट सचिव को बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से तैयार करने के लिए एक प्रक्रिया तैयार करने के लिए कहा था।

परियोजनाओं में हो रही देरी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अगस्त, 2021 को समीक्षा बैठक की थी। उस दौरान पीएम मोदी ने विभिन्न अदालतों और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों के कारण विलंबित बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की सूची तलब की। नेटवर्क 18 की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा संबंधित मंत्रालयों के साथ होने वाले इस व्यापक चर्चाओं का नेतृत्व करेंगे।

चार मंत्रालयों को इस अभ्यास में सहयोग करने व देरी के कारण सरकारी खजाने को हुए नुकसान की लिस्ट को तैयार करने का आदेश दिया गया है।

News18 ने बैठक के बारे में बताया है, “पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, रेलवे और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, कानून और न्याय मंत्रालय को माननीय न्यायालयों, एनजीटी, आदि के भूमि अधिग्रहण, वन या अन्य मंजूरी से जुड़े फैसलों की पहचान करनी चाहिए, जिनके कारण बुनियादी ढाँचागत परियोजनाओं में देरी हो रही है।”

इसमें आग कहा गया है, “कैबिनेट सचिव को इस तरह की कवायद की निगरानी करनी चाहिए। इस तरह के अदालती फैसलों और आदेशों के कारण विलंबित परियोजनाओं की सूची, जिसमें राजकोष को हुए नुकसान भी शामिल है, कैबिनेट सचिव द्वारा तैयार और संकलित की जा सकती है।”

इस तरह की कवायद के पीछे का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है, हालाँकि, रिपोर्ट बताती है कि पीएम मोदी के निर्देश और कानून मंत्रालय की भागीदारी से होने वाला यह अभ्यास कई बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं को पूरा करने में उत्पन्न होने वाली बाधाओं को दूर करने में मदद कर सकता है।

न्यूज 18 की रिपोर्ट में कहा गया है कि पीएम मोदी ने एक हफ्ते के भीतर ऐसी परियोजनाओं की पूरी लिस्ट माँगी थी। बैठक के ठीक बाद पीएमओ कार्यालय द्वारा जारी एक प्रेस बयान, जिसमें आठ परियोजनाओं की समीक्षा की गई थी, उसमें कहा गया था कि ‘प्रधानमंत्री ने इनके समय पर पूरा होने को लेकर जोर दिया था।’

परियोजनाओं में देरी से पीएम नाराज

रिपोर्ट यह भी बताती है कि प्रतिष्ठित ‘वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर’ में देरी से प्रधानमंत्री नाराज थे। उन्होंने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को ‘मिशन मोड’ में आने और 15 सितंबर, 2021 तक दिल्ली के शहरी विस्तार सड़क को पूरा करने का निर्देश दिया।

परियोजनाओं में देरी के कारण होने वाले नुकसान को कम करने के लिए एक अलग दृष्टिकोण अपनाने पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने फरवरी में कैबिनेट सचिव को बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से तैयार करने के लिए एक प्रक्रिया तैयार करने के लिए कहा था।

504 परियोजनाओं में देरी

इकोनॉमिक टाइम्स की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 504 परियोजनाएँ समय से पीछे चल रही हैं और अन्य 483 बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की लागत में वृद्धि की सूचना है। यह रिपोर्ट सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आँकड़ों पर आधारित है।

देरी के प्राथमिक कारणों में भूमि अधिग्रहण, वन और पर्यावरण मंजूरी प्राप्त करने में देरी, और बुनियादी ढाँचे के समर्थन और लिंकेज की कमी शामिल है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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