कमलनाथ के मंत्री ने कॉन्ग्रेस के ही किसान नेता को बेइज्जत कर दफ्तर से बाहर निकलवाया, वीडियो वायरल

"हम लोग निवेदन कर-करके परेशान हो गए हैं। आप लोगों के गुंडे हमारी पिटाई कर रहे हैं।" इसी दौरान मंत्री भड़क गए और डाँटते हुए बोले, "भगाओ इसको यहाँ से।" इसके बाद किसान कॉन्ग्रेस के नेता बोले- "नहीं सर ऐसे नहीं चलेगा। यह कौन-सी बात होती है, आप ऐसे नहीं चिल्ला सकते हैं, मेरे साथ यह अन्याय हो रहा है।"

मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार अपनों की ही नाराजगी झेल रही है। ताजा मामला राज्य किसान कॉन्ग्रेस के महासचिव शैलेंद्र वर्मा की है। वह हरदा कलेक्ट्रेट में किसी बात की शिकायत लेकर राज्य सरकार में मंत्री पीसी शर्मा के पास गए थे। मगर उन्ही के मंत्री ने उन्हें उठवाकर हरदा कलेक्ट्रेट से बाहर करवा दिया।

वो कमलनाथ सरकार में राज्य के कानून और कानूनी मामलों के विभाग के राज्य मंत्री पीसी शर्मा के सामने अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन उन्होंने जैसे ही उन्होंने अपनी बात रखनी चाही, कमलनाथ के मंत्री ने उन्हें कलेक्ट्रेट परिसर से जबरन उठवाकर बाहर करवा दिया। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है।

आप वीडियो में देख सकते हैं कि कॉन्ग्रेस किसान नेता शैलेन्द्र वर्मा ने पीसी शर्मा को कुछ फोटो दिखाते हुए कहा, “हम लोग निवेदन कर-करके परेशान हो गए हैं। आप लोगों के गुंडे हमारी पिटाई कर रहे हैं।” इसी दौरान मंत्री भड़क गए और डाँटते हुए बोले, “भगाओ इसको यहाँ से।” इसके बाद किसान कॉन्ग्रेस के नेता बोले- “नहीं सर ऐसे नहीं चलेगा। यह कौन-सी बात होती है, आप ऐसे नहीं चिल्ला सकते हैं, मेरे साथ यह अन्याय हो रहा है।” इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने वर्मा को खींचकर बाहर निकालने की कोशिश की। इस पर वर्मा चिल्लाकर बोले, “मुझे मार क्यों रहे हो? मैं जान दे दूँगा। मैं किसानों के लिए लड़ रहा हूँ, पीसी शर्मा हाय-हाय।”

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लेकिन किसी ने भी उनकी पूरी बात नहीं सुनी। बाद में शैलेश वर्मा ने आरोप लगाया, “मंत्री जी ने मुझे डाँटा और जेल में बंद करने को कहा। वो सरकार का हिस्सा हैं, उनसे उम्मीद है कि वो हमारी चिंताओं और मुद्दों को सुनें। मैं किसान कॉन्ग्रेस का राज्य महासचिव हूँ, इसके बाद भी वो मेरे साथ इस तरह का व्यवहार कर रहे हैं।”

बीजेपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया, “कॉन्ग्रेस के मंत्री तानाशाही पर उतर आए हैं। स्वयं को राजा समझने लगे हैं। सत्ता का इन पर ऐसा नशा छाया है कि ये अपनों की भी आवाज नहीं सुन पा रहे हैं तो औरों की क्या सुनेंगे? जल्द ही इन्हें समय सबक सिखाएगा।” 

इस वीडियो को देखकर समझा जा सकता है कि कॉन्ग्रेस सरकार में अपनी ही पार्टी के पदाधिकारी के साथ यह कैसा व्यवहार किया जाता है। वैसे यह पहला मौका नहीं है जब मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस के विधायक और नेता ने अपनी पार्टी के खिलाफ आरोप लगाया है।

उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले ही पार्टी के विधायक मुन्नालाल गोयल ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाकर विधानसभा के सामने धरने पर बैठ गए थे। उनका कहना है कि वह सरकार को चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादों की याद दिलाना चाहते हैं। उन्होंने कहा था, “मैंने मुख्यमंत्री को भी लिखा था लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसलिए हम यहाँ बैठे हुए हैं।”

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