Sunday, October 17, 2021
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मुनव्वर राना की बेटियाँ महिलाओं की भीड़ जुटा CM योगी आवास को घेरने वाली थीं, UP पुलिस ने किया नजरबंद

सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल कर के बड़ी संख्या में महिलाओं को सीएम योगी आवास के बाहर जुटने को कहा गया। सुमैया पर पहले ही लखनऊ घंटाघर पर उपद्रव के आरोप में FIR दर्ज है। ऐसे में पुलिस ने विरोध-प्रदर्शन की साजिश को देखते हुए...

उर्दू शायर मुनव्वर राना की बेटियों को घर में ही नज़रबंद कर दिया गया है, ऐसा परिवार ने आरोप लगाया है। उनकी दोनों बेटियों उजमा और सुमैया ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन की धमकी दी थी। वो दोनों घर से बाहर निकल कर कोई उपद्रव न करें, इसलिए उनके घर के बाहर पुलिस बल की तैनाती की गई है। हालाँकि, पुलिस ने अभी तक मुनव्वर राना की बेटियों को नज़रबंद किए जाने की पुष्टि नहीं की है।

मुनव्वर राना की बेटियों ने अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी को मुद्दा बनाते हुए सीएम आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। सुमैया ने कहा कि कोरोना महामारी की वजह से बेरोजगारी लगातार बढ़ते जा रही है और अर्थव्यवस्था में गिरावट आ रही है। उनका आरोप है कि सरकार इन मुद्दों की तरफ बिलकुल भी ध्यान नहीं दे रही है। इसीलिए, मंगलवार (सितम्बर 8, 2020) को उन्होंने दोपहर 2 बजे कालिदास मार्ग पर विरोध प्रदर्शन की साजिश रची थी।

हालाँकि, उन्होंने इस विरोध प्रदर्शन की सूचना पुलिस को पहले ही दे दी थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल कर के बड़ी संख्या में महिलाओं को सीएम आवास के बाहर जुटने को कहा गया। बता दें कि सीएए के विरोध में जगह-जगह हुए उपद्रवों के लिए भी सोशल मीडिया का सहारा लिया गया था। सुमैया ने आरोप लगाया है कि सोमवार की रात अचानक से उनके घर के बाहर पुलिस बलों की गश्त बढ़ा दी गई।

इनमें से कई महिला सिपाही भी शामिल थीं। मुनव्वर राना की बेटियों ने आरोप लगाया है कि 40 की संख्या में पुलिसकर्मी उनके घर के बाहर पहरा देते रहे और उन्हें उसी रात से नज़रबंद कर के रखा गया है। सुमैया ने पुलिस की एक नोटिस मिलने की बात भी कही है। इस नोटिस में बताया गया है कि कोविड-19 के दिशा-निर्देशों और धारा-144 प्रभावी होने के कारण विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। बता दें कि सुमैया पर पहले ही लखनऊ घंटाघर पर उपद्रव के आरोप में एफआईआर दर्ज है।

सुमैया राना ने आरोप लगाते हुए कहा कि वह कोई हिस्ट्रीशीटर नहीं है या कोई अपराधी नहीं है, जो उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है। इन लोगों ने राज्य में ‘महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध’ को भी मुद्दा बना कर योगी सरकार को घेरने की योजना बनाई थी। खुद उजमा परवीन और समैया ने इसके लिए सोशल मीडिया पर महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा संख्या में जुटने के लिए मैसेज वायरल किया था।

मुनव्वर राना हाल ही में राम मंदिर मुद्दे पर पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई पर टिप्पणी कर के सुर्ख़ियों में आए थे। उन्होंने कहा था, “भारत के पूर्व CJI रंजन गोगोई जितने कम दाम में बिके, उतने में हिंदुस्तान की एक ₹#डी भी नहीं बिकती है।“ साथ ही कहा था उन्होंने कहा था कि इस मामले में 2 लोगों ने मिल कर फैसला कर दिया, सब गलत हुआ और सब कुछ अपनी मर्जी से कर दिया गया। उन्होंने कहा था कि राम मंदिर मामले में न्याय नहीं हुआ बल्कि धोखाधड़ी हुई।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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