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‘इस्लामिक देशों में हिज़ाब जरूरी नहीं, राहुल-प्रियंका कह रहे बुर्का पहनो’: कर्नाटक विवाद पर CM हिमंता सरमा, बताया- ‘कॉन्ग्रेस की देश तोड़ने की साजिश’

"सभी इस्लामिक देश कह रहे हैं कि हिज़ाब ज़रुरी नहीं है। राहुल और प्रियंका गाँधी कह रहे हैं कि हिज़ाब पहनों। लेकिन उनका एक भी वक्तव्य नहीं मिलेगा, जहाँ पर वे बोल रहे हों कि आप लोग इंजीनियरिंग, मेडिकल पढ़ो। आप विश्वविद्यालय में जाओ।"

कर्नाटक (Karnataka) के बुर्का (Hijab) विवाद पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta biswa sarama) ने कहा है कि मुस्लिम समुदाय को हिजाब नहीं, बल्कि शिक्षा की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आप अगर इसे गहराई से समझने की कोशिश करें तो पाएँगे कि इस मामले को शुरू कॉन्ग्रेस ने किया है। वही इस मामले को बढ़ा रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, हिमंता बिस्वा सरमा उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रचार करने के लिए आए थे। उसी दौरान उन्होंने शुक्रवार (11 फरवरी 2022) को ये बयान दिया। सरमा ने कहा कि कर्नाटक में जो भी हो रहा है वो ज्ञान का मुद्दा नहीं रहा। ये अब शिक्षा के मंदिर में धर्म का मसला बन गया है। उन्होंने इस विवाद के पीछे साजिश की तरफ इशारा किया और कहा कि तीन साल पहले तक यह विवाद नहीं था। अचानक से यह क्यों उठा?

सरमा ने कहा, “अगर आप स्कूल में हिजाब पहनकर जाते हैं तो शिक्षक को कैसे पता चलेगा कि आपको समझ रहा है या नहीं। अगर एक स्टूडेंट हिजाब पहनकर क्लास में बैठेगा और दूसरा स्टूडेंट दूसरे भेष में बैठेगा तो ये क्या मामला होगा। तीन साल पहले कोई नहीं बोला था कि हिजाब पहनना है। अभी तुरंत वो मामला सामने आ गया है।”

इसके साथ ही सरमा ने राहुल गाँधी द्वारा संसद में भारत को राज्यों का संघ बताने वाले बयान का जिक्र करते हुए आगे कहा, “हिजाब के मामले में केस होता है। सुप्रीम कोर्ट और कर्नाटक हाई कोर्ट में दोनों ही जगह पर कॉन्ग्रेस का वकील हिजाब के पक्ष में खड़ा होता है। ये देश को तोड़ने की एक साजिश है। अभी अगर मुस्लिम समाज को सबसे अधिक शिक्षा की आवश्यकता है, उनको हिजाब की जरूरत नहीं है। अगर मुस्लिम बेटियों को सबसे अधिक जरूरत है तो डॉक्टर, इंजीनियर बनने की जरूरत है। इस मसले को विपक्ष बहुत ही निचले स्तर तक ले गया है। धार्मिक इस्लाम कुरान और शिक्षा पर जोर देता है, लेकिन दूसरा पॉलिटिकल इस्लाम का पालन कॉन्ग्रेस कर रही है।”

देहरादून में सरमा ने कहा, “सभी इस्लामिक देश कह रहे हैं कि हिज़ाब ज़रुरी नहीं है। राहुल और प्रियंका गाँधी कह रहे हैं कि हिज़ाब पहनों। लेकिन उनका एक भी वक्तव्य नहीं मिलेगा, जहाँ पर वे बोल रहे हों कि आप लोग इंजीनियरिंग, मेडिकल पढ़ो। आप विश्वविद्यालय में जाओ।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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