Friday, June 21, 2024
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आयकर विभाग ने कॉन्ग्रेस को दिया फिर झटका, इस बार थमाया ₹1745 करोड़ का नोटिस: टैक्स की रकम का आँकड़ा ₹3000 करोड़ के पार

नोटिस के बाद कहा जा रहा है कि आयकर विभाग द्वारा कॉन्ग्रेस से अब तक कुल 3,567 करोड़ रुपए के कर की माँग हो चुकी है। सूत्रों के हवाले से ये भी बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने राजनीतिक दलों को दी जाने वाली टैक्स छूट को खत्म कर दिया है और पार्टी पर टैक्स लागू कर दिया गया है।

कॉन्ग्रेस पार्टी को इनकम टैक्स विभाग से नया नोटिस मिला है। इसमें आकलन वर्ष 2014-15 से 2016-17 तक के लिए 1,745 करोड़ रुपए के टैक्स की माँग की गई है। साल के हिसाब से बताएँ तो 2014-15 के लिए 663 करोड़ रुपए, 2015-16 के लिए करीब 664 करोड़ रुपए और 2016-17 के लिए करीब 417 करोड़ रुपए आयकर विभाग ने कॉन्ग्रेस पार्टी से माँगे हैं

इस नोटिस के बाद कहा जा रहा है कि आयकर विभाग द्वारा कॉन्ग्रेस से अब तक कुल 3,567 करोड़ रुपए के कर की माँग हो चुकी है। ये नोटिस अधिकारियों द्वारा राजनीतिक दलों को दी जाने वाली टैक्स छूट खत्म के बाद पार्टी को दिए गए हैं।

बता दें कि इससे पहले कॉन्ग्रेस ने बताया था कि उन्हें आयकर विभाग से नोटिस मिला था जिसमें करीब 1,823 करोड़ रुपए का भुगतान करने को कहा गया है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि पिछले वर्ष से संबंधित टैक्स माँग के लिए पार्टी के खातों से पहले ही 135 करोड़ रुपए निकाल लिए गए हैं जिसके कारण उन्होंने अदालत का रुख किया है। अब इस मामले में 1 अप्रैल को इस मामले में सुनवाई होने की संभावना है।

कॉन्ग्रेस ने जानकारी साझा करते हुए आयकर विभाग के इन नोटिसों और रिकवरी की कार्रवाई पर आरोप लगाया था कि सरकार चुनाव से पहले उनके खाते सीज कर रही है। कॉन्ग्रेस का कहना था कि पार्टी के पास चुनाव लड़ने को भी फंड नहीं है, इसीलिए वह प्रचार आदि में भी पैसा नहीं खर्च पा रही। वहीं उनकी पार्टी के खाते से 135 करोड़ रुपए निकाल लिए गए हैं। हालाँकि, आयकर विभाग ने इन आरोपों पर कहा था कि वह मात्र अपनी रिकवरी कर रहे हैं और उसने कोई भी खाते फ्रीज नहीं किए हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मामले पर कहा था कि कॉन्ग्रेस इसे चुनावी मुद्दा बना रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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