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LS स्पीकर के दफ्तर तक पहुँचा नुसरत जहाँ की शादी का झमेला, संसद में झूठी जानकारी देने का आरोप: सदस्यता समाप्त करने की माँग

"नुसरत जहाँ के हालिया मीडिया बयानों के बाद पता चलता है कि उन्होंने जानबूझ कर लोकसभा सचिवालय को अपने शादी को लेकर झूठी जानकारी दी। ये एक अवैध, अनैतिक और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है।"

बंगाली अभिनेत्री और बारासात से सांसद नुसरत जहाँ पर अपनी संसदीय एफिडेविट में झूठ बोलने का आरोप लगा है। भाजपा सांसद ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी शादी को लेकर झूठी जानकारी दी, इसीलिए उन्हें संसद से बरखास्त किया जाए। भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्या ने इस सम्बन्ध में आवाज़ उठाई है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिख कर कार्रवाई की माँग की है।

ज्ञात हो कि हाल ही में नुसरत जहाँ ने बयान जारी कर के कहा था कि निखिल जैन के साथ उनकी शादी कभी हुई ही नहीं थी और भारतीय कानून की नज़र में भी वो सिर्फ एक लिव-इन रिलेशनशिप था, विवाह नहीं। तुर्की में ये शादी हुई थी, जिसका यहाँ अलग-अलग समुदाय के लोगों के बीच होने वाली शादी वाला स्पेशल रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया था। नुसरत जहाँ ने इसी आधार पर कहा था कि शादी हुई ही नहीं तो तलाक का सवाल ही नहीं उठता है।

भाजपा सांसद मौर्या ने लोकसभा स्पीकर को लिखे पत्र में कहा, “नुसरत जहाँ के हालिया मीडिया बयानों के बाद पता चलता है कि उन्होंने जानबूझ कर लोकसभा सचिवालय को अपने शादी को लेकर झूठी जानकारी दी। ये एक अवैध, अनैतिक और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है। उन्होंने जानबूझ कर गलत व भ्रामक जानकारी देने का हथकंडा अपना कर अपने मतदाताओं के साथ धोखा किया है। उन्होंने संसद और इसके सदस्यों का भी अपमान किया है।”

इस पत्र में दावा किया गया है कि बंगाली अभिनेत्री ने लोकसभा में ‘नुसरत जहाँ रूही जैन’ के रूप में शपथ ली है और कानून के हिसाब से अब उनकी सदस्यता मान्य नहीं होनी चाहिए। जून 25, 2019 को नुसरत जहाँ ने सांसद के रूप में शपथ ली थी और उस दौरान उन्होंने साड़ी पहनी हुई थी। साथ ही उनके माँग में सिन्दूर भी दिखा था। लोकसभा की वेबसाइट पर उनकी एफिडेविट मौजूद है और उनके शपथग्रहण का वीडियो भी सोशल मीडिया में है।

उत्तर प्रदेश के बदायूँ से भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्या ने लोकसभाध्यक्ष से अनुरोध किया है कि ऐसी व्यवहार के कारण नुसरत जहाँ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और इस मामले की जाँच संसद की ‘एथिक्स कमिटी’ से कराई जाए। उन्होंने याद दिलाया है कि जब इस्लामी कट्टरपंथियों ने नॉन-मुस्लिम से शादी करने और सिन्दूर को लेकर उन पर हमला किया था तो पार्टी लाइन से ऊपर उठ कर कई सांसदों ने उनका बचाव किया था।

हाल ही में खबर आई थी कि नुसरत जहाँ द्वारा बिजनेसमैन निखिल जैन के साथ शादी को अमान्य बताने के बाद अब मुस्लिम मौलाना उनके समर्थन में उतर आए हैं। नुसरत द्वारा निखिल संग शादी को अमान्य बताने को मौलाना कारी मुस्तफा ने सही ठहराया था। उन्होंने इस शादी को शादी नहीं बल्कि ‘नाजायज संबंध’ करार देते हुए कहा था कि वह (नुसरत) तौबा कर ‘कलमा’ पढ़ लें और ईमान में दाखिल हो जाएँ।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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