Wednesday, December 1, 2021
Homeराजनीतिओडिशा में महागठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी नवीन पटनायक की BJD

ओडिशा में महागठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी नवीन पटनायक की BJD

ओडिशा में नवीन पटनायक की पार्टी हमेशा से महत्वपूर्ण भूमिका में रहती है। यहाँ कुल 21 लोकसभा सीटें हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में पटनायक को 21 में से 20 सीटें मिली थी।

बीजू जनता दल के वर्तमान अध्यक्ष नवीन पटनायक ने साफ़ शब्दों में कहा “उनकी पार्टी महागठबंधन का हिस्सा नहीं होगी।” नवीन पटनायक ने 8 जनवरी 2018 को अपने एक बयान में कहा था कि महागठबंधन पर फ़ैसला उनकी पार्टी बाद में करेगी क्योंकि इस विषय पर निर्णय के लिए पार्टी कुछ समय लेगी। लेकिन बुधवार की सुबह नवीन पटनायक ने स्पष्ट कर दिया कि 2019 लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी महागठबंधन से दूर रहेगी। इसके साथ ही यह भी कहा कि उनकी पार्टी भाजपा-कॉन्ग्रेस से समान दूरी बनाए रखेगी। पटनायक के इस स्टेटमेंट के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी के महागठबंधन की कोशिश को झटका लगा है।

2014 लोकसभा चुनाव में बीजेडी का प्रदर्शन

ओडिशा में नवीन पटनायक की पार्टी हमेशा से महत्वपूर्ण भूमिका में रहती है। यहाँ कुल 21 लोकसभा सीटें हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में पटनायक को 21 में से 20 सीटें मिली थी। इस तरह ओडिशा में पटनायक की पार्टी ने पिछले लोकसभा चुनाव में ही कॉन्ग्रेस की पकड़ को कमजोर कर दिया था। हलांकि भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में ओडिशा की एक सीट पर खाता खोलकर 2019 में बेहतर प्रदर्शन का संकेत दे दिया था। 2014 के लोकसभा चुनाव में पटनायक की पार्टी को 44.1 प्रतिशत वोट मिले थे।

ओडिशा में पटनायक के इस कदम से भाजपा को मिलेगा लाभ

ओडिशा में पिछले कुछ समय से अमित शाह पार्टी कैडर को मजबूत कर रहे हैं। ओडिशा के प्रदेश अध्यक्ष बसंत पंडा के नेतृत्व में भाजपा ने बूथ स्तर तक के लिए कार्यकर्ताओं की फ़ौज तैयार कर ली है। बसंत पंडा ने ओडिशा के किसानों से कर्ज माफ़ी का वादा किया है। यही नहीं पार्टी ने हाल में भाजपा महासचिव अरूण सिंह को राज्य का चुनाव प्रभारी बनाया है। ऐसे में यदि बीजेडी और कॉन्ग्रेस अलग होकर ओडिशा में चुनाव लड़ती है तो इसका सीधा फ़ायदा भाजपा को मिलेगा।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कभी ज़िंदा जलाया, कभी काट कर टाँगा: ₹60000 करोड़ का नुकसान, हत्या-बलात्कार और हिंसा – ये सब देश को देकर जाएँगे ‘किसान’

'किसान आंदोलन' के कारण देश को 60,000 करोड़ रुपए का घाटा सहना पड़ा। हत्या और बलात्कार की घटनाएँ हुईं। आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।

बारबाडोस 400 साल बाद ब्रिटेन से अलग होकर बना 55वाँ गणतंत्र देश: महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का शासन पूरी तरह से खत्म

बारबाडोस को कैरिबियाई देशों का सबसे अमीर देश माना जाता है। यह 1966 में आजाद हो गया था, लेकिन तब से यहाँ क्वीन एलीजाबेथ का शासन चलता आ रहा था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
140,729FollowersFollow
412,000SubscribersSubscribe