आँकड़ों के साथ लोकसभा में रोजगार पर विपक्ष के बनाए माहौल की धज्जियाँ उड़ाई PM मोदी ने

विपक्ष के हर आरोप का जवाब देते हुए कॉन्ग्रेस के 55 साल और अपनी सरकार के 55 महीने के विकास की तुलना की। चुनाव से ठीक पहले विपक्षी गठबंधन पर अपने अंदाज में करारा प्रहार करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश ने 30 साल तक मिलावट की स्थिति देखी है।

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार शाम (फरवरी 07, 2019) को विपक्ष की जमकर क्लास लगाई। उन्होंने विपक्ष के हर आरोप का जवाब देते हुए कॉन्ग्रेस के 55 साल और अपनी सरकार के 55 महीने के विकास की तुलना की। चुनाव से ठीक पहले विपक्षी गठबंधन पर अपने अंदाज में करारा प्रहार करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश ने 30 साल तक मिलावट की स्थिति देखी है।

नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2014 में 30 साल के बाद देश की जनता ने पूर्ण बहुमत की सरकार दी और आज देश को अनुभव हो गया है कि मिलावटी सरकार क्या होती थी और पूर्ण बहुमत की सरकार के क्या मायने हैं।

रोजगार के विषय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आँकड़े पेश करते हुए कहा, “हमारी सरकार असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए पेंशन योजना लेकर आई, हमने मछुआरों के लिए अलग मंत्रालय बनाया और घुमंतू समुदाय के लिए बोर्ड बनाया।”

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अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा, “होटल का उद्योग काफी तेजी से बढ़ा हैं, क्या इससे लोगों को रोजगार नहीं मिलता है। पिछले साढ़े 4 वर्षों में अप्रूव्ड होटलों की संख्या में 50% की बढ़ोतरी हुई है। वो होटल भी नौकरी दे रहे हैं, लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं जाता है। एक अनुमान के मुताबिक पिछले 4 साल में 1 करोड़ 25 लाख रोजगार केवल ट्रांसपॉर्ट सेक्टर में उत्पन्न हुए।”

PM मोदी ने कहा कि संगठित क्षेत्र केवल 10% रोजगार देता है, असंगठित क्षेत्र 90% रोजगार देता है। उन्होंने कहा कि 55 साल की सरकार में रोजगार का कोई एजेंडा नहीं था, पिछले 15 महीनों में 1 करोड़ 80 लाख लोग ईपीएफओ से जुड़े हैं। फिर भी अगर विपक्ष कहता है कि रोजगार नहीं है, तो फिर क्या ये लोग अपने आप जुड़ गए? नरेंद्र मोदी ने कहा, “हमने देश के गरीबों के सपने को पूरा करने का काम किया और सामाजिक न्याय के साथ इंसाफ किया।”

रोजगार के बढ़ रहे अवसरों के बारे में नरेंद्र मोदी ने कहा, “पिछले 4 वर्षों में देश में ऐसे 6 लाख 35 हजार नए प्रोफेशनल्स जुड़े। क्या आपको लगता है कि एक डॉक्टर ने अपना क्लिनिक या नर्सिंग होम खोला है, तो उसने सिर्फ एक व्यक्ति को ही नौकरी दी होगी, या कोई चार्टर्ड अकाउंटेंट सिर्फ एक व्यक्ति को नौकरी पर रखकर अपना दफ्तर चला रहा होगा? नहीं”

विपक्ष को रोजगार के आँकड़ों से जवाब में प्रधानमंत्री ने व्यंग्य करते हुए कहा, “इसके अलावा एक और तथ्य है। हमारे देश में मार्च 2014 में करीब-करीब 65 लाख लोगों को नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में रजिस्टर किया गया था। पिछले साल अक्टूबर में ये संख्या बढ़कर करीब 1 करोड़ 20 लाख हो गई है। क्या ये भी बिना नई नौकरी के ही हो गया?”

इसके साथ ही युवाओं के रोजगार से जुड़ने के तथ्य पर नरेंद्र मोदी ने कहा कि सितंबर 2017 से लेकर नवंबर 2018 तक यानि करीब-करीब 15 महीने में लगभग 1 करोड़ 80 लाख लोगों ने पहली बार प्रॉविडेंट फंड का पैसा कटाना शुरू किया है। इनमें से भी 64% लोग 28 साल से कम आयु के हैं।

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