भारत कोई हिंदू राष्ट्र नहीं और इंशाल्लाह, हम इसे बनने भी नहीं देंगे: ओवैसी का ऐलान

ओवैसी ने कहा, "समाज का एक धड़ा पूरे देश को एक रंग में रंगना चाहता है लेकिन हम हिंदुस्तान को कई रंगों में देखते हैं। भारत कोई हिंदू राष्ट्र नहीं है और इंशाल्लाह हम इसे बनने भी नहीं देंगे।"

हिन्दुओं के खिलाफ हमेशा ज़हर उगलने के लिए कुख्यात हैदराबाद के सांसद और एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर हिन्दुओं को लेकर विवादित बयान देकर हंगामा खड़ा कर दिया है। सोमवार को महाराष्ट्र चुनाव से पूर्व अपनी पार्टी के उम्मीदवर अय्याज़ मौलवी के प्रचार के दौरान कल्याण शहर में चुनावी रैली संबोधित करते हुए कहा कि ‘समाज का एक धड़ा पूरे देश को एक रंग में रंगना चाहता है लेकिन हम हिंदुस्तान को कई रंगों में देखते हैं, यही हिंदुस्तान की सुंदरता है। ओवैसी ने कहा, भारत कोई हिंदू राष्ट्र नहीं है और इंशाल्लाह हम इसे बनने भी नहीं देंगे।

ओवैसी ने इस बयान के ज़रिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उससे जुड़ी संस्थाओं पर निशाना साधा है, बता दें कि यह बयान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के पिछले हफ्ते दिए गए बयान पर ओवैसी का यह बयान पलटवार के रूप में आया है जिसमें सरसंघचालक भागवत ने कहा था कि ‘संघ इस बात को लेकर स्पष्ट है कि भारत एक हिन्दू राष्ट्र है’।

ओवैसी यहीं नहीं रुके उन्होंने शिवसेना पर भी जमकर हल्ला बोलते हुए हरे रंग की खिलाफ़त करने का आरोप लगाया, ओवैसी बोले कि आप ‘नज़रिया बदलें’ और आप देखेंगे कि हरा रंग राष्ट्र ध्वज में भी है’, उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्षता और बहुलवाद की वजह से भारत एक अनूठा देश है, दुनिया में कोई देश भारत जैसा नहीं हो सकता और इसीलिए हमें इसपर गर्व है।

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आरएसएस को चेतावनी देते हुए ओवैसी ने कहा कि हम (मुसलमान) यहाँ उनकी कृपा पर नहीं रह रहे हैं बल्कि आपको दुःख-सुख देखना है तो जाइए जाकर संविधान उठाकर देख लीजिए। अपनी पीठ थपथपाते हुए ओवैसी ने कहा कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने अपने दम पर औरंगाबाद में अपनी जगह बनाई है, और भी जगह बनाएँगे, आप हमें नहीं रोक सकते।

ओवैसी ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि तीन तलाक़ प्रथा को लेकर भले सरकार प्रशंसा बटोरने में लगी हो लेकिन मुसलमानों की समस्याओं के बारे में उन्हें कुछ पता ही नही है। ओवैसी ने यह भी माँग रखी कि तरक्की और विकास के लिए अल्प-संख्यकों को आरक्षण दिया जाना चाहिए।

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