चिदंबरम का बेल होगा कैंसल? कोर्ट ने मना किया था फिर भी कर रहे प्रेस कॉन्फ्रेंस

देश के पूर्व वित्त मंत्री खुद भी एक वकील हैं। लेकिन 106 दिनों तक पुलिस की हिरासत और तिहाड़ जेल में बंद रहने के कारण शायद वह वकालत भूल गए हैं। अगर याद रखते तो शायद जेल से निकलते ही कोर्ट की शर्तों का उल्लंघन करते नजर नहीं आते।

INX मीडिया मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। लेकिन यह जमानत सशर्त मिली है। शर्त जो कोर्ट ने बेल के लिए रखी थी, वो है – (i) इस संबंध (केस) में प्रेस को ब्रीफ नहीं करेंगे। (ii) मामले से जुड़े गवाहों से संपर्क करने की कोशिश नहीं करेंगे। (iii) कोर्ट की इजाजत के बगैर विदेश नहीं जा सकते (iv) 2 लाख रुपए का निजी मुचलका भरना होगा।

देश के पूर्व वित्त मंत्री खुद भी एक वकील हैं। लेकिन 106 दिनों तक पुलिस की हिरासत और तिहाड़ जेल में बंद रहने के कारण शायद वह वकालत भूल गए हैं। अगर याद रखते तो शायद जेल से निकलते ही कोर्ट की शर्तों का उल्लंघन करते नजर नहीं आते। जेल से निकलने के तुरंत बाद ही चिदंबरम ने कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष (अंतरिम) सोनिया गांधी से मुलाकात की। और तो और, उसके बाद ऐलान करते हुए कहा कि गुरुवार (5 दिसंबर, 2019) को वह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।

इससे पहले 4 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस आर बानुमति, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस हृषिकेश रॉय की तीन जजों की बेंच ने आईएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज मामले में पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम को जमानत दी गई थी। वे 106 दिन से हिरासत में थे। इसी मामले में सीबीआई के केस में सुप्रीम कोर्ट से पहले ही चिदंबरम को जमानत मिल चुकी थी।

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कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आर्थिक अपराध काफी गंभीर अपराध होते हैं, लेकिन जमानत का भी कानूनी प्रावधान हैं। कोर्ट ने कहा, “जमानत का फैसला केस की मेरिट पर निर्भर करता है। जमानत देना कानून के प्रावधान में है।” कोर्ट ने चिदंबरम को 2-2 लाख के श्योरटी और निजी मुचलके पर जमानत दी।

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