Sunday, June 26, 2022
Homeराजनीतिसिब्बल बोले- 90 दिन से जेल में हैं चिदंबरम, जल्दी करिए सुनवाई: CJI की...

सिब्बल बोले- 90 दिन से जेल में हैं चिदंबरम, जल्दी करिए सुनवाई: CJI की पीठ ने कहा- देखेंगे

चिदंबरम पर इस मामले में लगभग ढाई साल पहले 15 मई 2017 को मामला दर्ज हुआ था। 21 अगस्त 2019 को उन्हें उनके घर से सीबीआई ने गिरफ्तार किया। इस मामले में गत माह 22 तारीख को उन्हें जमानत मिल गई थी, लेकिन ईडी द्वारा गिरफ्तारी के कारण वे बाहर नहीं आ सके।

INX मीडिया मामले में पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। सोमवार को उनकी तरफ से वकील और कॉन्ग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अगुआई वाली पीठ के समक्ष याचिका पर जल्द सुनवाई का अनुरोध किया है।

उन्होंने पीठ से कहा कि पूर्व वित्त मंत्री पिछले 90 दिनों से जेल में हैं और उनकी जमानत याचिका पर मंगलवार या बुधवार को सुनवाई होनी चाहिए। इसके बाद पीठ ने सिब्बल से कहा कि हम देखेंगे कि केस को मंगलवार या बुधवार को सूचीबद्ध किया जाए।

गौरतलब है कि बीते दिनों 15 नवंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा INX मीडिया से जुड़े धनशोधन के मामले में चिदंबरम को जमानत देने से इनकार कर दिया था। साथ ही कहा था कि उनके ऊपर लगे आरोप पहली नजर में गंभीर प्रकृति के हैं और अपराध में उनकी भूमिका भी सक्रिय व प्रमुख रही है।

चिदंबरम पर इस मामले में लगभग ढाई साल पहले 15 मई 2017 को मामला दर्ज हुआ था। 21 अगस्त 2019 को उन्हें उनके घर से सीबीआई ने गिरफ्तार किया। इस मामले में गत माह 22 तारीख को उन्हें जमानत मिल गई थी, लेकिन ईडी द्वारा गिरफ्तारी के कारण वे बाहर नहीं आ सके। इसके बाद उन्होंने जमानत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

चिदंबरम ने यह कहते हुए जमानत का अनुरोध किया था कि साक्ष्य दस्तावेजी प्रकृति के हैं और ये जाँच एजेंसियों के पास हैं, इसलिए वे उनमें छेड़छाड़ नहीं कर सकते। ईडी ने उनकी याचिका का विरोध करते हुए कहा कि वह भले ही दस्तावेजी साक्ष्यों से छेड़छाड़ न कर पाएँ, लेकिन वे गवाहों को प्रभावित करने तथा धमकी देने की कोशिश कर सकते हैं। चिदंबरम ने सीबीआई मामले में जमानत मिलने के 22 अक्टूबर के आदेश का भी हवाला दिया था और कहा था कि भ्रष्टाचार के मामले में उनके खिलाफ साक्ष्य से छेड़छाड़ करने, विदेश भागने और गवाहों को प्रभावित करने का कोई सबूत नहीं है। इसके बाद हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

गे बार के पास कट्टर इस्लामी आतंकी हमला, गोलीबारी में 2 की मौत: नॉर्वे में LGBTQ की परेड रद्द, पूरे देश में अलर्ट

नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में गे बार के नजदीक हुई गोलीबारी को प्रशासन ने इस्लामी आतंकवाद करार दिया है। 'प्राइड फेस्टिवल' को रद्द कर दिया गया।

BJP के ईसाई नेता ने हवन-पाठ करके अपनाया सनातन धर्म: घरवापसी पर बोले- ‘मुझे हिंदू धर्म पसंद है, मेरे पूर्वज हिंदू थे’

विवीन टोप्पो ने हिंदू धर्म स्वीकारते हुए कहा कि उन्हें ये धर्म अच्छा लगता है इसलिए उन्होंने इसका अनुसरण करने का फैसला किया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
199,374FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe