Friday, April 19, 2024
Homeराजनीतिपी चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत, लेकिन नहीं जा पाएँगे घर क्योंकि...

पी चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत, लेकिन नहीं जा पाएँगे घर क्योंकि…

सुप्रीम कोर्ट ने पी चिदंबरम की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि उन्हें जमानत पर रिहा किया जा सकता है, बशर्ते किसी अन्य केस में उनकी गिरफ्तारी न हुई हो।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा आईएनएक्स घोटाले मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को जमानत मिल गई है। हालाँकि, चिदंबरम अब भी घर नहीं जा पाएँगे, क्योंकि उन्हें ये राहत सीबीआई द्वारा दायर केस में मिली है। जबकि वह अब भी प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में हैं। यहाँ बता दें कि आईएनएक्स घोटाले मामले में सीबीआई और ईडी ने चिदंबरम पर अलग-अलग केस फाइल किया हुआ है।

सीबीआई केस में चिदंबरम की जमानत का फैसला उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार (अक्टूबर 22, 2019) को सुनाया। न्यायालय ने कॉन्ग्रेस नेता की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि पी चिदंबरम को जमानत पर रिहा किया जा सकता है, बशर्ते किसी अन्य केस में उनकी गिरफ्तारी न हुई हो। इसके अलावा अदालत ने य़े भी बताया कि कॉन्ग्रेस नेता को एक लाख का निजी मुचलका भी भरना होगा और रिहाई के बाद उन्हें बिना अनुमति विदेश जाने की अनुमति नहीं होगी।

फिलहाल बता दें कि 24 अक्टूबर तक चिदंबरम ईडी की हिरासत में हैं। उन्हें 22 अगस्त को जोरबाग स्थित निवास से गिरफ्तार किया गया था। इस हालिया फैसले से पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने आईएनएक्स मामले में चिदंबरम को जमानत देने से इंकार कर दिया था। जिसके बाद हाई कोर्ट के इस फैसले को चिदंबरम द्वारा सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। 18 अक्टूबर को सुनवाई के बाद उच्चतम न्यायालय ने इस फैसले को सुरक्षित रख लिया था और आज उनकी जमानत संबंधी अपना फैसला सुनाया।

सीबीआई ने चिदंबरम की जमानत याचिका का विरोध करते हुए दलील दी थी कि पूर्व वित्तमंत्री की उपस्थिति ही गवाहों को डराने-धमकाने के लिए काफी है। उन्हें कम से कम तब तक जमानत न मिले जब तक गवाहों से पूछताछ न हो।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सीबीआई ने अपनी दलील में देश का पैसा लूटकर विदेश भागे भगौड़ों का भी जिक्र किया था। सीबीआई ने कहा, “आज ऐसा दौर है जब आर्थिक अपराधों के आरोपित देश से भाग रहे हैं, एक राष्ट्र के रूप में हम इस समस्या से जूझ रहे हैं।”

याद दिला दें कि बीते दिनों सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया केस में चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति समेत 15 लोगों के ख़िलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया है। इसमें इंंद्राणी मुखर्जी और पीटर मुखर्जी जैसे लोगों के नाम शामिल हैं। इन लोगों पर भ्रष्टाचार निरोधक कानून तथा आईपीसी के तहत दंडनीय अपराध करके राजकोष को नुकसान पहुँचाने का इल्जाम हैं।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

10 नए शहर, ₹10000 करोड़ के नए प्रोजेक्ट… जानें PM मोदी तीसरे कार्यकाल में किस ओर देंगे ध्यान, तैयार हो रहा 100 दिन का...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी अधिकारियों से चुनाव के बाद का 100 दिन का रोडमैप बनाने को कहा था, जो अब तैयार हो रहा है। इस पर एक रिपोर्ट आई है।

BJP कार्यकर्ता की हत्या में कॉन्ग्रेस MLA विनय कुलकर्णी की संलिप्तता के सबूत: कर्नाटक हाई कोर्ट ने 3 महीने के भीतर सुनवाई का दिया...

भाजपा कार्यकर्ता योगेश गौदर की हत्या के मामले में कॉन्ग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी के खिलाफ मामला रद्द करने से हाई कोर्ट ने इनकार कर दिया।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe