Sunday, April 18, 2021
Home राजनीति पंचतंत्र और कताकालक्षेवम् का देश है भारत, कहानी कहने-सुनने के लिए समय निकालें: 'मन...

पंचतंत्र और कताकालक्षेवम् का देश है भारत, कहानी कहने-सुनने के लिए समय निकालें: ‘मन की बात’ में PM मोदी

"हम उस देश के वासी है, जहाँ, हितोपदेश और पंचतंत्र की परंपरा रही है। जहाँ, कहानियों में पशु-पक्षियों और परियों की काल्पनिक दुनिया गढ़ी गई, ताकि विवेक और बुद्धिमता की बातों को आसानी से समझाया जा सके।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (सितम्बर 27, 2020) को ‘मन की बात’ के जरिए देशवासियों को सम्बोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जहाँ दुनिया अभी परिवर्तन के दौर से गुजर रही है, वहीं संकट काल में लोग परिवार के साथ मिल कर काम भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने जो विधाएँ बनाई थीं, वो आज कितनी महत्वपूर्ण हैं – ये अब पता चल रहा है। इस विधा के अंतर्गत उन्होंने ‘कहानी सुनाने की कला (Story Telling)’ का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि हर परिवार में कोई-न-कोई बुजुर्ग, बड़े व्यक्ति परिवार के, कहानियाँ सुनाया करते थे और घर में नई प्रेरणा, नई ऊर्जा भर देते थे। हमें ज़रूर एहसास हुआ होगा कि हमारे पूर्वजों ने जो विधायें बनाई थी, वो आज भी कितनी महत्वपूर्ण हैं और जब नहीं होती हैं तो कितनी कमी महसूस होती है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसी ही एक विधा है, कहानी सुनाने की कला, अर्थात स्टोरी टेलिंग। पीएम मोदी ने कहा कि कहानियों का इतिहास उतना ही पुराना है, जितनी मानव सभ्यता।

‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने बताया कि कहानियाँ, लोगों के रचनात्मक और संवेदनशील पक्ष को सामने लाती हैं, उसे प्रकट करती हैं। कहानी की ताकत को महसूस करना हो तो जब कोई माँ अपने छोटे बच्चे को सुलाने के लिए या फिर उसे खाना खिलाने के लिए कहानी सुना रही होती है, तब देखें। उन्होंने बताया कि उनके जीवन में बहुत लम्बे अरसे तक एक परिव्राजक (घुमन्तु) के रूप में रहे। घुमंत ही उनकी जिंदगी थी। हर दिन नया गाँव, नए लोग, नए परिवार, लेकिन, जब मैं परिवारों में जाता था, तो वो बच्चों से ज़रूर बात किया करते थे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वो कभी-कभी बच्चों को कहते थे कि चलो भाई, मुझे कोई कहानी सुनाओ। वो तब हैरान हो जाते थे, जब बच्चे उनसे कहते थे कि नहीं अंकल, कहानी नहीं, हम चुटकुला सुनाएँगे और उन्हें भी, वो यही कहते थे कि अंकल आप हमें चुटकुला सुनाओ। बकौल पीएम मोदी, उन बच्चों का कहानी से कोई परिचय ही नहीं था। उनमें से ज्यादातर, उनकी जिंदगी चुटकुलों में समाहित हो गई थी।

पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में कहा कि भारत में कहानी कहने की, या कहें किस्सा-गोई की, एक समृद्ध परंपरा रही है। उन्होंने इसे गर्व की बात बताते हुए कहा कि हम उस देश के वासी है, जहाँ, हितोपदेश और पंचतंत्र की परंपरा रही है, जहाँ, कहानियों में पशु-पक्षियों और परियों की काल्पनिक दुनिया गढ़ी गई, ताकि विवेक और बुद्धिमता की बातों को आसानी से समझाया जा सके। हमारे यहाँ कथा की परंपरा रही है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि ये धार्मिक कहानियाँ कहने की प्राचीन पद्धति है। इसमें ‘कताकालक्षेवम्’ भी शामिल रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि हमारे यहाँ तरह-तरह की लोक-कथाएँ प्रचलित हैं। तमिलनाडु और केरल में कहानी सुनाने की बहुत ही रोचक पद्धति है, जिसे ‘विल्लू पाट्’ कहा जाता है। इसमें कहानी और संगीत का बहुत ही आकर्षक सामंजस्य होता है। पीएम मोदी ने भारत में कठपुतली की जीवन्त परम्परा की भी चर्चा की। इन दिनों विज्ञान और ‘साइंस फिक्शन’ से जुड़ी कहानियाँ एवं कहानी कहने की विधा लोकप्रिय हो रही है। 

पीएम मोदी ने बताया कि उन्हें ‘gaathastory.in‘ जैसी वेबसाइट के बारे में जानकारी मिली, जिसे, अमर व्यास, बाकी लोगों के साथ मिलकर चलाते हैं। अमर व्यास, IIM अहमदाबाद से MBA करने के बाद विदेश चले गए, फिर वापस आए। इस समय बेंगलुरु में रहते हैं और समय निकालकर कहानियों से जुड़ा, इस प्रकार का, रोचक कार्य कर रहे है। प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि कई ऐसे प्रयास भी हैं, जो ग्रामीण भारत की कहानियों को खूब प्रचलित कर रहे हैं। वैशाली व्यवहारे देशपांडे जैसे कई लोग हैं, जो इसे मराठी में भी लोकप्रिय बना रहे हैं।

उन्होंने इस दौरान ‘स्टोरी टेलिंग सोसाइटी’ की अपर्णा ऐतरेय और शैलजा पंत के साथ फोन कॉल पर भी बातचीत की। इस दौरान अपर्णा ने एक कहानी भी सुनाई, जो तेनालीरामन से सम्बंधित थी। पीएम ने लोगो से अपील की कि सभी परिवार में, हर सप्ताह, कहानियों के लिए कुछ समय निकालिए, और ये भी कर सकते हैं कि परिवार के हर सदस्य को, हर सप्ताह के लिए, एक विषय तय करें, जैसे, करुणा है, संवेदनशीलता है, पराक्रम है, त्याग है, शौर्य है – कोई एक भाव और परिवार के सभी सदस्य, उस सप्ताह, एक ही विषय पर, सब के सब लोग कहानी ढूँढेंगे और परिवार के सब मिल करके एक-एक कहानी कहेंगे। पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में कहा:

“एक-सौ-एक साल पुरानी बात है। 1919 का साल था। अंग्रेजी हुकूमत ने जलियाँवाला बाग़ में निर्दोष लोगों का कत्लेआम किया था। इस नरसंहार के बाद एक बारह साल का लड़का उस घटनास्थल पर गया। वह खुशमिज़ाज और चंचल बालक, लेकिन, उसने जलिययाँवाला बाग में जो देखा, वह उसकी सोच के परे था। वह स्तब्ध था, यह सोचकर कि कोई भी इतना निर्दयी कैसे हो सकता है। वह मासूम गुस्से की आग में जलने लगा था। उसी जलियाँवाला बाग़ में उसने अंग्रेजी शासन के खिलाफ़ लड़ने की कसम खाई। क्या आपको पता चला कि मैं किसकी बात कर रहा हूँ? हाँ! मैं, शहीद वीर भगत सिंह की बात कर रहा हूँ। कल, 28 सितम्बर को हम शहीद वीर भगत सिंह की जयन्ती मनाएँगे। मैं, समस्त देशवासियों के साथ साहस और वीरता की प्रतिमूर्ति शहीद वीर भगत सिंह को नमन करता हूँ। क्या आप कल्पना कर सकते हैं, एक हुकूमत, जिसका दुनिया के इतने बड़े हिस्से पर शासन था, इसके बारे में कहा जाता था कि उनके शासन में सूर्य कभी अस्त नहीं होता। इतनी ताकतवर हुकूमत, एक 23 साल के युवक से भयभीत हो गई थी। शहीद भगत सिंह पराक्रमी होने के साथ-साथ विद्वान भी थे, चिन्तक थे। अपने जीवन की चिंता किए बगैर भगत सिंह और उनके क्रांतिवीर साथियों ने ऐसे साहसिक कार्यों को अंजाम दिया, जिनका देश की आज़ादी में बहुत बड़ा योगदान रहा। शहीद वीर भगत सिंह के जीवन का एक और खूबसूरत पहलू यह है कि वे टीम वर्क के महत्व को बख़ूबी समझते थे। लाला लाजपत राय के प्रति उनका समर्पण हो या फिर चंद्रशेखर आज़ाद, सुखदेव, राजगुरु समेत क्रांतिकारियों के साथ उनका जुड़ाव, उनके लिए, कभी व्यक्तिगत गौरव, महत्वपूर्ण नहीं रहा।”

पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में भारत रत्न नानाजी देशमुख को भी याद किया, जिनकी जयंती भी, 11 तारीख को ही है। उन्होंने बताया कि नानाजी देशमुख, जय प्रकाश नारायण जी के बहुत निकट साथी थे। जब जेपी भ्रष्टाचार के खिलाफ़ जंग लड़ रहे थे, तो, पटना में उन पर प्राणघातक हमला किया गया था। तब, नानाजी देशमुख ने वो वार अपने ऊपर ले लिया था। इस हमले में नानाजी को काफ़ी चोट आई थी, लेकिन, वो जेपी का जीवन बचाने में कामयाब रहे थे।

पीएम मोदी ने कहा कि इस 12 अक्टूबर को राजमाता विजयाराजे सिंधिया जी की भी जयंती है, उन्होंने, अपना पूरा जीवन, लोगों की सेवा में समर्पित कर दिया। उन्होंने बताया कि वो एक राज परिवार से थीं, उनके पास संपत्ति, शक्ति, और दूसरे संसाधनों की कोई कमी नहीं थी। लेकिन, फिर भी उन्होंने अपना जीवन, एक माँ की तरह, वात्सल्य भाव से, जन-सेवा के लिए खपा दिया। उन्होंने कहा कि राजमाता का ह्रदय बहुत उदार था। इससे पहले ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में डिजिटल गेम्स बनाने पर जोर दिया था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘बीजेपी को कोसने वाले लिबरल TMC पर मौन’- हर दिन मेगा रैली कर रहीं ममता लेकिन ‘ट्विटर’ से हैं दूर: जानें क्या है झोल

ममता बनर्जी हर दिन पश्चिम बंगाल में हर बड़ी रैलियाँ कर रही हैं, लेकिन उसे ट्विटर पर साझा नहीं करतीं हैं, ताकि राजनीतिक रूप से सक्रीय लोगों के चुभचे सवालों से बच सकें और अपना लिबरल एजेंडा सेट कर सकें।

क्या जनरल वीके सिंह ने कोरोना पीड़ित अपने भाई को बेड दिलाने के लिए ट्विटर पर माँगी मदद? जानिए क्या है सच्चाई

केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह ने ट्विटर पर एक नागरिक की मदद की। इसके लिए उन्होंने ट्वीट किया, लेकिन विपक्ष इस पर भी राजनीति करने लगा।

‘कॉन्ग्रेसी’ साकेत गोखले ने फैलाया झूठ: रेमडेसिविर की आपूर्ति पर महाराष्ट्र सरकार द्वारा ब्रुक फार्मा के निदेशक के उत्पीड़न का किया बचाव

कॉन्ग्रेस समर्थक साकेत गोखले ने एक बार फिर से फेक न्यूज फैलाने का काम किया है। गोखले ने बेबुनियाद ट्वीट्स की सीरीज में आरोप लगाया कि भाजपा ने महाराष्ट्र में अपने पार्टी कार्यालय में 4.75 करोड़ रुपए की रेमडेसिविर (Remdesivir) की जमाखोरी की है।

दूसरी लहर सँभल नहीं रही, ठाकरे सरकार कर रही तीसरी की तैयारी: महाराष्ट्र के युवराज ने बताया सरकार का फ्यूचर प्लान

महाराष्ट्र के अस्पतालों में न सिर्फ बेड्स, बल्कि वेंटिलेटर्स और ऑक्सीजन की भी भारी कमी है। दवाएँ नहीं मिल रहीं। ऑक्सीजन और मेडिकल सप्लाइज की उपलब्धता के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भारतीय सेना से मदद के लिए गुहार लगाई है।

10 ऑक्सीजन निर्माण संयंत्र, हर जिले में क्वारंटीन केंद्र, बढ़ती टेस्टिंग: कोविड से लड़ने के लिए योगी सरकार की पूरी रणनीति

राज्य के बाहर से आने वाले यात्रियों के लिए सरकार रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और बस स्टैन्ड पर ही एंटीजेन और RT-PCR टेस्ट की व्यवस्था कर रही है। यदि किसी व्यक्ति में कोविड-19 के लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे क्वारंटीन केंद्रों में रखा जाएगा।

हिंदू धर्म-अध्यात्म की खोज में स्विट्जरलैंड से भारत पैदल: 18 देश, 6000 km… नंगे पाँव, जहाँ थके वहीं सोए

बेन बाबा का कोई ठिकाना नहीं। जहाँ भी थक जाते हैं, वहीं अपना डेरा जमा लेते हैं। जंगल, फुटपाथ और निर्जन स्थानों पर भी रात बिता चुके।

प्रचलित ख़बरें

‘वाइन की बोतल, पाजामा और मेरा शौहर सैफ’: करीना कपूर खान ने बताया बिस्तर पर उन्हें क्या-क्या चाहिए

करीना कपूर ने कहा है कि वे जब भी बिस्तर पर जाती हैं तो उन्हें 3 चीजें चाहिए होती हैं- पाजामा, वाइन की एक बोतल और शौहर सैफ अली खान।

सोशल मीडिया पर नागा साधुओं का मजाक उड़ाने पर फँसी सिमी ग्रेवाल, यूजर्स ने उनकी बिकनी फोटो शेयर कर दिया जवाब

सिमी ग्रेवाल नागा साधुओं की फोटो शेयर करने के बाद से यूजर्स के निशाने पर आ गई हैं। उन्होंने कुंभ मेले में स्नान करने गए नागा साधुओं का...

’47 लड़कियाँ लव जिहाद का शिकार सिर्फ मेरे क्षेत्र में’- पूर्व कॉन्ग्रेसी नेता और वर्तमान MLA ने कबूली केरल की दुर्दशा

केरल के पुंजर से विधायक पीसी जॉर्ज ने कहा कि अकेले उनके निर्वाचन क्षेत्र में 47 लड़कियाँ लव जिहाद का शिकार हुईं हैं।

SC के जज रोहिंटन नरीमन ने वेदों पर की अपमानजनक टिप्पणी: वर्ल्ड हिंदू फाउंडेशन की माफी की माँग, दी बहस की चुनौती

स्वामी विज्ञानानंद ने SC के न्यायाधीश रोहिंटन नरीमन द्वारा ऋग्वेद को लेकर की गई टिप्पणियों को तथ्यात्मक रूप से गलत एवं अपमानजनक बताते हुए कहा है कि उनकी टिप्पणियों से विश्व के 1.2 अरब हिंदुओं की भावनाएँ आहत हुईं हैं जिसके लिए उन्हें बिना शर्त क्षमा माँगनी चाहिए।

ऑडियो- ‘लाशों पर राजनीति, CRPF को धमकी, डिटेंशन कैंप का डर’: ममता बनर्जी का एक और ‘खौफनाक’ चेहरा

कथित ऑडियो क्लिप में ममता बनर्जी को यह कहते सुना जा सकता है कि वो (भाजपा) एनपीआर लागू करने और डिटेन्शन कैंप बनाने के लिए ऐसा कर रहे हैं।

रोजा वाले वकील की तारीफ, रमजान के बाद तारीख: सुप्रीम कोर्ट के जज चंद्रचूड़, पेंडिग है 67 हजार+ केस

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने याचिककर्ता के वकील को राहत देते हुए एसएलपी पर हो रही सुनवाई को स्थगित कर दिया।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,228FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe