HomeराजनीतिPM किसान सम्मान निधि की 9वीं किस्त जारी, 9.75 करोड़ किसानों के खाते में...

PM किसान सम्मान निधि की 9वीं किस्त जारी, 9.75 करोड़ किसानों के खाते में भेजे गए ₹19,509 करोड़: प्रधानमंत्री ने किसानों से कही ये बात

पीएम मोदी ने बताया कि सरकार ने खरीफ हो या रबी सीजन, किसानों से MSP पर अब तक की सबसे अधिक खरीद की है। इससे धान किसानों के खातों में लगभग 1 लाख 70 हजार करोड़ रुपए और गेहूँ किसानों के खाते में लगभग 85 हजार करोड़ रुपए डायरेक्ट पहुँचे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (9 अगस्त 2021) को पीएम किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) की 9वीं किस्त जारी कर दी है। 9वीं किस्त में 9.5 करोड़ किसानों के खाते में 19, 509 करोड़ रुपए ट्रांस्फर किए गए

पीएम ने इस मौके पर किसानों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए बुवाई के मौसम पर बात की। उन्होंने उम्मीद जताई कि पीएम-किसान की नौवीं किस्त के तहत किसानों को जो राशि मिलेगी उससे उनकी मदद हो पाएगी।

पीएम मोदी ने बताया कि सरकार ने खरीफ हो या रबी सीजन, किसानों से MSP पर अब तक की सबसे अधिक खरीद की है। इससे धान किसानों के खातों में लगभग 1 लाख 70 हजार करोड़ रुपए और गेहूँ किसानों के खाते में लगभग 85 हजार करोड़ रुपए डायरेक्ट पहुँचे हैं।

उन्होंने कहा कि कृषि नीतियों में छोटे किसानों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी भावना के साथ छोटे किसानों को सुविधा और सुरक्षा देने का एक गंभीर प्रयास किया जा रहा है। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत अब तक 1 लाख 60 हजार करोड़ रुपए किसानों को दिए गए हैं।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए पीएम ने जानकारी दी कि कोरोना काल में ही 2 करोड़ से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं, जिसमें से अधिकतर छोटे किसानों के लिए हैं। उन्होंने कहा, “कल्पना कीजिए कि ये मदद अगर किसानों को न मिलती, तो 100 वर्ष की इस सबसे बड़ी आपदा में उनकी क्या स्थिति होती।”

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-ऑयल पाम यानि NMEO-OP के माध्यम से खाने के तेल से जुड़े इकोसिस्टम पर 11,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया जाएगा। आज भारत कृषि निर्यात के मामले में पहली बार दुनिया के टॉप-10 देशों में पहुँचा है।

उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर का केसर विश्व प्रसिद्ध है। सरकार ने ये फैसला लिया है कि जम्मू-कश्मीर का केसर देशभर में नाफेड की दुकानों पर उपलब्ध होगा। इससे जम्मू-कश्मीर में केसर की खेती को बहुत प्रोत्साहन मिलने वाला है।

देश की आजादी पर पीएम ने बात रखते हुए कहा, “इस बार देश अपना 75वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। ये महत्वपूर्ण पड़ाव हमारे लिए गौरव का तो है ही, ये नए संकल्पों, नए लक्ष्यों का भी अवसर है। इस अवसर पर हमें तय करना है कि आने वाले 25 वर्षों में हम भारत को कहाँ देखना चाहते हैं।”

वह बोले, “देश जब आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, 2047 में तब भारत की स्थिति क्या होगी, ये तय करने में हमारी खेती, हमारे किसानों की बहुत बड़ी भूमिका है। ये समय भारत की कृषि को एक ऐसी दिशा देने का है, जो नई चुनौतियों का सामना कर सके और नए अवसरों का लाभ उठा सके।”

संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने याद दिलाया कि किस तरह कुछ समय पहले देश में दालों की कमी हो गई थी और उन्होंने इसके उत्पादन को बढ़ाने का आग्रह किया था। वह बताते हैं कि उस आग्रह का परिणाम आज 6 साल बाद ये है कि दाल उत्पादन में 50 फीसद वृद्धि हुई है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’ पर फैलाया जा रहा ‘अर्धसत्य’: इसे कानूनी वजहों से ZEE5 ने हटाया, सरकार ने नहीं लगाया कोई बैन; जानिए पूरा...

सतलुज पर सरकार ने बैन नहीं लगाया बल्कि फिल्म पहले IT नियम, 2021 के नियम 9 के तहत ZEE5 पर रिलीज हुई और बाद में उसी व्यवस्था के तहत उसे हटा भी दिया गया।

बाबू जगजीवन राम: वो दलित नेता जिन्हें कॉन्ग्रेस और लेफ्ट से कभी उनका हक नहीं मिला, क्योंकि वे हिंदू धर्म से नहीं करते थे...

डॉ. आंबेडकर ने जाति व्यवस्था से तंग आकर बौद्ध धर्म अपनाया, तो जगजीवन राम जीवनभर हिंदू समाज के भीतर रहकर ही कुरीतियों को सुधारने के पक्षधर रहे।
- विज्ञापन -