Thursday, June 13, 2024
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‘धन्य महसूस कर रहा हूँ’: PM मोदी के हाथों होगी रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा, 22 जनवरी 2024 को मंदिर में विराजेंगे भगवान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये भी बताया कि वो खुद को बहुत धन्य महसूस कर रहे हैं। उन्होंने इसे अपना सौभाग्य बताया कि अपने जीवनकाल में वो इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनेंगे।

‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर के उन्हें राम मंदिर के उद्घाटन में शामिल होने का न्योता दिया। पीएम मोदी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया, “जय सियाराम! आज का दिन बहुत भावनाओं से भरा हुआ है। अभी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी मुझसे मेरे निवास स्थान पर मिलने आए थे। उन्होंने मुझे श्रीराम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर अयोध्या आने के लिए निमंत्रित किया है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये भी बताया कि वो खुद को बहुत धन्य महसूस कर रहे हैं। उन्होंने इसे अपना सौभाग्य बताया कि अपने जीवनकाल में वो इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनेंगे। वहीं ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ ट्रस्ट ने भी घोषणा की है कि भगवान श्री रामलला सरकार के श्री विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा दिनांक 22 जनवरी, 2024 को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कर कमलों द्वारा की जाएगी। इस तरह मंदिर निर्माण की पक्की तारीख भी आ गई है।

साथ ही वो तस्वीर भी जारी की गई है, जिसमें ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी चंपत राय सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित हैं। फ़िलहाल मंदिर निर्माण का कार्य बहुत तेज़ी से चल रहा है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मंदिर के निर्माण कार्य की समीक्षा करने के लिए पहुँचे थे। मंदिर के उद्घाटन के साथ ही इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा और दुनिया भर के श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचेंगे।

ट्रस्ट के सदस्य राजधानी नई दिल्ली में पहुँचे और पीएम मोदी से मुलाकात कर के उन्हें निमंत्रण-पत्र सौंपा। RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के प्रमुख मोहन भागवत ने पहले ही जानकारी दे दी थी कि 22 जनवरी, 2024 को अयोध्या में प्रतिमा की स्थापना की जाएगी। इस अवसर पर उत्सव मनाने के लिए देश भर में कई गाँवों में, कई अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रमों के आयोजन का प्रावधान है। सरयू तट पर संग्रहालय की भी स्थापना की जानी है, जिसमें ऐतिहासिक रूप से मिली मूर्तियों और अवशेषों को दर्शाया जाएगा।

‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ ट्रस्ट के न्यासी स्वामी विश्वप्रसन्न तीर्थ जी महाराज पेजावर मठ, उडुपी, कर्नाटक, स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज पुणे (जो ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष भी हैं ), मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष आदरणीय नृपेंद्र मिश्रा जी के साथ में चंपत राय प्रधानमंत्री से मिले थे, प्रधानमंत्री को अयोध्या पधारने का औपचारिक निमंत्रण पत्र प्रस्तुत किया गया, प्रधानमंत्री जी ने सहज स्वीकृति प्रदान की। VHP (विश्व हिन्दू परिषद) ने भी बयान जारी कर के ये जानकारी दी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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