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एवरेस्ट की चोटियाँ हों या समुंदर का विस्तार…योग की कोई सीमा नहीं: 40 देशों के 3 लाख लोगों संग PM मोदी ने मनाया ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’, कहा- गर्व होता जब दिव्यांग साथी विदेश में ये सिखाते हैं

पीएम ने समझाया कैसे योग की सीमा नहीं है। ओपेरा हाउस की सीढ़ियाँ हो या एवरेस्ट की चोटियाँ, समुंदर का विस्तार हो, बसे संदेश एक ही जाता है कि योग सभी का है और सभी के लिए है।

दुनियाभर में आज 11वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विशाखापट्टनम में एक योग कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने 40 देशों के करीब 3 लाख लोगों के साथ मिलकर योग किया। इसके बाद उन्होंने सभी को संबोधित करते हुए आज के दिन के महत्व पर भी चर्चा की।

उन्होंने बताया कि जब उन्होंने 2015 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की बात कही थी, उस समय उनके साथ करीब 175 देश खड़े हुए थे। आज उन्हें ये देखकर खुशी होती है कि योग लोगों के जीवन का हिस्सा बन गया है। गर्व होता है जब वो देखते हैं कि दिव्यांग साथी कैसे ब्रेल में योग शास्त्र पढ़ाते हैं। गाँव-गाँव के साथ योग ओलंपियाड में भाग लेते हैं।

पीएम ने समझाया कैसे योग की सीमा नहीं है। ओपेरा हाउस की सीढ़ियाँ हो या एवरेस्ट की चोटियाँ, समुंदर का विस्तार हो, संदेश बस एक ही जाता है कि योग सभी का है और सभी के लिए है। उन्होंने दुनिया के हालातों पर चर्चा करते हुए कहा कि आज जब चारों ओर तनाव, अशांति और अस्थिरता है तो योग ही है जो शांति का रास्ता दिखाता है

पीएम मोदी ने ‘मीट टू वी’ भाव को समझाते हुए कहा कि योग को सिर्फ पर्सनल प्रैक्टिस न बनाया जा बल्कि ग्लोबल पार्टनरशिप का माध्यम बनाया जाए। भारत इसके प्रचार-प्रसार के लिए योग के साइंस को आधुनिक रिसर्च से विस्तृत कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आह्वान किया और बोले “आइए हम सब मिलकर योग को एक जन आंदोलन बनाएँ। एक ऐसा आंदोलन, जो विश्व को शांति, स्वास्थ्य और समरसता की ओर ले जाए। जहाँ हर व्यक्ति दिन की शुरुआत योग से करे और जीवन में संतुलन पाए। जहाँ हर समाज योग से जुड़े और तनाव से मुक्त हो। जहाँ योग मानवता को एक सूत्र में पिरोने का माध्यम बने। और जहाँ Yoga For One Earth, One Health, एक वैश्विक संकल्प बन जाए।”

बता दें कि योग का समय-समय पर प्रचार करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी देहरादून में योग करके लोगों को इसके प्रति जागरूक किया। वहीं अन्य राज्यों में भी बड़े-बड़े नेता योग कार्यक्रमों में शामिल हुए। चेनाब रेल ब्रिज जो पिछले दिनों चर्चा में था, उसके नीचे भी लोग योग करते दिखे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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