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PM मोदी की कानपुर रैली में फसाद की सपा ने रची थी साजिश, BJP कार्यकर्ताओं को उकसा कर भड़काई जानी थी हिंसा: CCTV फुटेज से पर्दाफाश

गौरतलब है कि मंगलवार (28 दिसंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कानपुर में मेट्रो का उद्घाटन किया था। इस दौरान एक रैली का भी आयोजन किया गया था। इसमें प्रधानमंत्री के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की उत्तर प्रदेश के कानपुर में रैली (Kanpur News) में बवाल कराने के लिए रची गई साजिश का पुलिस ने खुलासा किया है। बताया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं ने रैली के लिए जुटे भाजपा कार्यकर्ताओं को भड़का कर हिंसा कराने के लिए हमले की साजिश रची थी। उत्तर प्रदेश की पुलिस ने भाजपा नेता की गाड़ी पर हमले का वीडियो वायरल होने के बाद मामले की तहकीकात की और इसके लिए सीसीटीवी फुटेज जुटाए। पुलिस ने समाजवादी पार्टी के पाँच नेताओं को साजिश रचने के आरोप में हिरासत में लिया गया है।

पुलिस के अनुसार, कानपुर में पीएम की रैली से कुछ देर पहले कानपुर के नौबस्ता-हमीरपुर रोड के बंबा चौराहे पर सपा नेता प्रधानमंत्री की रैली का विरोध करते हुए उनका पुतला फूँक रहे थे। उनका कहना था कि कानपुर मेट्रो की नींव उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रखी थी और प्रधानमंत्री इसका उद्घाटन कर रहे हैं।

इसी दौरान विरोध प्रदर्शन की जगह एक कार पहुँचती है, जिसमें भाजपा का बैनर पोस्टर लगा था। इस कार को देखकर सपा कार्यकर्ता उसमें तोड़फोड़ करने लगते हैं। इसमें सपा छात्र सभा के राष्ट्रीय सचिव सचिन केसरवानी भी शामिल रहते हैं। इस घटना का वीडियो भी बनाया जाता है और उसे वायरल कर दिया जाता है। पुलिस ने जाँच में पाया कि यह कार सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व जिला सचिव और सपा नेता अंकुर पटेल की है और उसने अपनी गाड़ी पर भाजपा का झंडा लगाया था। पुलिस ने बताया कि इस तोड़फोड़ का उद्देश्य रैली में पहुँचे भाजपा के कार्यकर्ताओं को भड़काना था, ताकि हिंसा फैलाई जा सके।

हालाँकि पुलिस की मुस्तैदी से किसी अप्रिय घटना को होने से पहले ही रोक दिया गया। पुलिस ने नौबस्ता थाने में सपा नेताओं के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की अलग-अलग धाराओं में तीन नामजद और छह अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। साथ ही कुछ अज्ञात लोगों के नाम भी इसमें दर्ज हैं। वहीं, हिंसा फैलाने और उपद्रव करने के आरोप में पुलिस ने सपा के पाँच कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। इसके साथ ही पुलिस ने गाड़ी को भी जब्त किया है।

पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने बताया कि जब वायरल वीडियो की जाँच की गई तो साजिश की हकीकत सामने आ गई। इस साजिश में सपा नेता सचिन केसरवानी, निकेश यादव और अंकुर पटेल के नाम सामने आए हैं। आरोपितों के खिलाफ बवाल, शांति भंग करने का प्रयास, संपत्ति को नुकसान साजिश रचने सहित कई आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी उपद्रवियों को चिह्नित कर लिया गया है।

गौरतलब है कि मंगलवार (28 दिसंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कानपुर में मेट्रो का उद्घाटन किया था। इस दौरान एक रैली का भी आयोजन किया गया था। इसमें प्रधानमंत्री के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल थे। इस रैली के शुरू होने से पहले सपा नेताओं ने यह साजिश रची थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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