Wednesday, August 4, 2021
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CM के साथ PM मोदी की मीटिंग: 9 मुख्यमंत्रियों ने की बात, बाकियों ने लिखित में रखी माँग व समाधान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि उन्हें इस बात पर विचार-विमर्श करना चाहिए कि किस जगह पर लॉकडाउन को कैसे ख़त्म किया जाएगा। उन्होंने इसके लिए 'ग्रेडेड एग्जिट' की योजना बनाने की सलाह दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र ने सोमवार (अप्रैल 27, 2020) को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। ये बैठक कोरोना वायरस संक्रमण आपदा से जुड़ी स्थिति की समीक्षा के लिए की गई। हालाँकि, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन इस बैठक में शामिल नहीं हुए। उन्होंने बताया कि केरल सरकार की तरफ से लिखित में अपनी बात रख दी गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों को लॉकडाउन का सख्ती से प्लान कराने की हिदायत दी।

कोरोना आपदा के बीच ये प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों की चौथी बैठक थी। इस दौरान 9 मुख्यमंत्रियों ने अपनी बात रखी। मेघालय, मिजोरम, पुडुचेरी, हिमाचल प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, ओडिशा और गुजरात के मुख्यमंत्रियों ने पीएम से बातचीत की, जबकि बाकी ने लिखित में अपनी बात रखी। मेघालय ने कहा कि वहाँ लॉकडाउन 3 मई के बाद भी जारी रहेगा। मेघालय के सीएम ने कहा कि वो केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुरूप काम करते रहेंगे।

पुडुचेरी के सीएम वी नारायणसामी ने केंद्र से पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट्स) व अन्य मेडिकल उपकरणों की माँग की। उन्होंने वित्तीय मदद भी माँगी। उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उद्योग-धंधों को धीरे-धोरे चालू करने की बात कही। उन्होंने बताया कि उनके राज्य में मनरेगा सहित अन्य विकास कार्य शुरू हैं। हिमाचल प्रदेश ने आर्थिक सेवाएँ चालू करने की बात की। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बताया कि कैसे ग़रीबों की मदद की जा रही है।

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कई सलाह दिए और कहा कि नेशनल लॉकडाउन 3 मई के बाद भी जारी रहना चाहिए लेकिन महत्वपूर्ण गतिविधियाँ चालू की जानी चाहिए। उन्होंने धार्मिक व राजनीतिक गैदरिंग के अलावा शिक्षण संस्थानों को बंद रखने की वकालत की। उन्होंने कहा कि आर्थिक गतिविधियों को चालू किया जाना चाहिए। इसी तरह अन्य मुख्यमंत्रियों ने भी अपनी-अपनी बातें रखीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि उन्हें इस बात पर विचार-विमर्श करना चाहिए कि किस जगह पर लॉकडाउन को कैसे ख़त्म किया जाएगा। उन्होंने इसके लिए ‘ग्रेडेड एग्जिट’ की योजना बनाने की सलाह दी। बता दें कि देश भर में मार्च 25, 2020 से ही लॉकडाउन चल रहा है, जिसकी अवधि मई 3 को ख़त्म हो रही है। सबकी नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि इसके बाद सरकार क्या करती है।

बैठक के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वो व्यक्तिगत रूप से राज्य में कोरोना से निपटने की तैयारी की मॉनिटरिंग कर रही हैं और जब तक वो मौजूद हैं, तब तक राज्य के एक भी नागरिक को निःसहाय महसूस नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के अन्य हिस्सों में फँसे बंगालियों की भी मदद की जा रही है। कोटा से छात्रों को वापस बुलाया जाएगा। ममता ने अधिकारियों को कई ज़रूरी निर्देश दिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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