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विकास दुबे के एनकाउंटर को लेकर प्रियंका गाँधी और अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना

“विकास दुबे, विकास दुबे नहीं बनता अगर उस समय सरकार ने उसे रोका होता। जहाँ तक ​​'ऑपरेशन क्लीन' का सवाल है, क्या निर्दोष लोगों की हत्या करना, हिरासत में लोगों की मौत हो जाना। क्या सही कानून और व्यवस्था के संकेत है?”

गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद विपक्षी पार्टियाँ लगातार उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधने की कोशिश कर रही है। कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के मुख्य आरोपित दुबे की मौत के बाद अपना बयान दिया है।

प्रियंका गाँधी ने कहा, “बीजेपी की सरकार ने उत्तर प्रदेश को ‘अपराध प्रदेश’ में बदल दिया है। विकास दुबे जैसे अपराधी सत्ता में बैठे लोगों की देखरेख में आगे बढ़ रहे हैं और उन्हें बचाया भी जा रहा है। कॉन्ग्रेस पूरे कानपुर कांड की जाँच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से कराने की माँग करती है।”

प्रियंका गाँधी ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिल्कुल बिगड़ चुकी है। विकास दुबे जैसे अपराधी सत्ता में बैठे लोगों की संरक्षण में फल-फूल रहे हैं। उनके बड़े-बड़े व्यवसाय हैं। इस तरह के लोग खुलेआम अपराध कर रहे हैं और कोई रोकने वाला नहीं है। सभी को पता है कि इन्हें सत्ता के लोगों से ही संरक्षण प्राप्त है।”

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी प्रदेश में भाजपा सरकार को निशाना बनाने के लिए विकास के एनकाउंटर पर संदेह जता दिया। उन्होंने एनकाउंटर के बाद एक ट्वीट में लिखा, “दरअसल ये कार नहीं पलटी है, राज़ खुलने से सरकार पलटने से बचाई गई है।”

इसके अलावा अखिलेश यादव ने आजतक से बातचीत में विकास को निर्दोष तक कहा। उन्होंने बोला, “विकास दुबे, विकास दुबे नहीं बनता अगर उस समय सरकार ने उसे रोका होता। जहाँ तक ​​’ऑपरेशन क्लीन’ का सवाल है, क्या निर्दोष लोगों की हत्या करना, हिरासत में लोगों की मौत हो जाना। क्या सही कानून और व्यवस्था के संकेत है?”

यहाँ बता दें, अखिलेश यादव जिस विकास दुबे की मौत के लिए भाजपा को प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार बता रहे हैं। उसी विकास दुबे को लेकर उसकी माँ ने बयान दिया था कि वह सपा से जुड़ा हुआ है। लेकिन. बावजूद इसके सपा प्रमुख केवल राजनीति के लिए योगी सरकार को दोषी ठहराने में जुटे हैं।

गौरतलब है कि गुरुवार को उज्जैन में पकड़े जाने के बाद यूपी पुलिस विकास दुबे को कानपुर लेकर आ रही थी। लेकिन रास्ते में अचानक उत्तर प्रदेश एसटीएफ की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई और विकास दुबे ने मौका देखकर भागने की कोशिश की।

पुलिस ने इस दौरान उसे आत्मसमर्पण करने को कहा। मगर विकास दुबे ने पुलिस की बंदूक से उनपर गोली फायर कर दी। इसके बाद पुलिस को भी उसे रोकने के लिए जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। इसी मुठभेड़ में विकास दुबे मारा गया और विपक्षी पार्टियों ने मौके का फायदा उठाकर यूपी सरकार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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