विवादित कॉन्ग्रेस MLA ने महिला सरपंच का किया अपमान, बगल की कुर्सी से हटा जमीन पर बिठाया

इस पूरे घटनाक्रम पर सफाई देते हुए विधायक ने कहा कि वे कॉन्ग्रेस के कार्यक्रम में गई थीं लेकिन सरपंच भाजपा की थी।

चुनाव जीतने के बाद से ही लगातार अपने तेवर दिखा रही राजस्थान के ओसियाँ से कॉन्ग्रेस विधायक दिव्या मदेरणा का एक और वीडियो सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में विधायक महिला सरपंच को अपने बराबर बैठने से रोकती हुई दिख रही है। महिला सरपंच का अपमान करते हुए विधायक ने उन्हें मंच पर बैठने से रोक दिया। खेतासर गाँव की सरपंच चंदू देवी को विधायक दिव्या ने अपने बगल की कुर्सी से उठ कर मंच से नीचे पंडाल में बैठने को कहा। मजबूर सरपंच को मंच छोड़ कर नीचे बैठना पड़ा। इस वीडियो को लेकर विधायक साहिबा की जबरदस्त किरकिरी हो रही है। सोशल मीडिया पर लोगों ने विधायक के इस तेवर पर निशाना साधा। सरपंच के पति ने कहा कि चंदू देवी ने किसी भी प्रकार का विरोध नहीं किया क्योंकि वह एक सीधी-सादी महिला हैं और जीतने के बाद पहली बार गाँव आई विधायक का अपमान नहीं करना चाहती थीं।

वीडियो में साफ़-साफ़ देखा जा सकता है कि महिला सरपंच जैसे ही आकर विधायक के बगल में बैठती हैं, विधायक को यह नागवार गुजरता है। इसके बाद विधायक उन्हें कुर्सी से उठने का इशारा कर के नीचे बैठने को कहती हैं। इसके बाद सरपंच चंदू देवी को वापस जाना पड़ता है। महिला सरपंच ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विधायक ने जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उन्हें बराबर नहीं बैठने दिया और उनका अपमान किया। सरपंच ने कहा कि यह विधायक की सोच हो सकती है लेकिन उन्होंने ग्रामीणों के आग्रह करने पर विधायक का स्वागत किया और मंच पर पहुँचीं। इस पूरे घटनाक्रम पर सफाई देते हुए विधायक ने कहा कि वे कॉन्ग्रेस के कार्यक्रम में गई थीं लेकिन सरपंच भाजपा की थी।

सरपंच ने कहा कि गाँव का प्रथम नागरिक होने के कारण उनके लिए मंच पर कुर्सी लगाई गई थी लेकिन विधायक ने फिर भी उन्हें बैठने से मना कर दिया। इस से पहले चुनाव जीतने के बाद पहली बार क्षेत्र में पहुँची दिव्या मदेरणा का एसडीएम को फटकारते हुए वीडियो वायरल हुआ था। उन्होंने एसडीएम को धमकी देते हुए कहा था कि प्रदेश में सबसे पहले सीएम गहलोत हैं और जोधपुर में सबसे पहले उनका स्थान आता है। उन्होंने अपने कार्यक्रम में लेट आए एसडीएम को फटकारते हुए कहा था कि विधायक का कार्यक्रम छोड़कर आपके पास क्या अर्जेन्ट काम हो सकता है। उन्होंने एसडीएम से पूछा था कि क्या वह सीएम के पास गए थे जो अर्जेन्ट कार्य को देरी का कारण बता रहे हैं।

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इसके अलावा पुलिस अधिकारियों को घुड़की देते हुए भी विधायक का वीडियो वायरल हुआ था। मथानिया बाईपास पर पुलिस अधिकारियों को फटकारते हुए दिव्या मदेरणा ने उन्हें कहा था कि सरकार और विधायक दोनों बदल गए हैं, इसीलिए वे भी अपना रवैया बदल लें। विधायक ने अपने पास शासन की बन्दूक होने की धमकी दी थी।

2010 में जिला परिषद का चुनाव जीती मदेरणा ने 2018 राजस्थान विधानसभा चुनाव में तत्कालीन भाजपा विधायक भारा राम चौधरी को हराया था। विधायक दिव्या मदेरणा के पिता पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा बहुचर्चित नर्स भँवरी देवी केस में आरोपित हैं। भँवरी देवी के पति ने कहा था कि महिपाल के कहने पर उनकी पत्नी का अपहरण कर लिया गया था। इसके बाद सीएम गहलोत ने महिपाल मदेरणा को मंत्रिमंडल से बरख़ास्त कर दिया था। इस से पहले 1970 में पूर्व उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत के भतीजे दिलीप सिंह की हत्या के मामले में भी महिपाल आरोपित रह चुके हैं। दिलीप सिंह की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी।

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