‘मानसिक विकृति से ग्रस्त हैं आज़म खान, कड़ी सजा दी जाए’ जौहर यूनिवर्सिटी की 140 बीघा जमीन का पट्टा भी निरस्त

“आज़म खान द्वारा बार-बार दिए गए ऐसे बयान यह साबित करते हैं कि वह मानसिक विकृति से ग्रस्त हैं। कल संसद में महिला सभापति को संबोधित करते हुए दिया गया उनका बयान बदसलूकी की सारी हदें पार कर गया। संसदीय मर्यादा का तकाज़ा है कि आजम खान को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।”

लोकसभा में बीजेपी महिला सांसद रमा देवी पर अपमानजनक टिप्पणी कर चौतरफा आलोचना झेल रहे समाजवादी पार्टी के नेता आज़म खान को एक और बड़ा झटका लगा है। दरअसल, रामपुर में कोसी नदी पर बने आज़म की जौहर यूनिवर्सिटी की करोड़ों की जमीन का पट्टा रद्द कर दिया गया है। आज़म खान ने इस जमीन को उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान लीज पर लिया था। इस जमीन को लीज पर लेते वक्त उन्होंने सभी नियम और कानून को ताक पर रख दिया था। वहीं पूर्व विदेश मंत्री ने ट्वीट करके आजम खान पर हमला बोला और उन्हें कड़ी सजा दिए जाने की माँग की।

जिसके बाद यह मामला एसडीएम अदालत पहुँचा, अब कोर्ट ने इस 140 बीघा जमीन का पट्टा निरस्त करने के आदेश दिए हैं। इस जमीन पर जौहर यूनिवर्सिटी का कैंपस बना हुआ है। इससे पहले भी कोर्ट ने जौहर यूनिवर्सिटी के बीच से गुजरने वाली सड़क को लेकर 3.27 करोड़ का जुर्माना लगाया था, साथ ही 15 दिन के भीतर यूनिवर्सिटी गेट को हटाने का आदेश दिया था।

एसडीएम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि जौहर यूनिवर्सिटी की 140 बीघा जमीन के पट्टे को रद्द किया जाता है। यह जमीन 2013 में मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट ने 30 साल से राज्य सरकार से लीज पर ली गई थी। कोर्ट ने माना कि यह कोसी नदी की रेतीली जमीन है, जो कि सार्वजनिक है। इस जमीन को गलत तरीके से लीज पर लिया गया था। रामपुर जिला प्रशासन ने अपनी जाँच में बताया कि जौहर यूनिवर्सिटी की आधी से ज्यादा जमीन को फर्जीवाड़ा कर हड़पा गया है।

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गौरतलब है कि, जमीन कब्जाने के 23 से अधिक मामलों में फँसे आज़म खान को रामपुर प्रशासन ने भू-माफिया घोषित कर दिया है। साथ ही उनका नाम राज्य सरकार के एंटी-भू माफिया पोर्टल पर भी सूचिबद्ध कर दिया गया है। आजम खान और उनके साथी आलेहसन पर आलियागंज के 26 किसानों की जमीन हड़पने का आरोप है। पीड़ित लोगों का आरोप है कि आजम खान ने अपने ओहदे और पद का इस्तेमाल करते हुए जौहर विश्वविद्यालय के लिए जमीन हथिया ली। जौहर विश्वविद्यालय के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के शासन में भी इस तरह के आरोप लगे थे। लेकिन सरकार में होने के बावजूद उन पर कभी किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई थी।

वहींं, महिला सांसद रमा देवी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने को लेकर स्पीकर ओम बिड़ला ने शुक्रवार (जुलाई 26, 2019) को सर्वदलीय बैठक की, जिसमें सर्वसम्मति से ये फैसला लिया गया कि आज़म खान माफी माँगे, नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। रमा देवी ने सरकार और स्‍पीकर के सामने माँग रखी कि आज़म खान सोमवार (जुलाई 29, 2019) को बिना शर्त लोकसभा में माफी माँगे और अगर वे माफी नहीं माँगते हैं तो उन्‍हें 5 साल के लिए निलंबित किया जाए। 

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “आज़म खान द्वारा बार-बार दिए गए ऐसे बयान यह साबित करते हैं कि वह मानसिक विकृति से ग्रस्त हैं। कल संसद में महिला सभापति को संबोधित करते हुए दिया गया उनका बयान बदसलूकी की सारी हदें पार कर गया। संसदीय मर्यादा का तकाज़ा है कि आजम खान को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।”

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