Tuesday, April 16, 2024
Homeराजनीतिनौकरी या पढ़ाई के कारण अपने राज्य से बाहर रह रहे हैं? अब वहीं...

नौकरी या पढ़ाई के कारण अपने राज्य से बाहर रह रहे हैं? अब वहीं से बैठे-बैठे डाल पाएँगे वोट: EC लेकर आया पायलट प्रोजेक्ट

आयोग ने कहा कि मतदाता शिक्षा, रोजगार और अन्य उद्देश्यों के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करते हैं। ऐसे में उनके लिए वोट डालने के लिए अपने राज्य में आना बेहद मुश्किल हो जाता है। इसलिए, अब रिमोट वोटिंग की संभावनाएँ तलाशने का समय आ गया है।

वर्ष 2024 में होने वाले आम चुनाव में देशवासियों को रिमोट वोटिंग का विकल्प मिल सकता है। जैसे अगर आप महाराष्ट्र में रहते हैं और आपका नाम दिल्ली की वोटिंग लिस्ट में है और वहाँ विधानसभा चुनाव होने हैं तो ऐसे में आप महाराष्ट्र में बैठे-बैठे अपना वोट डाल सकते हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के उत्तराखंड के एक दूरदराज मतदान केंद्र की एक घंटे की यात्रा के कुछ दिन बाद मंगलवार (6 जून, 2022) को अहम फैसला लिया। चुनाव आयोग ने अपने एक बयान में प्रवासियों का मतदान प्रतिशत बढ़ाने का आदेश दिया है।

आयोग ने कहा कि अब समय आ गया है कि रिमोट वोटिंग की संभावनाओं का पता लगाया जाए, शायद पायलट आधार पर ऐसा किया जा सकता है।

आयोग ने कहा कि मतदाता शिक्षा, रोजगार और अन्य उद्देश्यों के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करते हैं। ऐसे में उनके लिए वोट डालने के लिए अपने राज्य में आना बेहद मुश्किल हो जाता है। इसलिए, अब रिमोट वोटिंग की संभावनाएँ तलाशने का समय आ गया है।

निर्वाचन आयोग ने 6 जून को चुनाव आयुक्त अनूप चंद्र पांडे के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में सीईसी के गाँव दुमक और कलगोठ के दौरे के बाद अपने विचार रखे थे। उन्होंने सीईसी को बताया कि हाल के चुनावों में दुमक गाँव जैसे दूरदराज के इलाकों में 71.14% मतदान हुआ और कलगोथ गाँव में 80.45% मतदान हुआ। महिला मतदाताओं की समान संख्या में भागीदारी रही। लेकिन इन दोनों ही गाँवों में लगभग 20-25% पंजीकृत मतदाता अपने निर्वाचन क्षेत्रों में वोट डालने में असमर्थ रहे हैं, क्योंकि वे अपनी नौकरी और पढ़ाई के कारण मतदान के समय अपने गाँव/राज्य से बाहर होते हैं।

चुनाव आयोग ने बताया है कि प्रवासी मतदाताओं से संबंधी मुद्दों की जाँच के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। ये कमेटी उन सारे तरीकों पर विचार करेगी, जिससे प्रवासी मतदाता जहाँ हैं, वहीं रहकर वोट डाल सकेंगे। इसके अलावा 3 दिन पहले से मतदान केंद्रों पर जाने वाले मतदान अधिकारियों का पारिश्रमिक दोगुना कर दिया गया है।

बताया जा रहा है कि जिस तरह से सर्विस वोटर्स इलेक्ट्रॉनिकली ट्रासमिटेड पोस्टल बैलेट सिस्टम यानी ETPBS के जरिए वोट डालते हैं, वही सिस्टम प्रवासी मतदाताओं के लिए भी हो जाए। अगर प्रवासी मतदाताओं के लिए ऐसी सुविधा हो जाती है, तो इससे दो बड़े फायदे होंगे। पहला दूरदराज इलाकों में रहने वाले मतदाता अपना वोट डाल सकेंगे और दूसरा ये कि इससे वोटिंग प्रतिशत भी बढ़ेगा।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मोदी की गारंटी’ भी होगी पूरी: 2014 और 2019 में किए इन 10 बड़े वादों को मोदी सरकार ने किया पूरा, पढ़ें- क्यों जनता...

राम मंदिर के निर्माण और अनुच्छेद 370 को निरस्त करने से लेकर नागरिकता संशोधन अधिनियम को अधिसूचित करने तक, भाजपा सरकार को विपक्ष के लगातार कीचड़ उछालने के कारण पथरीली राह पर चलना पड़ा।

‘वित्त मंत्री रहते RBI पर दबाव बनाते थे P चिदंबरम, सरकार के लिए माहौल बनाने को कहते थे’: बैंक के पूर्व गवर्नर ने खोली...

आरबीआई के पूर्व गवर्नर पी सुब्बाराव का दावा है कि यूपीए सरकारों में वित्त मंत्री रहे प्रणब मुखर्जी और पी चिदंबरम रिजर्व बैंक पर दबाव डालते थे कि वो सरकार के पक्ष में माहौल बनाने वाले आँकड़ें जारी करे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe