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88 में से 87 मामलों में सपा सांसद आज़म खान को मिली जमानत, नए केस पर 19 मई को सुनवाई: अखिलेश यादव से चल रही तनातनी

उन पर ये आरोप था कि आजम खान ने रामपुर पब्लिक स्कूल की बिल्डिंग के फर्जी सर्टिफिकेट बनवाकर मान्यता हासिल की थी। ये इकलौता केस है, जिस पर अभी तक कोर्ट ने सुनवाई नहीं की है।

समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के नेता और सांसद आजम खान (Azam Khan) को इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High court) ने मंगलवार (10 मई, 2022) को बड़ी राहत देते हुए उन्हें जमानत दे दी। सपा नेता को उनके खिलाफ चल रहे कुल 88 मामलों में से 87 केस में जमानत मिल गई है। सपा नेता की जमानत पर फैसला इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस राहुल चतुर्वेदी की सिंगल बेंच ने सुनाया। हालाँकि, एक अन्य मामले में उनकी जमानत नहीं हो सकी है।

मंगलवार को उन्हें राजस्व रिकॉर्ड में वक्फ की संपत्तियों को अपने स्वामित्व वाले विश्वविद्यालय के तौर पर दिखाने के मामले में कोर्ट ने जमानत दे दी। इस मामले में उनके खिलाफ साल 2019 में लखनऊ की पत्रकार अल्लामा जमीर नकवी ने केस दर्ज कराया था। बाद में इसे रामपुर स्थानांतरित कर कर दिया गया। वो पिछले दो साल से सीतापुर जेल में बंद हैं। उल्लेखनीय है कि हाल ही में बीजेपी के नेता आकाश सक्सेना ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी।

उन पर ये आरोप था कि आजम खान ने रामपुर पब्लिक स्कूल की बिल्डिंग के फर्जी सर्टिफिकेट बनवाकर मान्यता हासिल की थी। ये इकलौता केस है, जिस पर अभी तक कोर्ट ने सुनवाई नहीं की है। ऐसे में आजम खान का बहर आना भी मुश्किल है।

उल्लेखनीय है कि आजम खान पर चल रहे नए केस में 19 मई, 2022 को रामपुर कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है। हालाँकि, जमानत मिलेगी या वो जेल ही हवा खाएँगें ये वक्त ही बताएगा। लेकिन अखिलेश और आजम खान के बीच की दूरियाँ जरूर जाहिर हो रही हैं। उनके मीडिया सलाहकार फसाहत अली का आरोप है कि अखिलेश यादव खुद ही नहीं चाहते कि आजम खान जेल से बाहर न आने पाएँ।

वो (आजम खान) फरवरी 2020 से जेल में बंद हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट में उनकी जमानत याचिका करीब 5 महीने से लंबित थी, जिसको लेकर पिछले दिनों सर्वोच्च अदालत ने नाराजगी जाहिर की थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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