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जाली नोट मामले में सपा नेता मुज़म्मिल हयात गिरफ़्तार, मायावती सरकार के दौरान बसपा में था शामिल

समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री मदन चौहान ने दावा किया कि मुज़म्मिल सपा का सदस्य नहीं है और उसके पास पार्टी में कोई पद नहीं है। चौहान ने कहा कि आरोपित सपा का सदस्य भी नहीं है।

जाली नोटों के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए गोवा पुलिस को उत्तर प्रदेश के हापुड़ तक आना पड़ा। नकली नोटों के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था को काफ़ी नुक़सान पहुँचता है। गोवा पुलिस ने इसी से जुड़े एक मामले की तह तक जाने की कोशिश की तो हापुड़ के समाजवादी पार्टी नेता मुज़म्मिल हयात का नाम सामने आया। उसे गिरफ़्तार करने के लिए गोवा पुलिस पश्चिमी यूपी के हापुड़ पहुँची थी। सपा नेता का साथी पहले ही गिरफ़्तार किया जा चुका है।

सपा नेता के साथी शादाब की निशानदेही पर ही मुज़म्मिल हयात को गिरफ़्तार किया गया। पुलिस ने उससे कई घंटों तक पूछताछ की। देर रात उसका मेडिकल कराने के बाद पुलिस उसे रिमांड पर ले गई। मुज़म्मिल हयात व्यवसायी है। उसके क़रीबी शादाब के घर से 77 हज़ार रुपए के जाली नोट बरामद किए गए थे। जब पुलिस ने उससे गहनता से पूछताछ की तो भट्टा व्यवसायी मुज़म्मिल का नाम सामने आया।

गढ़ कोतवाली का रहने वाला सपा नेता मुज़म्मिल के पार्टी के अन्य बड़े नेताओं से काफ़ी क़रीबी सम्बन्ध रहे हैं। हालाँकि, इस सम्बन्ध में समाजवादी पार्टी ने स्पष्टीकरण जारी किया है। समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री मदन चौहान ने दावा किया कि मुज़म्मिल सपा का सदस्य नहीं है और उसके पास पार्टी में कोई पद नहीं है। चौहान ने कहा कि उक्त आरोपित सपा का सदस्य भी नहीं है।

शुक्रवार (अगस्त 30, 2019) को हुई इस कार्रवाई के दौरान पता चला कि इस धंधे में मुज़म्मिल और शादाब के कई और साथी भी लिप्त हैं। पुलिस सभी का पता लगाने के लिए जाँच कर रही है। गोवा पुलिस की पाँच सदस्यीय टीम ने मुज़म्मिल की गिरफ़्तारी के ऑपरेशन को अंजाम दिया। मुज़म्मिल के बारे में यह भी पता चला है कि वह मायावती सरकार के दौरान बसपा में शामिल था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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