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धमकी पर उतरा उद्धव गुट, संजय राउत ने दिखाया सड़क का डर: गुवाहाटी से मुंबई कूच कर सकते हैं एकनाथ शिंदे, दिखाए शिवसेना के 38 MLA

शिंदे समर्थक विधायकों के पत्र के बावजूद महाराष्ट्र विधानसभा के डिप्टी स्पीकर नरहरि झिरवाल ने अजय चौधरी को शिवसेना विधायक दल के नेता के तौर पर मान्यता दे दी है।

महाराष्ट्र की सत्ता हाथ से निकलते देख मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का गुट अब धमकी पर उतर आया है। पार्टी सांसद संजय राउत ने कहा है कि हमें चुनौती देने वाले शिंदे समर्थकों को समझ आ जाना चाहिए कि शिवसैनिकों का अभी सड़क पर उतरना बाकी है। वहीं, शिंदे का दावा है कि उनके साथ शिवसेना के 38 विधायक हैं। इनकी तस्वीर भी गुवाहाटी के रेडिसन ब्लू होटल से सामने आई है। इसी होटल में शिंदे समर्थकों के साथ डेरा डाले हुए हैं। उनके समर्थक विधायकों की संख्या 50 के करीब बताई जाती है, जिनमें कुछ निर्दलीय हैं।

न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में राज्यसभा सांसद राउत ने कहा, “हमें चुनौती देने वाले एकनाथ शिंदे गुट को पता होना चाहिए कि शिवसैनिक अभी सड़क पर नहीं उतरे हैं। इस तरह की लड़ाई या तो कानूनी तरीके से लड़ी जाती है या सड़क पर। जरूरत पड़ी तो हमारे कार्यकर्ता सड़क पर उतरेंगे।”

इस बीच महाराष्ट्र विधानसभा के डिप्टी स्पीकर नरहरि झिरवाल ने अजय चौधरी को शिवसेना विधायक दल के नेता के तौर पर मान्यता दे दी है। उद्धव गुट ने बगावत के बाद शिंदे को इस पद से हटाकर चौधरी को नेता चुना था और इस संबंध में डिप्टी स्पीकर को पत्र भेजा था। इसके बाद गुवाहाटी में कैंप किए विधायकों ने शिंदे को अपना नेता चुनते हुए भी झिरवाल को पत्र भेजा था। इस पर 37 शिवसेना विधायकों के हस्ताक्षर थे जो दलबदल कानून के हिसाब से जरूरी है। इस पत्र में आम सहमति से एकनाथ शिंदे को शिवसेना विधायक दल का नेता और भारत गोगावले को व्हिप ​चुनने की जानकारी दी गई थी।

ऐसे में अब कयास लगाए जा रहे हैं कि शिंदे शायद मुंबई के लिए कूच करें और डिप्टी स्पीकर से मुलाकात करें। इससे पहले ​उद्धव गुट ने शिंदे समेत कुछ शिवसेना विधायकों को अयोग्य ठहराने को लेकर भी डिप्टी स्पीकर के पास याचिका दी थी। इसके जवाब में शिंदे ने कहा था, “12 विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की अर्जी देकर आप हमें डरा नहीं सकते, क्योंकि हम शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के असली शिवसेना और असली शिव सैनिक हैं। इसके अलावा, हम कानून भी जानते हैं। इसलिए हम इस तरह की धमकियों पर ध्यान नहीं देते। नंबर्स नहीं होने के बावजूद अवैध समूह बनाने के लिए हम आपके खिलाफ कार्रवाई की माँग करते हैं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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