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अस्पताल के कमरे में मस्त सो रहे थे सत्येंद्र जैन, ED के पहुँचते ऑक्सीजन मास्क और बीपी बेल्ट लगा लिया: जिस हॉस्पिटल में भर्ती, वो दिल्ली सरकार का

ED का कहना है कि सत्येंद्र जैन स्वस्थ हैं और बीमारी का बहाना बना कर अस्पताल में भर्ती हैं, जिसमें अस्पताल प्रशासन उनका सहयोग कर रहा है।

दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को LNJP की बजाए AIIMS में भर्ती कराने की माँग ED ने की है, क्योंकि उनकी मेडिकल रिपोर्ट्स में छेड़छाड़ की आशंका है। ED अधिकारियों का कहना है कि जब वो अस्पताल में भर्ती सत्येंद्र जैन के कमरे में पहुँचे तो वो वहाँ सो रहे थे और किसी भी मेडिकल उपकरण से उनकी निगरानी नहीं की जा रही थी। उनकी पत्नी भी वहाँ उनके साथ में ही थी। ED ने कहा है कि उन्हें RML या सफदरगंज अस्पताल में भी भर्ती कराया जा सकता है।

यही माँग करते हुए ED ने दिल्ली उच्च-न्यायालय में याचिका भी दायर की है। LNJP अस्पताल दिल्ली सरकार के अंतर्गत ही आती है और दिल्ली में AAP की सरकार है। सत्येंद्र जैन इसी सरकार में मंत्री हैं। ED का कहना है कि सत्येंद्र जैन स्वस्थ हैं और बीमारी का बहाना बना कर अस्पताल में भर्ती हैं, जिसमें अस्पताल प्रशासन उनका सहयोग कर रहा है। उनके स्वास्थ्य की स्वतंत्र जाँच हो सके, इसीलिए किसी केंद्रीय अस्पताल में परीक्षण की माँग की गई है।

27 जून को इसकी जाँच के लिए ED के अधिकारी अस्पताल में उनके कमरे में गए थे, जहाँ उन्होंने पाया कि मल्टीपारा रोगी मॉनिटर बंद पड़ा था और सत्येंद्र जैन मस्त सो रहे थे। उन्हें कोई परेशानी नहीं दिख रही थी। जैसे ही ED के अधिकारी वहाँ पहुँचे, सत्येंद्र जैन ने तुरंत ऑक्सीजन मास्क पहन कर बीपी जाँचने वाला बेल्ट लगा लिया और मॉनिटर चालू कर के लेट गए। निचली अदालत पहले ही ED की माँग को ख़ारिज कर चुकी है।

6 जुलाई के इसी आदेश को अब ED ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। LNJP अस्पताल की वेबसाइट पर सत्येंद्र जैन की तस्वीर प्रमुखता से दिखाई जा रही है, क्योंकि वो दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री हैं। उनके द्वारा यहाँ एक पट्टिका के उद्घाटन की भी तस्वीर है। LNJP अस्पताल से इस सम्बन्ध में जवाब माँगा गया है और 29 जुलाई को इसकी सुनवाई होगी। उधर पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले में फँसे TMC के मंत्री पार्था चटर्जी ने यही तिकड़म आजमाया, लेकिन कलकत्ता हाईकोर्ट ने उनकी याचिका ख़ारिज करते हुए भुवनेश्वर के AIIMS में मेडिकल जाँच कराने को कहा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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