Homeराजनीतिबांग्ला फ़िल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाना ममता सरकार को पड़ा भारी, SC ने...

बांग्ला फ़िल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाना ममता सरकार को पड़ा भारी, SC ने लगाया ₹20 लाख का जुर्माना

ममता बनर्जी आमतौर पर आलोचनाओं को संभाल नहीं पाती। ऐसी कई घटनाएँ सामने आई हैं, जहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने असंतोष फैलाने वाली आवाजें बुलंद करने की कोशिश की है।

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल सरकार पर अनिक दत्त द्वारा निर्देशित सामाजिक-राजनीतिक व्यंग्य पर आधारित फ़िल्म ‘भोबिश्योतिर भूत’ की सार्वजनिक स्क्रीनिंग पर प्रतिबंध लगाने के संबंध में 20 लाख रुपए का जुर्माना लगाया।

ख़बरों के अनुसार, अनिक दत्त द्वारा निर्देशित एक सामाजिक-राजनीतिक व्यंग्य पर आधारित यह फ़िल्म 15 फरवरी को रिलीज़ हुई थी और उसके अगले ही दिन उसे कोलकाता के सभी सिनेमाघरों से हटा दिया गया। जानकारी के अनुसार यह फ़िल्म कथित तौर पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर व्यंग्य थी और इसीलिए फ़िल्म को सिनेमाघरों से हटा दिया गया।

न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने फ़िल्म निर्माता की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि उत्पादकों और सिनेमा हॉल के मालिकों को 20 लाख रुपए का जुर्माना दिया जाएगा, जो बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के उल्लंघन के मुआवज़े के रूप में दिया जाएगा।

भोबिश्योतिर भूत के निर्माता ने आरोप लगाया था कि फ़िल्म को राज्य के अधिकारियों के इशारे पर सिनेमाघरों से हटवाया गया।

शीर्ष अदालत ने 15 मार्च को ममता बनर्जी सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि फ़िल्म की स्क्रीनिंग पर किसी भी तरह का कोई प्रतिबंध न लगाया जाए। फिल्म के निर्देशक ने तब आरोप लगाया था कि सिंगल-स्क्रीन थिएटर मालिकों और मल्टीप्लेक्स को राज्य भर में 40 से अधिक स्क्रीन पर स्क्रीनिंग को रोकने के लिए मजबूर किया गया था।

पश्चिम बंगाल पुलिस की विशेष शाखा से फ़िल्म के निर्माता द्वारा संपर्क साधने पर पता चला कि इसके प्रदर्शन पर रोक लगाने के पीछे फ़िल्म के कंटेंट से किसी की भावना आहत न हो यह तर्क दिया गया था। साथ ही राजनीतिक और क़ानून-व्यवस्था की समस्या पैदा होने का हवाला भी दिया गया था।

फ़िल्म पर प्रतिबंध लगाने के बाद 18 फरवरी को एक विरोध-प्रदर्शन किया गया था जिसमें कई फ़िल्म कलाकार और कार्यकर्ता शामिल हुए थे।

वयोवृद्ध कलाकार सौमित्र चटर्जी ने एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने लिखा कि फ़िल्म पर रोक लगाने का फ़ैसला अलोकतांत्रिक और फ़ासीवादी नीति से ताल्लुक़ रखता है। चटर्जी ने अपने पत्र में यह भी लिखा कि स्क्रीनिंग पर रोक का फ़ैसला प्रशासन का एक ‘प्रतिशोधात्मक कृत्य’ है।

फ़िल्म ‘भोबिश्योतिर भूत’ शुरुआत से ही गंभीर विवादों का सामना कर रही है। फ़िल्म के निर्देशक अनिक दत्त और सह-निर्माता इंदिरा उन्नीनार ने हाल ही में धमकी मिलने का दावा भी किया था।

इससे पहले अनिक दत्त ने फ़िल्म फेस्टिवल स्थलों और उसके आस-पास मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पोस्टरों के अत्यधिक उपयोग की आलोचना की थी और तर्क दिया था कि इस तरह के आयोजनों के दौरान फ़िल्मी हस्तियों को अधिक लाइमलाइट मिलनी चाहिए।

ममता बनर्जी आमतौर पर आलोचनाओं को संभाल नहीं पाती। ऐसी कई घटनाएँ सामने आई हैं, जहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने असंतोष फैलाने वाली आवाजें बुलंद करने की कोशिश की है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अचानक लंबी दाढ़ी, नकाब और अरबी शब्द… गुजरात में ‘कट्टरपंथियों’ को पहचानने के लिए बने नियम: ‘The Wire’ बिलबिलाया, जानिए ARC की गाइडलाइंस पर...

गुजरात सरकार ने एंटी-रेडिकलाइजेशन सेल की SOP जारी की। इसमें कट्टरपंथ की रोकथाम, पहचान, काउंसलिंग, पुनर्वास, निगरानी की व्यवस्था तय की है।

गगनयान से पहले ISRO में ‘ब्रेन ड्रेन’… 100+ वैज्ञानिक छोड़ चुके नौकरी, सरकार को बदलने पड़े इस्तीफे के नियम: भारत के स्पेस मिशनों पर...

गगनयान जैसे महत्वपूर्ण मिशनों के बीच इसरो से वैज्ञानिकों के पलायन को रोकने के लिए अंतरिक्ष विभाग ने इस्तीफे और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के नियमों को बेहद सख्त कर दिया है।
- विज्ञापन -