Homeराजनीतिस्मृति ईरानी ने कॉन्ग्रेस नेताओं जयराम रमेश और पवन खेड़ा को भेजा लीगल नोटिस,...

स्मृति ईरानी ने कॉन्ग्रेस नेताओं जयराम रमेश और पवन खेड़ा को भेजा लीगल नोटिस, 18 साल की बेटी को लेकर कहा था – ‘गोवा में चलाती है बार’

कॉन्ग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि स्मृति ईरानी की 18 साल की बेटी गोवा में बार चलाती हैं। खेड़ा ने कहा था कि ईरानी जिस पार्टी से जुड़ी हैं, उस हिसाब से उनकी बेटी बहुत संस्कारी होनी चाहिए, लेकिन वो गोवा में बार चला रही है।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने उनकी 18 साल की बेटी पर ‘बार’ चलाने का आरोप लगाने के मामले कॉन्ग्रेस नेता पवन खेड़ा, जयराम रमेश और नेट्टा डिसूजा को कानूनी नोटिस थमा दिया है। इसमें उन्होंने उनकी बेटी जोइश के खिलाफ कॉन्ग्रेसी नेताओं द्वारा फैलाई जा रही गलत, भ्रामक और अपमानजनक बातों पर रोक लगाने की बात कही है। ईरानी ने कॉन्ग्रेस से अनकी बेटी से लिखित में तुरंत माफी माँगने और आरोपों को वापस लेने के लिए कहा है।

इस बीच कॉन्ग्रेस ने एक और दावा किया है। कॉन्ग्रेस का दावा है कि गोवा के कोर्जुएम गाँव में स्मृति ईरानी के नाम से एक आलीसान बंगला बना हुआ है। कॉन्ग्रेस के ट्विटर हैंडल आईएनसी टीवी में एक दस्तावेज के जरिए दावा किया गया है कि कथित तौर पर ईरानी का उक्त घर सिली सोल्स बार से केवल 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसके साथ ही एक तस्वीर में जुबिन ईरानी का नाम और 65 लाख रुपए के नंबर के साथ ही घर का पता भी लिखा है।

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि कॉन्ग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि स्मृति ईरानी की 18 साल की बेटी गोवा में बार चलाती हैं। खेड़ा ने कहा था कि ईरानी जिस पार्टी से जुड़ी हैं, उस हिसाब से उनकी बेटी बहुत संस्कारी होनी चाहिए, लेकिन वो गोवा में बार चला रही है।

इस पर केंद्रीय मंत्री ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बेटी के चरित्र का हनन करने के मामले में कॉन्ग्रेस को कोर्ट में घसीटने की चेतावनी दी थी। ईरानी ने कहा था, “18 साल की कॉलेज जाने वाली जिस बच्ची का कॉन्ग्रेस नेता ने कॉन्ग्रेस हेडक्वार्टर में चरित्र हनन किया। उस लड़की का दोष यह है कि उस लड़की की माँ ने 2014 और 2019 में अमेठी से राहुल गाँधी के खिलाफ चुनाव लड़ा। उस लड़की का दोष यह है कि उसकी माँ ने सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी की 5,000 करोड़ की लूट के ऊपर प्रेसवार्ता की।”

उन्होंने कॉन्ग्रेस से पूछा था कि कॉन्ग्रेस नेता ने मीडिया में हँस-हँस कर जो कागज दिखाते हुए दावा कर रहे हैं क्या वो बता सकते हैं कि उनमें लिखा क्या हुआ था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

मुस्लिमों को रिझाने में 2017 में औंधे मुँह गिरे थे अखिलेश, आरक्षण का वादा किया लेकिन घोषणापत्र खाली रहा: 2027 के चुनावी रण में...

मुस्लिम आरक्षण पर अखिलेश बयानों से लेकर मुलायम सिंह यादव की मुस्लिम राजनीति अपने पुराने ढर्रे पर रही है। हालाँकि अब यूपी में वोटर्स अपनी प्रथमिकताएँ बदल रहे हैं।
- विज्ञापन -